App

आप भी हो गए डिजिटल फ्रॉड का शिकार? 1 जनवरी से लागू हो रहा नया नियम; कितना मिलेगा पैसा

आरबीआई आम आदमी से जुड़ी राहत भरी खबर लेकर आया है. यदि आप भी किसी डिजिटल ठगी का शिकार हो जाते हैं तो आपको बैंक की तरफ से मुआवजा दिया जाएगा. यह मुआवजा कितना होगा? यह इस पर निर्भर करेगा कि आपके साथ फ्रॉड कितना हुआ है?

आप भी हो गए डिजिटल फ्रॉड का शिकार? 1 जनवरी से लागू हो रहा नया नियम; कितना मिलेगा पैसा
Image Credit: (AI) पीड़ितों को नुकसान का 85 प्रतिशत तक मुआवजा मिलेगा.

डिजिटल इंडिया के दौर में आजकल ऑनलाइन पेमेंट करना जितना आसान हुआ है. लेकिन इसके साथ ही डिजिटल फ्रॉड का खतरा भी बढ़ गया है. घर के बुजुर्ग और सीधे-साधे लोग इन ठगों के जाल में अक्सर फंस जाते हैं. खाते में से पैसा निकलने के बाद स्कैम का समझ आता है. लेकिन आरबीआई (RBI) आम जनता के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है. इसके बाद यदि आप भी किसी तरह की डिजिटल ठगी का शिकार हो जाते हैं तो आपको यह नुकसान अकेले नहीं उठाना पड़ेगा. रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार अब पीड़ितों को नुकसान का 85 प्रतिशत तक मुआवजा मिलेगा.

आरबीआई की तरफ से साफ कर दिया गया है कि यह नई पॉलिसी 1 जनवरी 2027 से लागू होने जा रही है. यह नियम शुरुआत में एक साल तक प्रभावी रहेगा. इसमें अच्छी बात यह है कि आरबीआई ने इस बार बैंकों पर बड़ी जिम्मेदारी डाली है. यदि किसी इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांसफर करते समय किसी तरह का फ्रॉड होता है तो कस्टमर की गलती साबित करने की पूरी जिम्मेदारी बैंकों की होगी. यानी बैंक आसानी से अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकेंगे.

किसी भी तरह के फ्रॉड पर मिलेगा मुआवजा

आरबीआई की नई गाइडलाइन में करीब सभी तरह की डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग सर्विस को शामिल किया गया है. इसके तहत पीओएस (PoC) से किये गए ट्रांजेक्शन, एटीएम ट्रांजेक्शन, डायरेक्ट डिपॉजिट, फोन बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग आदि शामिल हैं. यदि इन सभी में से किसी भी तरह से आपके अकाउंट से धोखे से पैसे कट गए तो आप नए नियम के तहत मुआवजे के लिए क्लेम फाइल करने के हकदार होंगे.

छह साल में 52976 करोड़ रुपये गंवाए

डिजिटल ठगी के शिकार होने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. इसका अंदाजा आप एनएचआरसी (NHRC) की रिपोर्ट से लगा सकते हैं. जून 2026 में जारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले छह साल के दौरान भारतीयों ने साइबर फ्रॉड में करीब 52,976 करोड़ रुपये गंवाए हैं. इसमें से करीब 8 प्रतिशत नुकसान केवल डिजिटल अरेस्ट जैसे स्कैम्स के कारण हुआ है. इस तरह के हालात को देखते हुए आरबीआई ने कस्टमर्स के वित्तीय हितों को ध्यान में रखते हुए यह सख्त कदम उठाया है.

कितना मिलेगा मुआवजा?

आरबीआई के अनुसार किसी भी तरह के डिजिटल फ्रॉड से जुड़े मामले में पीड़ित को उसके नुकसान का 85 प्रतिशत या अधिकतम 25,000 रुपये का मुआवजा मिल सकेगा. दोनों में से जो भी पैसा कम होगा, वहीं कस्टमर के अकाउंट में ट्रांसफर किया जाएगा. आपको बता दें मुआवजे की यह राशि केवल उन्हीं मामलों में दी जाएगी, जहां फ्रॉड की रकम 50,000 रुपये से ज्यादा न हो. इसके अलावा हर कस्टमर अपनी पूरी लाइफ में एक ही बार इस मुआवजे का फायदा उठा सकता है.

रिफंड की पूरी कैलकुलेशन

उदाहरण के तौर पर किसी के साथ 20,000 रुपये की ऑनलाइन ठगी होती है तो इसके बाद बैंक की जांच या रिकवरी में 10,000 रुपये वापसी मिल जाते हैं. इसके बाद आपका नेट लॉस कम होकर 10,000 रुपये का रह जाता है. नियम के अनुसार नेट लॉस का 85 प्रतिशत यानी 8,500 रुपये का मुआवजा आपको मिलेगा. लेकिन यदि नेट लॉस 40,000 रुपये होता है तो 85 प्रतिशत के हिसाब से यह रकम 34,000 रुपये बनती है. हालांकि, आरबीआई ने अधिकतम लिमिट 25,000 रुपये तय कर रखी है. इसलिए उस ग्राहक को 25,000 रुपये ही मिलेंगे. यदि फ्रॉड की रकम 50,000 रुपये से ज्यादा है तो आप मुआवजा पॉलिसी के दायरे से बाहर हो जाएंगे.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

Kriyanshu Saraswat

Kriyanshu Saraswat

क्रियांशु सारस्वत वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट (Business Journalist) हैं, उन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 साल का अनुभव है. मौजूदा समय में वह Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में बतौर 'असिस्टेंट न्यूज एडिटर' कार्यरत हैं. क्रियांशु को बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, टैक्सेशन, कमोडिटी और सरकारी योजनाओं आदि से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में महारथ हासिल है. Zee News से पहले क्रियांशु ने टाइम्स इंटरनेट, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला की वेबसाइट में अहम संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. इस दौरान क्रियांशु ने ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफस्‍टाइल लीड की जिम्मेदारी संभाली है. अभी क्रियांशु बिजनेस लीड हैं. यूपी से ताल्‍लुक रखने वाले क्र‍ियांशु पत्रकार‍िता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
Read More