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सोशल मीडिया पर रील स्क्रॉल करते हुए यदि आप भी 'पैसा डबल' करने के टिप्स ढूंढ रहे हैं तो ठहरिए. आरबीआई ने ऐसी खबर दी है, जो किसी भी क्रिप्टो रिटर्न को टक्कर दे रही है. यदि आपने भी आज से करीब छह साल पहले अप्रैल 2020 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में पैसे लगाए थे तो आप आपकी किस्मत चमक गई है. आरबीआई ने 2020-21 की सीरीज I के प्री-मैच्योर रिडेम्पशन का भाव तय किया है. 2020 में ऑनलाइन जिस 1 ग्राम सोने का दाम 4,589 रुपये था, उसकी कीमत अब बढ़कर 14,159 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गई है. इसका मतलब हुआ 200 प्रतिशत से भी ज्यादा का रिटर्न.
आसान भाषा में आप यह भी कह सकते हैं उस समय किया गया एक लाख रुपये का निवेश आज 3.09 लाख रुपये का बन चुका है. यह बात अप्रैल 2020 की, उस समय कोरोना महामारी की शुरुआत थी और दुनियाभर का बाजार सहमा हुआ था. उस समय आरबीआई की तरफ से एसजीबी 2020-21 सीरी I को जारी किया गया. उस समय इसका इश्यू प्राइस 4,639 रुपये प्रति ग्राम रखा गया. जिन लोगों ने डिजिटल पेमेंट करके इसके लिए ऑनलाइन अप्लाई किया, उन्हें 50 रुपये प्रति ग्राम का डिस्काउंट मिला और बॉन्ड का दाम घटकर रह गया 4,589 रुपये प्रति ग्राम.
अब 27 अक्टूबर 2026 को आरबीआई ने इस बॉन्ड का प्री-मैच्योर रिडेम्पशन प्राइस 14,159 रुपये प्रति ग्राम घोषित किया है. यह 28 अक्टूबर 2026 से लागू हो रहा है. यानी जिन लोगों ने इसे ऑनलाइन खरीदा था, उन्हें 4,589 रुपये के निवेश पर छह साल में 9,570 रुपये का सीधा फायदा हुआ. यह पूरा 208 फीसदी का रिटर्न होता है. जिन्होंने इसे ऑफलाइन कैश या नॉर्मल रेट 4,639 रुपये पर खरीदा, उन्हें भी 9,520 रुपये प्रति ग्राम (205.2%) का फायदा मिला. यदि किसी ने उस समय 20 ग्राम गोल्ड खरीदा होगा तो उसे कितना फायदा हुआ? आइए समझते हैं-
यानी आपकी तरफ से किया गया 91,780 रुपये का निवेश बढ़कर 2.83 लाख रुपये के पार निकल गया. इसी तरह यदि किसी ने एक लाख रुपये का निवेश किया होगा तो आज उसकी यह रकम बढ़कर 3.09 लाख रुपये पर पहुंच गई है. इसके अलावा इस पर मिलने वाला ढाई प्रतिशत सालाना का ब्याज अलग से है. एसजीबी (SGB) की खास बात यह है कि इसमें सोने के दाम बढ़ने का फायदा तो मिलता ही है, इसके साथ आरबीआई आपके निवेश पर ढाई फीसदी का सालाना ब्याज भी देता है.

यह ब्याज आपके बैंक अकाउंट में हर 6 महीने पर क्रेडिट होता है. अगर 20 ग्राम वाले एंगल पर ही बात करें तो इसमें आपने 91,780 रुपये का निवेश किया होगा. इस पर हर साल आपको करीब 2,294.50 रुपये सालाना का ब्याज मिला है. साढ़े छह साल का ब्याज जोड़कर यह 14,914 रुपये हो जाता है. यह रकम आपके 2.83 लाख रुपये के रिडेम्पशन अमाउंट से अलग है.
अक्सर लोग यही सोचते हैं कि RBI 14,159 रुपये वाला रिडेम्पशन प्राइस कहां से लाया है? इसका फॉर्मूला सिंपल है. आपको बता दें आरबीआई रिडेम्पशन डेट से ठीक पहले के तीन वर्किंग डेज के 999 प्योरिटी वाले गोल्ड का क्लोजिंग एवरेज रेट लेता है. 28 अक्टूबर के रिडेम्पशन के लिए आरबीआई ने इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की तरफ से 23 अक्टूबर, 26 अक्टूबर और 27 अक्टूबर 2026 को जारी रेट का एवरेज निकाला और ₹14,159 रुपये प्रति ग्राम का दाम तय कर दिया.
किसी भी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) का मैच्योरिटी पीरियड 8 साल का होता है. यानी अप्रैल 2020 में जारी हुआ बॉन्ड अप्रैल 2028 में जाकर अपनी मैच्योरिटी पूरी करेगा. लेकिन RBI का नियम यही कहता है कि 5 साल पूरे होने के बाद निवेशकों को हर ब्याज पेमेंट की तारीख पर प्री-मैच्योर एग्जिट का मौका मिलता है. इसलिए 28 अक्टूबर 2026 का यह रिडेम्पशन एक अर्ली एग्जिट विंडो है.
सबसे अहम सवाल यह है कि क्या पूरा 3.09 लाख रुपये आपकी जेब में बिना किसी टैक्स के आएगा? बजट 2026 के नए इनकम टैक्स रूल्स के अनुसार SGB पर 100% टैक्स छूट केवल उन्हीं लोगों को मिलती है, जो ओरिजिनल इश्यू के समय बॉन्ड खरीदते हैं और उसे पूरे 8 साल यानी मैच्योरिटी तक होल्ड करके रखते हैं. यदि आप 5 साल बाद प्री-मैच्योर रिडेम्पशन के तहत अपना पैसा निकाल रहे हैं तो आपको टैक्स छूट नहीं मिलेगी. प्री-मैच्योर एग्जिट पर मिलने वाले कैपिटल गेन पर आपको 12.5% का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स (LTCG) देना होगा. इसके अलावा इस पर सरचार्ज भी लगेगा. इसके अलावा ढाई फीसदी सालाना ब्याज भी नॉर्मल इनकम स्लैब के हिसाब से टैक्सेबल होता है.
यदि आपको अभी पैसों की जरूरत नहीं है तो एग्जिट से पहले आपको थोड़ा इंतजार करना ही सही रहेगा. यदि आप 2028 तक यानी पूरी मैच्योरिटी तक इंतजार कर सकते हैं तो आपको 12.5% का LTCG नहीं देना पड़ेगा और कैपिटल गेन टैक्स-फ्री हो जाएगा. लेकिन यदि आपको लगता है कि आने वाले समय में सोने के दाम गिर सकते हैं या आपको कहीं और बेहतर इन्वेस्टमेंट का चांस लगा रहा है तो आप 209% के रिटर्न के साथ एग्जिट कर सकते हैं.
(डिस्क्लेमर: जी मीडिया अपने पाठकों को किसी भी तरह के निवेश से जुड़ी सलाह या जानकारी नहीं देता. किसी भी तरह का वित्तीय फैसला लेने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से संपर्क करें.)