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विशाल सिंह/लखनऊ: मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण की मांग को लेकर 4 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाली 'धर्म संसद' से पहले राजधानी में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. आयोजन से ठीक पहले विश्व हिंदू रक्षा परिषद (VHRP) की ओर से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कई विवादित और तीखे पोस्टर लगाए गए हैं. इन पोस्टरों के जरिए सपा प्रमुख को धर्म संसद में शामिल होने का खुला आमंत्रण भेजा गया है. यह पोस्टर अभियान विश्व हिंदू रक्षा परिषद (VHRP) से जुड़े पदाधिकारियों की ओर से किए जाने की बात कही गई है.
रिपोर्ट के मुताबिक, 1090 चौराहा और अंबेडकर चौराहा समेत राजधानी के कई स्थानों पर ये पोस्टर लगाए गए हैं. अखिलेश यादव के आवास के आसपास भी पोस्टर लगाए जाने की बात सामने आई है. विश्व हिंदू रक्षा परिषद की महिला विंग अध्यक्ष प्रियंका ठाकुर और vhrp के प्रदेश अध्यक्ष बादल यादव ने अखिलेश यादव के आवास के पास पोस्टर्स लगाए. पोस्टरों में उनसे मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के भव्य मंदिर के निर्माण के लिए प्रस्तावित धर्म संसद में शामिल होने की अपील की गई है.
पोस्टर में अखिलेश यादव को क्या लिखा?
पोस्टर में अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा गया है कि मथुरा में श्रीकृष्ण मंदिर निर्माण के लिए लखनऊ में धर्म संसद आयोजित होने जा रही है. पोस्टर में उनसे इस कार्यक्रम में आकर मंदिर निर्माण के पक्ष में अपना रुख रखने की अपील की गई है. पोस्टर में राजनीतिक संदर्भ वाला एक संदेश भी लिखा गया है, जिसमें अखिलेश यादव के धार्मिक आयोजनों में शामिल होने को लेकर सवाल उठाया गया है। इसके साथ ही “अयोध्या-काशी तो बस झांकी है, अब केवल मथुरा ही बाकी है” जैसे शब्द भी इस्तेमाल किए गए हैं. पोस्टर में भगवान श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र के साथ दर्शाया गया है. इसके जरिए मथुरा स्थित कृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण की मांग को प्रमुखता से रखा गया है.
4 अक्टूबर को धर्म संसद का ऐलान
विश्व हिंदू रक्षा परिषद की ओर से 4 अक्टूबर को लखनऊ में धर्म संसद आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संगठन से जुड़े पोस्टरों में कृष्ण जन्मभूमि से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा और उन्हें पारित किए जाने की बात कही गई है. कार्यक्रम में संतों के शामिल होने का भी दावा किया गया है.
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक पोस्टरबाजी भी चर्चा में है. अभी हाल के दिनों में अखिलेश यादव से जुड़े अलग-अलग पोस्टरों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी सामने आई है. सितंबर में रायबरेली में सपा की पीडीए रथयात्रा के दौरान अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के रूप में दिखाने वाले पोस्टर भी चर्चा में रहे थे.
कृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा फिर चर्चा में
मथुरा का श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह परिसर से जुड़ा विवाद लंबे समय से अदालत और सार्वजनिक बहस का विषय रहा है. लखनऊ में इससे पहले भी सपा कार्यालय के बाहर कृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण को लेकर पोस्टर लगाए जा चुके हैं. जनवरी 2024 में लगाए गए एक पोस्टर में अखिलेश यादव से मंदिर निर्माण के आंदोलन में सहयोग करने और इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की अपील की गई थी.
फिलहाल 4 अक्टूबर की प्रस्तावित धर्म संसद से पहले लगाए गए नए पोस्टरों ने कृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे को लखनऊ की राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है. वहीं, अखिलेश यादव की ओर से इन पोस्टरों और धर्म संसद के निमंत्रण पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी नजर रहेगी. इन पोस्टरों पर समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन इसने राजधानी का सियासी पारा बढ़ा दिया है.