पूर्व DM दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री: नई पार्टी 'जननीति भारत' का ऐलान, जानिए कहां से ठोकेंगी चुनावी ताल!
दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिर्जापुर सदर सीट से मैदान में उतर सकती हैं. मिर्जापुर से उनका पुराना प्रशासनिक जुड़ाव रहा है, जहां वह बतौर जिलाधिकारी (DM) अपनी कार्यशैली को लेकर काफी लोकप्रिय रही थीं.
Ex IAS Divya Mittal New party: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया और दिलचस्प अध्याय जुड़ गया है. प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने वाली चर्चित पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने राजनीतिक सफर का औपचारिक आगाज कर दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी नई राजनीतिक पार्टी 'जननीति भारत पार्टी' के गठन की घोषणा की है. इसके साथ ही, उन्होंने आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरने का भी ऐलान किया है.
नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान
13 साल तक प्रशासनिक सेवा में अपनी सेवाएं देने के बाद, पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने 'जननीति भारत पार्टी' नाम से नए दल की शुरुआत की है.उन्होंने वीडियो के जरिए पार्टी के उद्देश्यों और जनता से जुड़े मुद्दों पर काम करने की बात स्पष्ट की है.
मिर्जापुर सदर सीट से चुनावी ताल
दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए मिर्जापुर सदर सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा की है. मिर्जापुर और देवरिया जैसे जिलों में बतौर जिलाधिकारी (DM) अपने कार्यकाल के दौरान वह अपनी कार्यशैली को लेकर काफी लोकप्रिय रही थीं.
जनहित और वास्तविक जरूरतों पर आधारित होगी नीतियां
घोषणा के दौरान दिव्या मित्तल ने अपनी पार्टी के मुख्य तीन वचनों को देश और प्रदेश की जनता के सामने रखते हुए कहा कि देश की नीतियों के केंद्र में आम लोग होंगे और नीतियां किसी कागजी आंकड़ों के बजाय जनता की वास्तविक जरूरतों के आधार पर तय की जाएंगी. किसानों और छोटे व्यापारियों से जुड़ी समस्याओं का समाधान उनके जमीनी अनुभवों के आधार पर तैयार किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि राज्य में हर विकास कार्य और प्रशासनिक फैसला किसी की जाति, धर्म या पहचान देखकर नहीं, बल्कि जनता की वास्तविक आवश्यकता के आधार पर किया जाएगा. इसके साथ ही महिलाओं की सुरक्षा और स्थानीय विकास कार्यों में भी सीधी जन-भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी.
डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए मूल्यांकन
'जन नीति भारत' पार्टी ने शासन प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने का खाका खींचा है। इसके तहत सरकारी योजनाओं, बजट और विकास कार्यों से जुड़ी हर एक जानकारी सीधे जनता के मोबाइल पर उपलब्ध कराई जाएगी. अनोखी पहल के रूप में जनता अपने क्षेत्र के स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों की स्थिति को हरे, पीले और लाल रंगों के माध्यम से रेटिंग देकर खुद मूल्यांकन और सुधार प्रक्रिया का हिस्सा बनेगी.
"राजनीति नहीं, जननीति" का नारा
पूर्व आईएएस अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी यह राजनीतिक लड़ाई किसी बड़े विज्ञापन या भारी-भरकम फंड से नहीं लड़ी जाएगी, बल्कि यह घर-घर जाकर जनता के बीच लड़ी जाने वाली मुहिम होगी. उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील करते हुए कहा कि वे इस मुहिम से जुड़ें और "राजनीति नहीं, जननीति" के इस संदेश को दूर-दूर तक फैलाएं.
सियासी गलियारों में चर्चा
प्रशासनिक अधिकारी से राजनेता बनीं दिव्या मित्तल के इस कदम से पूर्वांचल की राजनीति के समीकरण काफी दिलचस्प हो गए हैं. उनके इस ऐलान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.
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