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Chandauli Intercaste Marriage/ संतोष जायसवाल: अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने की सजा अगर अपनों की नजरों में मौत बन जाए, तो इससे दर्दनाक और क्या होगा? उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने परिवार की मर्जी के खिलाफ लव मैरिज करने से नाराज होकर अपनी जिंदा बेटी का पिंडदान कर दिया. यह घटना न सिर्फ इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि सामाजिक परंपराओं और गुस्से की पराकाष्ठा पर गंभीर सवाल भी खड़े कर रही है.
परिवार के खिलाफ जाकर की शादी
यह मामला जिला मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर दूर सदर कोतवाली क्षेत्र के जगदीशसराय गांव का है. यहां के किसान प्रकाश सिंह की 20 वर्षीय बेटी नेहा सिंह ने परिवार की सहमति के बिना अपनी पसंद के युवक सावन से कोर्ट मैरिज कर ली थी. 24 वर्षीय सावन पशुपालन विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी किशोरी पासवान का बेटा है. दोनों अलग-अलग जातियों से ताल्लुक रखते हैं.
दो महीने पहले घर छोड़कर गई नेहा
नेहा दो महीने पहले घर छोड़कर सावन के साथ सोनभद्र चली गई थी, जहां कोर्ट मैरिज करने के बाद दोनों पति-पत्नी की तरह रह रहे हैं. परिवार ने नेहा को बहुत समझाया और वापस लाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन वह अपने प्यार और फैसले पर अडिग रही. उसका कहना था वह सावन को खुद से भी ज्यादा प्यार करती है. वह उसे धोखा नहीं दे सकती. दोनों एक-दूसरे का मरते दम तक साथ देंगे.
नाराज पिता ने कर दिया पिंडदान
बेटी के इस बगावती तेवर और परिवार की प्रतिष्ठा को लगे झटके से आहत पिता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. संयोग ऐसा था कि यह सब पितृपक्ष के दौरान हुआ. प्रकाश सिंह ने शनिवार शाम को गुस्से और नाराजगी में सभी हदें पार कर दी. उन्होंने घर से करीब 200 मीटर दूर पीपल के पेड़ के नीचे अपनी जिंदा बेटी का पिंडदान कर डाला. उनका कहना है कि माता-पिता बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए बहुत त्याग करते हैं. उनकी इच्छा होती है कि बच्चे जीवन के बड़े फैसलों में परिवार को साथ रखें. उनकी भावनाओं का सम्मान करें.
पिता के फैसले से परिवार सहमत
प्रकाश सिंह के मुताबिक, उन्हें बेटी के इस तरह शादी करने से दुख पहुंचा और उन्होंने उसका श्राद्ध कर्म कर दिया. नेहा के चाचा पप्पू सिंह ने भी बड़े भाई के इस फैसले का खुला समर्थन किया. उन्होंने कहा कि नेहा ने ग्रेजुएशन किया है. परिवार ने उसे बेटे की तरह पाला. परिवार के लोग चाहते थे कि नेहा अपनी जाति में शादी करे, लेकिन उसके दूसरे जाति के युवक से शादी करने के फैसले से हम लोगों को चोट पहुंची है. परिवार बड़े भाई के फैसले से सहमत है.
यह अजीबोगरीब मामला अब हर किसी की जुबान पर है. जहां एक तरफ युवा अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने की आजादी चाहते हैं, वहीं दूसरी तरफ ऑनर और सामाजिक प्रतिष्ठा के नाम पर उठाए गए ऐसे कदम इंसानियत को झकझोर कर रख देते हैं.