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पवन कुमार तिवारी/बलरामपुर: बलरामपुर जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के चरन गहिया बेल्हा गांव में शनिवार रात करीब 10:30 बजे तेज रफ्तार कार ने दुर्गा पंडाल में मौजूद लोगों को रौंद दिया. हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए हैं. अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है. घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई.
बलरामपुर हादसे पर सीएम ने मुआवजे का किया ऐलान
सीएम योगी ने बलराम हादसे में मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख व घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक मदद का ऐलान किया है.
टेंट तोड़कर पंडाल में घुसी तेज रफ्तार कार
गांव में सड़क किनारे दुर्गा माता का मंदिर है. मंदिर के बगल में सड़क से नीचे टेंट लगाकर पर्दे पर वीडियो दिखाया जा रहा था. इसी दौरान अनियंत्रित होकर आ रही कार टेंट का कुछ हिस्सा तोड़ते हुए वहां मौजूद लोगों पर चढ़ गई. कार की चपेट में आने से सात लोग घायल हो गए. हादसे में बाइक भी क्षतिग्रस्त हुई, जबकि कार को भी नुकसान पहुंचा.
तीन लोगों की मौत, चार घायल
हादसे में मनोज सिंह (30), गणेश कुमार (40) और पातेश्वरी (36) की इलाज के दौरान मौत हो गई. वहीं छेदी गुप्ता, डब्लू गुप्ता, मुकेश तिवारी और धूप राम घायल हुए हैं. घायलों का इलाज जारी है. घटना में कुछ अन्य लोगों को भी हल्की चोटें आईं, लेकिन वे अस्पताल नहीं पहुंचे.
'फोन आने से मंदिर चला गया, वरना मैं भी नहीं बचता''
घटनास्थल पर मौजूद जितेंद्र उपाध्याय ने बताया कि वह रात करीब 10 बजे तक पंडाल में थे. इसी बीच फोन आने पर वह मंदिर में चले गए. उनके मुताबिक, कुछ ही देर बाद वहां हादसा हो गया. उन्होंने कहा कि अगर वह भी पंडाल में मौजूद होते, तो शायद वह भी इसकी चपेट में आ जाते.

प्रत्यक्षदर्शी ने आरोप लगाया कि कार चालक शराब के नशे में था और इसी वजह से उसने लोगों को कुचल दिया. हालांकि, चालक के नशे में होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
पुलिस हिरासत में कार और चालक
क्षेत्राधिकारी नगर अभिषेक सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर दुर्घटनाकारी कार को पकड़ लिया है. साथ ही, कार के चालक को भी हिरासत में ले लिया गया है. पुलिस द्वारा पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं.