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उम्र 70 साल, हौसला आज भी जवान: उत्तराखंड के पहाड़ों में दादी से मिली सोलो ट्रैवलर; Video देख नम हुईं आंखें

उत्तराखंड के पहाड़ों में घूमने निकली आभा शर्मा को रास्ते में एक ऐसी महिला मिलीं, जिनसे मुलाकात उनके सफर की सबसे खास बन गई. काली शिला से नीचे उतरते समय उनकी मुलाकात 70 साल की एक पहाड़ी दादी से हुई. कई किलोमीटर तक मुश्किल रास्तों पर चलने के बाद भी दादी के चेहरे पर मुस्कान थी.

Written By Santosh Kumar Mishra
Published: Oct 22, 2026, 07:42 AM IST | Updated: Oct 22, 2026, 07:59 AM IST
Image Credit: @flowbyabha | उत्तराखंड के पहाड़ों में दादी से मिली सोलो ट्रैवलर आभा शर्मा!
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कभी-कभी घूमने के लिए निकले लोग किसी ऐसी जगह या इंसान से मिल जाते हैं, जिसकी याद सफर खत्म होने के बाद भी साथ रहती है. आभा शर्मा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. उत्तराखंड के काली शिला इलाके में सोलो ट्रैवल के दौरान उनकी मुलाकात 70 साल की एक पहाड़ी दादी से हो गई.

आभा अकेले घूमने निकली थीं. पहाड़ों के बीच चलते हुए उन्हें अंदाजा नहीं था कि इस सफर में एक ऐसी मुलाकात होने वाली है, जो उन्हें जिंदगी को देखने का नया नजरिया देगी. उनकी बातें और हौसला देखकर आभा इतनी प्रभावित हुईं कि इस मुलाकात को जिंदगी भर याद रखने की बात कही. आभा की इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

'हम देश के जवान हैं, न रुके हैं, न थमे हैं'

आभा ने अपनी पोस्ट में बताया कि दादी उत्तराखंड में कालीमठ के पास एक गांव की रहने वाली हैं. वह एक फौजी की पत्नी हैं और उनके चार बेटे हैं. आभा से बातचीत के दौरान दादी बार-बार कह रही थीं, "हम देश के जवान हैं, न रुके हैं, न थमे हैं... ऐसा कौन सा काम है, जो हम कर नहीं सकते?" दादी की ये बातें आभा के दिल को छू गईं. उन्होंने महसूस किया कि किसी इंसान की ताकत का अंदाजा सिर्फ उसकी उम्र देखकर नहीं लगाया जा सकता. जिंदगी के अनुभव और आगे बढ़ते रहने का जज्बा भी इंसान को मजबूत बनाता है.

आभा बोलीं- असली ताकत इसी को कहते हैं

आभा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि दादी से मिलकर उन्हें समझ आया कि असली ताकत सिर्फ शारीरिक फिटनेस नहीं है. कई बार इंसान के अंदर का हौसला उसे मुश्किल हालात में भी आगे बढ़ने की ताकत देता है. दादी की उम्र 70 साल थी, लेकिन उनके बात करने के अंदाज और चेहरे की मुस्कान में गजब की ऊर्जा थी. आभा के लिए यह देखकर हैरान होना स्वाभाविक था कि इतने कठिन रास्ते पर चलने के बाद भी दादी जिंदगी को कितने सहज अंदाज में जी रही थीं. उनकी बातों में किसी तरह की बनावट नहीं थी. वह जिस तरह अपनी जिंदगी और सफर के बारे में बात कर रही थीं, उसी ने आभा पर गहरी छाप छोड़ी.

 

 

पहाड़ी लोगों की सादगी ने जीता दिल

आभा ने पहाड़ों में रहने वाले लोगों की सादगी और अपनापन भी अपनी पोस्ट में बताया हैं. उनके अनुसार, पहाड़ी लोगों की जिंदगी में मुश्किलें जरूर होती हैं, लेकिन उनसे निपटने का उनका अंदाज काफी कुछ सिखा जाता है. उनका मानना है कि जिंदगी को समझने के लिए हमेशा किसी मोटिवेशनल स्पीच या बड़ी सीख की जरूरत नहीं होती. कभी-कभी किसी आम इंसान के साथ कुछ कदम चलना और उसकी बातें सुनना भी काफी होता है. दादी से हुई मुलाकात ने उन्हें यही एहसास कराया. एक तरफ पहाड़ों का मुश्किल रास्ता था, तो दूसरी तरफ दादी का बेफिक्र अंदाज. यही छोटी सी मुलाकात उनके लिए एक बड़ी सीख बन गई.

'यह ट्रिप जिंदगी भर याद रहेगी'

आभा ने इंस्टाग्राम पर अपनी ट्रैवल जर्नी से जुड़ा वीडियो शेयर करते हुए बताया कि वह काली शिला से सिर्फ यादें लेकर नहीं लौट रही हैं, बल्कि इस सफर से उन्हें कुछ ऐसा भी मिला है, जिसे वह लंबे समय तक अपने साथ रखेंगी. आभा खुद को टैरो कार्ड रीडर बताती हैं. इसके साथ ही वह जर्नलिंग गाइड और मूवमेंट कोच भी हैं. वह सोशल मीडिया पर अपनी यात्राओं से जुड़े अनुभव शेयर करती रहती हैं. इस बार उनकी पोस्ट को पसंद करने की वजह पहाड़ों का खूबसूरत नजारा भर नहीं है. लोगों को एक ऐसी महिला का जज्बा देखने को मिला, जिसने उम्र को अपनी राह की रुकावट नहीं बनने दिया. दादी के साथ कुछ किलोमीटर का सफर आभा के लिए यादगार बन गया.

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About the Author

संतोष मिश्रा जी न्यूज में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह पिछले 4.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ट्रैवल, फीचर, ऑफबीट, ट्रेंडिंग और वायरल खबरों के साथ-साथ टेक और साइंस से जुड़ी खबरों में भी उनकी विशेष विशेषज्ञता है. उनकी खबरें अपनी विश्वसनीयता और सटीक जानकारी के लिए जानी जाती हैं. आसान और सहज भाषा में लिखे गए उनके कंटेंट को पाठक काफी पसंद करते हैं. सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X, Reddit, Threads और Facebook) पर उनकी अच्छी पकड़ है. वह ट्रेंडिंग विषयों पर लगातार नजर रखते हैं और फ्रेश व यूनिक खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं. संतोष मिश्रा इससे पहले News Nation और India Ahead जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) किया है.
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