26 लाख का टिकट, ट्रेन में बाथटब और 500 शाही पकवान: भारत की 'महाराजा एक्सप्रेस' में बैठा अमेरिकी कपल; बोला- दुनिया में ऐसा कहीं नहीं
भारत में ट्रेन का सफर आमतौर पर खिड़की वाली सीट, चाय-कॉफी और रास्ते में बदलते नजारों के लिए याद किया जाता है. लेकिन अमेरिकी यूट्यूबर कपल कारा और नेट ने जब महाराजा एक्सप्रेस में कदम रखा, तो उनका अनुभव बिल्कुल अलग था. मुंबई से दिल्ली तक सात दिन के इस सफर के लिए उन्होंने करीब 26 लाख रुपये खर्च किए. ट्रेन के अंदर पर्सनल सुइट, बाथटब और शाही स्वागत देखकर दोनों हैरान रह गए.
मशहूर अमेरिकी ट्रैवल व्लॉगर कारा और नेट दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में घूमने और वहां से मिले अनोखे अनुभव अपने वीडियो के जरिए लोगों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं. इस बार उन्होंने भारत की लग्जरी ट्रेन महाराजा एक्सप्रेस का सफर चुना. दोनों ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस यात्रा का वीडियो भी शेयर किया, जिसमें ट्रेन के अंदर की सुविधाओं से लेकर रास्ते में मिलने वाले अनुभवों तक की झलक दिखाई गई.
इस सफर की कीमत करीब 28 हजार डॉलर, यानी लगभग 26 लाख रुपये बताई गई. इतनी कीमत सुनकर किसी के मन में भी सवाल आ सकता है कि आखिर एक ट्रेन यात्रा में ऐसा क्या खास है, जिसके लिए इतना पैसा खर्च किया जाए? कारा और नेट के अनुभव ने इस सवाल का जवाब ट्रेन के पहले ही हिस्से में देना शुरू कर दिया. यहां बात सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने की नहीं थी. पूरी यात्रा को इस तरह तैयार किया गया था कि यात्रियों को होटल जैसी सुविधाएं और घूमने का खास अनुभव एक साथ मिल सके.
सुइट में बाथटब देखकर रह गए हैरान
ट्रेन के अंदर पहुंचने के बाद कपल को 'हीरा' सुइट दिखाया गया. यहां का नजारा किसी सामान्य ट्रेन के डिब्बे से काफी अलग था. कमरे में बैठने के लिए आरामदायक कुर्सियां थीं. पर्सनल वाई-फाई की सुविधा, मिनी बार और सलीके से तैयार किया गया इंटीरियर भी मौजूद था. लेकिन जिस चीज ने कारा और नेट का सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, वह बाथरूम में लगा बाथटब था. ट्रेन में सफर करते समय बाथटब की कल्पना शायद ही कोई करता हो. ऐसे में एक चलते हुए रेल डिब्बे के अंदर यह सुविधा देखकर दोनों के लिए हैरान होना स्वाभाविक था. कपल ने बताया कि वे इससे पहले भी कई ट्रेन यात्राएं कर चुके हैं, लेकिन इस तरह की सुविधा उनके लिए नया अनुभव थी. सुइट में जगह और आराम का इंतजाम देखकर उन्हें लगा कि यह यात्रा आम रेल सफर से बिल्कुल अलग होने वाली है.
सात दिन में 500 से ज्यादा डिशेज का दावा
महाराजा एक्सप्रेस की खासियत सिर्फ इसके कमरे नहीं हैं. यहां खाने-पीने पर भी खास ध्यान दिया जाता है. कारा और नेट को यात्रा के दौरान एक कुक भी बुक कर दी गई, जिसमें बताया गया कि इस हफ्ते उन्हें 500 से ज्यादा लोकल व्यंजनों का स्वाद चखने का मौका मिलेगा. इसका मतलब हर दिन खाने की मेज पर कुछ नया मिलने की उम्मीद थी. भारतीय खाने में अलग-अलग इलाकों के मसाले, स्वाद और पकाने के तरीके होते हैं. ऐसी यात्रा में इनका अनुभव करना भी सफर का बड़ा हिस्सा बन जाता है. वीडियो में शेफ जॉन ने कपल को खास सब्जियों का शोरबा परोसा. इसका स्वाद दोनों को पसंद आया. जब शेफ से इसके स्वाद का राज पूछा गया, तो उन्होंने सब्जियों को 45 मिनट तक उबालने, काली मिर्च और प्यार से खाना तैयार करने की बात कही. इस छोटी सी बातचीत ने खाने के अनुभव को और यादगार बना दिया.
ओरिएंट एक्सप्रेस से भी की तुलना
कारा और नेट ने वीडियो में अपने एक पुराने अनुभव का भी जिक्र किया. उन्होंने पहले बुडापेस्ट से पेरिस के बीच ओरिएंट एक्सप्रेस की यात्रा की थी. उनके अनुसार, उस यात्रा में भी करीब 28 हजार डॉलर खर्च हुए थे, लेकिन सफर की अवधि लगभग 24 घंटे थी. इसके मुकाबले महाराजा एक्सप्रेस में उन्हें इसी कीमत के आसपास सात दिन बिताने का मौका मिला. हालांकि, दोनों ट्रेनों के रूट, सुविधाओं और यात्रा के अनुभव अलग हैं, इसलिए केवल कीमत और समय के आधार पर उनकी सीधी तुलना करना सही नहीं होगा. महाराजा एक्सप्रेस के इस पैकेज में खाने-पीने और कई पहले से तय पर्यटन गतिविधियों जैसी सुविधाएं शामिल बताई गईं. ऐसे में टिकट लेने के बाद यात्रियों को हर छोटी चीज के लिए अलग से इंतजाम करने की जरूरत कम पड़ती है.
उदयपुर पहुंचते ही हुआ शाही स्वागत
इस यात्रा का एक खास पड़ाव उदयपुर भी था. झीलों के शहर पहुंचने पर कपल का स्वागत फूलों की पंखुड़ियों से किया गया. यहां उन्हें घूमने के लिए एक पर्सनल कार और गाइड की सुविधा मिली. कारा और नेट ने पिछोला झील में बोटिंग की. झील के आसपास का नजारा और शहर की खूबसूरती उन्हें काफी पसंद आई. इसके बाद दोनों लोकल मार्केट में भी घूमे और रंग-बिरंगी कांच की चूड़ियां खरीदीं. इस तरह ट्रेन के अंदर मिलने वाला आराम स्टेशन से बाहर निकलने के बाद भी जारी रहा. उन्हें सिर्फ ट्रेन से उतरकर किसी ग्रुप के साथ तय जगहों पर नहीं जाना था, बल्कि अपने गाइड के साथ शहर को करीब से देखने का मौका मिला.
थकान मिटाने के लिए फुट मसाजर भी
दिनभर घूमने के बाद जब दोनों वापस ट्रेन में लौटे, तो उनके आराम का भी इंतजाम था. वीडियो में बताया गया कि पैरों की थकान दूर करने के लिए फुट मसाजर जैसी सुविधा मौजूद थी. यही वे छोटी-छोटी चीजें हैं, जो इस तरह के लग्जरी सफर को आम यात्रा से अलग बनाती हैं. दिन में नई जगह घूमना, लोकल मार्केट देखना और फिर रात में आरामदायक सुइट में लौटना इस अनुभव का हिस्सा था.
क्या हर यात्री के लिए ऐसा सफर है खास?
महाराजा एक्सप्रेस का अनुभव देखकर यह समझ आता है कि लग्जरी ट्रेन यात्रा का मकसद सिर्फ जल्दी पहुंचना नहीं होता. यहां ट्रेन के अंदर का माहौल, खाना, पर्सनल सुविधाएं और रास्ते में घूमने के इंतजाम भी पैकेज का हिस्सा होते हैं. लेकिन करीब 26 लाख रुपये का किराया हर किसी के बजट में नहीं आ सकता. इसलिए इसे सामान्य ट्रेन यात्रा के विकल्प के तौर पर नहीं देखा जा सकता. यह खास तौर पर पर्यटन अनुभव के लिए उपयुक्त है. अब कारा और नेट का वीडियो यूट्यूब पर लोगों को खूब पसंद आ रहा है. लोग कमेंट सेक्शन में उन दोनों के अनुभव की तारीफ कर रहे हैं.