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ब्रिटिश यूट्यूबर गोगो और उनकी पार्टनर ने इंदौर से उज्जैन के सफर में वीरभूमि एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कूपे में सफर किया. ट्रेन का सफर शुरू होते ही गोगो और के की नजरें अपने कूपे में मौजूद सुविधाओं पर टिक गईं. सफर के लिए उन्हें जो जगह मिली थी, वह किसी छोटे होटल के कमरे जैसी लग रही थी. अंदर साफ चादरें, तकिए और कंबल रखे थे. ये सभी सामान पेपर पैकेट में पैक थे. कूपे में मोबाइल चार्ज करने के लिए प्लग, पढ़ने के लिए अलग लाइट, सामान रखने की जगह और एक बड़ा शीशा भी था.
कमरे जैसी इस जगह को देखकर दोनों काफी खुश नजर आए. गोगो ने कूपे के साइज को देखकर इसकी तुलना होटल के कमरों से भी की. उनका कहना था कि यह जगह कुछ होटलों के कमरों से भी बड़ी और शानदार लग रही है. उनके लिए यह अनुभव इसलिए भी खास था, क्योंकि भारतीय ट्रेन में इस तरह की सुविधाएं उन्हें पहली बार देखने को मिली थीं. उन्होंने अपने इस अनुभव का वीडियो बनाकर अपने यूट्यूब चैनल पर शेयर किया है, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है.
सफर के दौरान गोगो ने कूपे के बाथरूम को भी देखा. वहां शॉवर और गीजर जैसी सुविधाएं मौजूद थीं. इन चीजों ने उनके अनुभव को और खास बना दिया. विदेशी यात्रियों के लिए ट्रेन में सफर का मतलब सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचना नहीं था. वे यह भी देख रहे थे कि लंबी यात्रा के दौरान यात्रियों को किस तरह की सुविधाएं मिलती हैं. कूपे के अंदर की साफ-सफाई और बाथरूम की व्यवस्था देखकर उन्हें अच्छा लगा. वीडियो में दोनों इस सफर के अलग-अलग हिस्सों को कैमरे में कैद करते नजर आते हैं. उनके चेहरे पर दिख रही खुशी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह यात्रा उनके लिए सामान्य ट्रेन सफर से कुछ अलग थी.
इस यात्रा का सबसे दिलचस्प पल तब आया, जब कूपे के दरवाजे पर दस्तक हुई. दरवाजा खुला तो सामने एक वेंडर था, जो गर्मागर्म डोमिनोज पिज्जा लेकर पहुंचा था. ट्रेन के भीतर पिज्जा मिलने की बात गोगो और के के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं थी. बताया गया कि उन्हें करीब 220 रुपये में पिज्जा मिला. सफर के बीच पसंद का खाना मिल जाए तो यात्रा का मजा अपने आप बढ़ जाता है, लेकिन यहां विदेशी यात्रियों के लिए यह अनुभव कुछ ज्यादा ही खास था. गोगो ने ट्रेन के अंदर पिज्जा पहुंचाने के इस इंतजाम की तारीफ की. उन्हें यह एक अच्छा बिजनेस आइडिया भी लगा. उनके लिए यह जानना दिलचस्प था कि यात्रा के दौरान यात्री अपनी सीट या कूपे पर ही पिज्जा मंगवा सकते हैं.
गोगो ने सिर्फ अपने फर्स्ट एसी कूपे तक ही सफर को सीमित नहीं रखा. वह ट्रेन के दूसरे हिस्सों में भी गए और वहां मौजूद यात्रियों से बातचीत की. इसी दौरान उनकी मुलाकात गुजरात के प्रतीक और हेमंत से हुई. दोनों उज्जैन के महाकाल मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे. बातचीत के दौरान प्रतीक ने बताया कि इस ट्रेन में कई यात्री भगवान शिव के दर्शन के लिए उज्जैन की यात्रा कर रहे हैं. यह मुलाकात विदेशी यूट्यूबर के लिए भारत में ट्रेन यात्रा के एक और पहलू को समझने का मौका थी. यहां लोग सिर्फ काम या घूमने के लिए ही नहीं, बल्कि धार्मिक यात्राओं के लिए भी रेल का इस्तेमाल करते हैं. ट्रेन में अलग-अलग जगहों से आए यात्रियों से मिलना भी इस तरह के सफर का हिस्सा है.
गोगो और के के इस सफर के लिए करीब 1900 रुपये का किराया बताया गया. दोनों ने कूपे में मिलने वाली सुविधाओं को देखते हुए अपने अनुभव को काफी अच्छा बताया. इंग्लैंड जैसे देश में ट्रेन यात्रा की कीमत और सुविधाओं को लेकर तुलना करना स्वाभाविक है. गोगो ने अपने वीडियो में भारतीय रेल के इस अनुभव को पसंद किया. हालांकि, ट्रेन का किराया दूरी, टिकट और यात्रा की तारीख के हिसाब से अलग हो सकता है. इसलिए इस एक सफर के आधार पर हर ट्रेन या हर फर्स्ट एसी टिकट की कीमत और सुविधाओं का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता.
सफर के अंत में एक और बात ने दोनों को प्रभावित किया. उन्होंने अपने वीडियो में बताया कि ट्रेन सुबह अपने तय समय से करीब 30 मिनट पहले इंदौर पहुंच गई. स्टेशन पर उतरते समय दोनों का उत्साह वीडियो में साफ दिखाई दे रहा था. गोगो और के ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस यात्रा का वीडियो शेयर किया, जिसमें कूपे से लेकर ट्रेन के अंदर मिलने वाली सुविधाओं तक के कई पल शामिल हैं. उन्होंने कहा कि उनका मन ट्रेन से उतरने का नहीं कर रहा था और वे चाहते थे कि सफर चलता रहे.
वीडियो सामने आने के बाद भारतीय रेल में विदेशी यात्रियों के अनुभव को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई. कई दर्शकों को यह देखकर अच्छा लगा कि विदेशी मेहमान ट्रेन के सफर, साफ-सफाई और खाने की सुविधा को इतने उत्साह से देख रहे हैं. इस कहानी की खास बात सिर्फ होटल जैसे कूपे या ट्रेन में पिज्जा मिलने तक सीमित नहीं है. गोगो और के ने यात्रा के छोटे-छोटे पलों को भी अपने वीडियो में जगह दी. यही पल किसी अनजान जगह के सफर को यादगार बना देते हैं. उनका अनुभव यह भी दिखाता है कि किसी देश को समझने के लिए वहां की सड़कों और मशहूर पर्यटन स्थलों के अलावा ट्रेन में किया गया सफर भी काफी कुछ बता सकता है.