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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक लॉ स्टूडेंट की कहानी काफी वायरल हो रही है, जिसने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ पार्ट-टाइम के रूप में ब्लिंकिट डिलीवरी पार्टनर का काम शुरू किया है. इस छात्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पहले दिन की कमाई और अनुभव को खुलकर शेयर किया है, जिसे देखकर आज के यूथ को भी काफी मोटिवेशन मिल रहा है.
आजकल के यूथ्स के बीच पार्ट-टाइम जॉब्स का क्रेज काफी तेजी से बढ़ रहा है. सोशल मीडिया पर एक लॉ स्टूडेंट का पोस्ट बहुत वायरल हुआ है, जो कानून की पढ़ाई यानी LLB कर रहा है और साथ में क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट के लिए डिलीवरी पार्टनर का काम भी कर रहा है. इस छात्र का नाम केवल देसाई है. केवल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पहले दिन के काम का पूरा हिसाब-किताब शेयर किया है. उन्होंने बताया कि ब्लिंकिट के साथ उनका यह अनुभव बेहद शानदार और आसान रहा.
केवल देसाई ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्होंने शुरुआत में केवल दो घंटे काम किया और 6 डिलीवरी पूरी करके 149 रुपये कमाए. खास बात यह रही कि उनके पास एथर का इलेक्ट्रिक स्कूटर है, जिसकी वजह से उनका पेट्रोल का खर्च बिल्कुल शून्य यानी जीरो रहा. उन्होंने आगे बताया कि उन्हें घूमना-फिरना बहुत पसंद है और इसी बहाने वह शहर में घूम भी लेते हैं और साथ में पैसे भी कमा लेते हैं.
इसके बाद केवल ने एक और डिटेल्ड पोस्ट शेयर किया जिसमें उन्होंने अपने पूरे दिन के काम की पूरी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि उन्होंने कुल छह घंटे और तीस मिनट काम किया. इस दौरान उन्होंने लगभग 51 किलोमीटर का सफर तय किया, जिसमें घर वापस लौटने का रास्ता शामिल नहीं है. केवल का मुख्य पेशा कानून की पढ़ाई करना है और वह अपनी पढ़ाई के छोटे-मोटे खर्चों को खुद उठाने के लिए यह पार्ट-टाइम काम कर रहे हैं.
This is a part time gig I am doing for some obvious reasons. I’m pursing LLB as my primary profession. Along side working to support some obvious expenses incurred. Day 1 ended on a good note. Ended up delivering 19 orders in ~ 6:30 hours. Did around ~51 kms just for the order delivery (return kms not counted). Earned : ₹508 (₹75 incentive included) and ₹100 as bonus for achieving target. Cost - ₹0 (I own Ather EV and charging costed me ₹0 home charging still 0) Had to end the gig due to commitment to studies and at the same time battery was about to die. @letsblinkit @deepigoyal @albinder You guys really made Blinkit a boon for people like me. It’s just so efficient to work with it and it’s smooth too.
— Kaval Desai (@thecurious_12) October 13, 2026
उनके शेयर किए गए आंकड़ों के मुताबिक, उन्होंने अपनी इस शिफ्ट में कुल 508 रुपये कमाए, जिसमें 75 रुपये का इंसेंटिव भी शामिल था. इसके अलावा उन्हें एक टारगेट पूरा करने पर 100 रुपये का एक्स्ट्रा बोनस भी मिला, यानी लगभग 700 रुपये की कमाई की. पेट्रोल का खर्च जीरो होने की वजह से उनकी पूरी कमाई सुरक्षित रही क्योंकि उन्होंने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर को घर पर ही चार्ज कर लिया था.
काम खत्म करने के बाद केवल ने लिखा कि पढ़ाई की प्रतिबद्धताओं और स्कूटर की बैटरी खत्म होने की वजह से उन्हें अपना काम रोकना पड़ा. उन्होंने इस मौके के लिए ब्लिंकिट प्लेटफॉर्म का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि आप लोगों ने वास्तव में ब्लिंकिट को हम जैसे लोगों के लिए एक वरदान बना दिया है. इसके साथ काम करना बहुत ही आसान और स्मूथ है.
जैसे ही केवल का यह पोस्ट इंटरनेट पर वायरल हुआ, लोगों ने ताबड़तोड़ कमेंट्स करना शुरू कर दिया. ज्यादातर लोगों ने इस कंपनी की तारीफ की और इसे पढ़ाई करने वाले बच्चों के लिए बेहतरीन पार्ट-टाइम कमाई का जरिया बताया. एक यूजर ने तो यह तक लिख दिया कि भाई गिग जॉब का मतलब ही यही होता है, पर हमारे देश में लोग इसे फुल-टाइम नौकरी मानकर बैठ जाते हैं. वहीं दूसरे शख्स ने अपनी बात रखते हुए कहा कि देश के युवाओं को ऐसे ही छोटे-मोटे कामों से जुड़ना चाहिए ताकि वे पढ़ाई के साथ असल दुनिया का तजुर्बा भी पा सकें और अपनी पॉकेट मनी खुद निकाल सकें.