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किसी के करियर की आखिरी फ्लाइट वैसे ही भावुक पल होती है. इतने साल आसमान में बिताने के बाद जब कोई पायलट आखिरी बार कॉकपिट से अपनी ड्यूटी पूरी करता है, तो उसके साथ काम करने वाले लोग उस दिन को खास बनाना चाहते हैं. इंडिगो की इस फ्लाइट में भी कुछ ऐसा ही हुआ.
केबिन क्रू की सदस्य आशु यादवड़े ने कैप्टन की आखिरी फ्लाइट को यादगार बनाने के लिए कुछ अलग करने का फैसला किया. उन्होंने फ्लाइट में ही केक बनाने की ठानी. खास बात यह थी कि वह कोई शेफ नहीं हैं और उनके पास कोई बड़ा किचन या बेकिंग ओवन भी नहीं था.
आशु ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में बताया कि वह शेफ तो नहीं हैं, लेकिन कैप्टन के लिए कुछ मीठा बनाने की कोशिश जरूर करेंगी. इसके बाद वह फ्लाइट में उपलब्ध सामान से केक तैयार करती नजर आती हैं. उन्होंने सबसे पहले चॉकलेट बिस्किट को अच्छी तरह से तोड़ा. इसके बाद इसमें और कुकीज, कोको मिक्स और चीनी मिलाई. मिश्रण को तैयार करने के बाद उन्होंने इसमें मक्खन और दूध डाला. आखिर में ऊपर से कटे हुए बादाम डालकर उसे सजाया गया. यह पूरा काम विमान के अंदर ही किया गया और धीरे-धीरे एक साधारण सा मिश्रण केक जैसा दिखने लगा.
केक तैयार होने के बाद आशु ने सबसे पहले अपने साथियों को इसे चखाया. क्रू के दूसरे सदस्य केक का स्वाद लेते और उसकी तारीफ करते नजर आए. इस दौरान उन्होंने विमान में मौजूद एक बच्चे को भी केक खिलाया. बच्चे के चेहरे की खुशी ने वीडियो को और प्यारा बना दिया. सोशल मीडिया पर लोगों ने खास तौर पर इस पल को पसंद किया. आखिर में केक को कैप्टन के सामने ले जाया गया. कैप्टन इस सरप्राइज को देखकर खुश नजर आए. इसके बाद उन्होंने केबिन क्रू के साथ मिलकर केक काटा और अपनी आखिरी फ्लाइट के इस खास पल को यादगार बना लिया.
आशु ने वीडियो के साथ लिखा कि कैप्टन की लास्ट फ्लाइट के लिए उन्होंने केक बनाया और सभी को उसे खाते देखकर उनका दिल खुशी से भर गया. वीडियो में यह पूरा माहौल किसी बड़ी पार्टी जैसा नहीं था. न कोई महंगा केक था और न ही कोई बड़ा सेलिब्रेशन. बस फ्लाइट में मिलने वाली चीजों से तैयार किया गया एक छोटा सा सरप्राइज था, जिसने कैप्टन और उनके साथ काम करने वाले लोगों के लिए उस दिन को खास बना दिया. यही सादगी सोशल मीडिया यूजर्स को सबसे ज्यादा पसंद आई.
वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने के बाद तेजी से वायरल हो गया. लास्ट अपडेट तक इसे 24 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका था. बड़ी संख्या में लोगों ने कमेंट कर केबिन क्रू की इस कोशिश की तारीफ की. एक यूजर ने लिखा कि 36 हजार फीट की ऊंचाई पर दिखाई गई यह क्रिएटिविटी बेहद खास थी. एक दूसरे यूजर को यह स्कूल के दिनों की उस परंपरा की याद दिला गई, जिसमें बिस्किट और बॉर्नविटा जैसी चीजों से केक तैयार किया जाता था. एक अन्य यूजर ने लिखा कि सीमित सामान के बावजूद कुछ अच्छा और खूबसूरत बनाने की क्षमता ही असली क्रिएटिविटी है. उसने खास तौर पर उस बच्चे के चेहरे की खुशी का जिक्र किया, जिसे केक खिलाया गया था.
हालांकि, ज्यादातर लोगों ने वीडियो की तारीफ की, लेकिन एक यूजर ने केबिन क्रू पर तंज भी कस दिया. उसने सवाल उठाया कि कहीं इसी वजह से फ्लाइट में सर्विस धीमी तो नहीं हुई. यूजर ने यह भी पूछा कि इंडिगो में ओवन नहीं होता तो केक कैसे बनाया गया. आशु ने इस कमेंट का जवाब भी दिया, लेकिन बिना बहस बढ़ाए. उन्होंने साफ किया कि केक उस समय बनाया गया था, जब 10 घंटे की फ्लाइट में यात्री सो रहे थे और क्रू का रेस्ट पीरियड चल रहा था. इसलिए इसका पैसेंजर सर्विस में देरी से कोई लेना-देना नहीं था. उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित फ्लाइट वेट लीज पर थी और कमेंट करने वाले से पहले पूरा संदर्भ समझने की अपील की.
किसी कैप्टन की लास्ट फ्लाइट सिर्फ एक ड्यूटी खत्म होने का दिन नहीं होती. उसके साथ सालों की मेहनत, यात्राएं और कई यादें जुड़ी होती हैं. ऐसे में साथ काम करने वालों की तरफ से किया गया छोटा सा सरप्राइज भी काफी मायने रखता है. इस मामले में भी केबिन क्रू ने कोई महंगा तोहफा देने के बजाय अपने हाथों से कुछ बनाने का फैसला किया. प्लेन में मौजूद सामान से तैयार किया गया वह केक शायद किसी फाइव स्टार बेकरी के केक जैसा न रहा हो, लेकिन उसके पीछे की भावना ने उसे खास बना दिया.
आशु का यह वीडियो सिर्फ फ्लाइट में केक बनाने की कहानी नहीं है. यह उस माहौल की झलक भी देता है, जहां साथ काम करने वाले लोग किसी के करियर के खास पड़ाव को अपनी तरफ से यादगार बनाने की कोशिश करते हैं. कैप्टन की आखिरी उड़ान के दौरान 36 हजार फीट ऊपर बना यह छोटा सा केक अब सोशल मीडिया पर हजारों लोगों के लिए एक प्यारा पल बन चुका है. और शायद यही इस कहानी की सबसे अच्छी बात है कि यादगार बनाने के लिए हमेशा बड़ा इंतजाम जरूरी नहीं होता, कभी-कभी दिल से की गई छोटी सी कोशिश ही काफी होती है.