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कई बार ठग किसी को लालच देकर पैसे नहीं ऐंठते, बल्कि उसके मन में डर पैदा करते हैं. हांगकांग की इस बुजुर्ग महिला के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, साउ माउ पिंग इलाके में रहने वाली 66 साल की महिला को अक्टूबर महीने की शुरुआत में एक अनजान शख्स का फोन आया.
कॉल करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर महिला को बताया कि उनका एक बैंक अकाउंट मनी लॉन्ड्रिंग यानी गैरकानूनी तरीके से कमाए गए पैसे को छिपाने के मामले से जुड़ा हुआ है. यह वही अकाउंट था, जिसका इस्तेमाल महिला ने ऑनलाइन इंश्योरेंस खरीदने के लिए किया था.
फोन करने वाले ने महिला को भरोसा दिलाया कि मामला गंभीर है और इसकी जांच चल रही है. उसने कहा कि जांच की प्रक्रिया पूरी करने के लिए महिला को कुछ तय बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने होंगे. महिला को लगा कि शायद उनके बैंक अकाउंट से जुड़ी कोई गड़बड़ी हो गई है. पुलिस या जांच एजेंसी से परेशानी न हो, इसी डर में उन्होंने कॉल करने वाले की बात मान ली. इसके बाद महिला ने बताए गए बैंक अकाउंट में पहली बार 20 लाख हांगकांग डॉलर ट्रांसफर किए. इसके बाद उन्होंने दूसरी बार 7 लाख हांगकांग डॉलर और भेज दिए. इस तरह कुल रकम 27 लाख हांगकांग डॉलर हो गई, जो भारतीय करेंसी में करीब 3 करोड़ रुपये होती है.
महिला को शायद अंदाजा भी नहीं था कि वह जिस जांच के नाम पर पैसे भेज रही हैं, वह असल में ठगी का पूरा जाल है. पहली बार पैसे ट्रांसफर करने के बाद भी ठगों ने उन्हें दूसरी बार पैसे भेजने के लिए तैयार कर लिया. दोनों ट्रांजैक्शन पूरे होने के बाद महिला को शक हुआ कि कहीं उनके साथ धोखाधड़ी तो नहीं हुई है. जब उन्हें पूरे मामले की गंभीरता समझ आई तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने तड़के करीब 5 बजे पुलिस को इस घटना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि उन्हें एक संदिग्ध फोन आया था और उसी के बाद उन्होंने अलग-अलग खातों में पैसे भेजे थे.
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने इस मामले को धोखाधड़ी के तौर पर दर्ज किया. फिलहाल अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी. पुलिस जांच में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला को फोन करने वाला शख्स कौन था और जिन बैंक अकाउंट में पैसे भेजे गए, वे किसके नाम पर हैं. इतनी बड़ी रकम होने की वजह से यह मामला चीन के सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया.
हांगकांग में इस तरह की ठगी का तरीका नया नहीं है. वहां का एंटी-डिसेप्शन कोऑर्डिनेशन सेंटर पहले भी लोगों को ऐसे फोन कॉल से सावधान कर चुका है. इस तरह के मामलों में ठग खुद को बैंक कर्मचारी या पुलिस अधिकारी बताकर फोन करते हैं. फिर वे कहते हैं कि सामने वाले व्यक्ति के बैंक अकाउंट से संदिग्ध लेनदेन हुआ है या उसका नाम मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों में आया है. इसके बाद जांच और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया जाता है. ठग पीड़ित को भरोसा दिलाते हैं कि अगर वह बताए गए बैंक अकाउंट में पैसे जमा कर देगा तो मामला सुलझ जाएगा. घबराहट में कई लोग उनकी बातों में आ जाते हैं और अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं.
हांगकांग की एजेंसियों ने लोगों से साफ तौर पर कहा है कि असली पुलिस अधिकारी या जांच एजेंसी किसी व्यक्ति से जांच के नाम पर किसी तय बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहती. अगर किसी अनजान नंबर से ऐसा फोन आता है तो उसकी बातों पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए. कॉल करने वाला खुद को कितना भी बड़ा अधिकारी बताए, उसकी पहचान की पुष्टि किसी आधिकारिक नंबर या संबंधित विभाग से अलग से करनी चाहिए. हांगकांग पुलिस ने लोगों की मदद के लिए 24 घंटे चलने वाली एंटी-स्कैम हेल्पलाइन 18222 भी शुरू कर रखी है.
इस घटना में महिला ने किसी महंगे सामान या बड़े मुनाफे के लालच में पैसे नहीं गंवाए. ठगों ने उन्हें सिर्फ जांच और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया. यही डर धीरे-धीरे इतना बढ़ा कि उन्होंने बिना पूरी जानकारी जुटाए करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए. ऐसे मामलों में सबसे जरूरी है कि किसी भी फोन कॉल पर घबराकर कोई आर्थिक फैसला न लिया जाए. बैंक अकाउंट या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी बात सुनते ही पैसे भेजने के बजाय पहले संबंधित बैंक और पुलिस से संपर्क करना चाहिए. क्योंकि एक गलत कॉल पर किया गया भरोसा जिंदगीभर की जमा पूंजी छीन सकता है.