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आजकल ट्रेन में सफर करते वक्त सिर्फ अपने सामान का ही नहीं, बल्कि अपने आसपास घूम रहे लोगों का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी हो गया है. महाराष्ट्र से बिहार जा रही एक ट्रेन में कुछ ऐसा हुआ, जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे. आधी रात को 2 बजे जब पूरी ट्रेन गहरी नींद में सो रही थी, तब एक महिला खुद को TTE बताकर यात्रियों की टिकट चेक करने लगी. मामला तब बिगड़ा जब उसने बिना टिकट वाले यात्री को सादे कागज पर रसीद लिखकर दे दी.
सोचिए आप ट्रेन में चैन की नींद सो रहे हों और रात के 2 बजे कोई आपको जगाकर कहे कि "टिकट दिखाओ." जाहिर है आप हड़बड़ी में उठेंगे. महाराष्ट्र से बिहार जा रही एक ट्रेन में भी यात्रियों के साथ ऐसा ही हुआ. एक महिला, जिसने न तो रेलवे की यूनिफॉर्म पहनी थी और न ही उसके पास कोई पहचान पत्र था, खुद को टीटीई बताकर यात्रियों के टिकट चेक करने लगी.
इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 'नीतू' नाम की एक यूजर ने दी. नीतू ने ट्रेन के अंदर की फोटो शेयर करते हुए बताया कि यह महिला आधी रात को डिब्बे में घुसी और सोए हुए लोगों को उठाकर टिकट मांगने लगी.
चेकिंग के दौरान उस महिला को एक ऐसा पैसेंजर मिला जिसके पास टिकट नहीं था. वहीं एक दूसरा यात्री अपना टिकट दिखाने में झिझक रहा था. फर्जी महिला टीटीई ने तुरंत कहा कि इनका टिकट नया बनाना पड़ेगा. इसके बाद उसने जो किया, उसने सबको चौंका दिया. महिला ने अपने बैग से कोई ऑफिशियल रेलवे की टिकट बुक या मशीन निकालने के बजाय एक बिल्कुल सादा कागज निकाला. सादे कागज पर नाम पूछकर रसीद लिखने की यह हरकत देखकर ट्रेन में बैठे दूसरे यात्रियों को शक हो गया. बिना यूनिफॉर्म के सादे पन्ने पर चालान काटते देख लोगों का माथा ठनका और उन्होंने उससे पूछताछ शुरू कर दी.
जब एक सतर्क यात्री ने महिला से उसका ऑफिशियल आईकार्ड दिखाने को कहा, तो वह भड़क गई. उसने पहचान पत्र दिखाने से साफ मना कर दिया और उल्टा अकड़ दिखाते हुए कहा कि वह अपनी आईडी सिर्फ किसी रेलवे अधिकारी को ही दिखाएगी. जब पैसेंजर्स ने उस पर दबाव बनाना शुरू किया और सवालों की झड़ी लगा दी, तो वह घबरा गई. पकड़े जाने के डर से उसने बहस करना शुरू कर दिया और यात्री पर ही परेशान करने का आरोप लगाने लगी. इसके बाद मौका देखते ही उसने अपने चेहरे पर मास्क लगाया और भीड़ का फायदा उठाकर ट्रेन के दूसरे डिब्बे की तरफ रफूचक्कर हो गई.
इस घटना की तस्वीरें और पोस्ट इंटरनेट पर आते ही तेजी से वायरल हो गईं. लोगों ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यूजर नीतू ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अगर यह महिला सच में एक फर्जी टीटीई थी और यात्रियों से पैसे वसूल रही थी, तो ट्रेन में मौजूद सुरक्षाकर्मियों या रेलवे स्टाफ की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी?
सोशल मीडिया पर यूजर्स इस बात को लेकर काफी नाराज दिखे. एक यूजर ने लिखा कि ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा से समझौता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि अब तो ट्रेन में सफर करते समय खुद ही बहुत सतर्क रहना पड़ेगा, क्योंकि लोग रात के अंधेरे का फायदा उठाकर किसी को भी बेवकूफ बना सकते हैं.
मामला बढ़ता देख भारतीय रेलवे के आधिकारिक अधिकारियों की नजर भी इस वायरल पोस्ट पर पड़ी. रेलवे अथॉरिटी ने पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए यूजर से पूरी जानकारी मांगी है. रेलवे ने यात्री से ट्रेन नंबर, पीएनआर नंबर, मोबाइल नंबर और घटना की तारीख व समय शेयर करने को कहा है, ताकि इस मामले की पूरी जांच की जा सके और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके.