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भारत जैसे देश में जहां आज भी खेती बहुत हद तक मानसून और मौसम के भरोसे चलती है, वहां सूखा या पानी की कमी किसी भयानक सपने से कम नहीं होती है. लेकिन अब इस पुरानी और लाचार तस्वीर को बदलने के लिए देश के सबसे बेहतरीन तकनीकी संस्थान यानी IIT Bombay ने एक कमाल का कदम उठाया है. आईआईटी बॉम्बे ने हाल ही में KrishiDrought.in नाम से एक नया और बेहद शानदार पब्लिक वेब पोर्टल लॉन्च किया है. इस पोर्टल की सबसे खास बात यह है कि यह देश के किसानों को कृषि सूखे की चेतावनी पूरे एक महीने यानी चार हफ्ते पहले ही दे देगा.

क्या है KrishiDrought पोर्टल और यह कैसे काम करता है?
इस पोर्टल को आईआईटी बॉम्बई के Ecohydrology Research Group ने तैयार किया है, जिसे प्रोफेसर कार्तिकेयन लंका लीड कर रहे हैं. इस प्रोजेक्ट में संस्थान के CSRE (Centre of Studies in Resources Engineering) और Centre for Climate Studies के वैज्ञानिकों, छात्रों और रिसर्चर्स ने मिलकर दिन-रात मेहनत की है. इसे सीएसआरई के गोल्डन जुबली सेलिब्रेशन के दौरान औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया है. अब सवाल यह आता है कि यह सिस्टम इतनी सटीक भविष्यवाणी आखिर करता कैसे है. बता दें, यह कोई आम वेबसाइट नहीं है, बल्कि इसके पीछे बहुत तगड़ा साइंस और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है. यह पोर्टल इन चीजों का कॉम्बिनेशन है:
इन तमाम आधुनिक इनपुट्स की मदद से यह पोर्टल लगातार ट्रैक करता रहता है कि जमीन के अंदर मिट्टी की नमी में क्या बदलाव आ रहे हैं. जैसे ही इसे लगता है कि किसी इलाके में सूखे के हालात बन रहे हैं, यह तुरंत उसकी सटीक जानकारी फ्लैग कर देता है.
IIT Bombay launches https://t.co/ml4mirkDHw We are pleased to announce the launch of https://t.co/ml4mirkDHw, a public portal providing weekly agricultural drought forecasts across India, with up to four weeks of advance warning at approximately 9 km spatial resolution (provided at district level). Developed by the Ecohydrology research group led by Prof. Karthikeyan Lanka at CSRE and the Centre for Climate Studies, IIT Bombay, the system integrates satellite observations, hydroclimatic datasets, dynamical forecasts and advanced deep learning models to provide information on evolving soil moisture conditions and agricultural drought. The portal aims to support farmers, government agencies and other stakeholders in making timely decisions, preparing for droughts and mitigating potential agricultural losses. The portal was formally launched on 28th October 2026 during the Golden Jubilee celebrations of CSRE, IIT Bombay. A big congratulations to the students and researchers who made this possible! Explore the forecasts: https://t.co/9NrTMhJBk5
— IIT Bombay (@iitbombay) November 1, 2026
जिला स्तर पर मिलेगी जानकारी, लगभग 9 किमी का रिजोल्यूशन
इस पोर्टल की एक और बहुत बड़ी खूबी इसका डेटा है. यह सिस्टम लगभग 9 किलोमीटर के स्पैटियल रिजोल्यूशन पर डेटा जनरेट करता है और इसे सीधे जिला स्तर पर पेश करता है. इसका मतलब यह हुआ कि आप बहुत ही स्थानीय स्तर पर यह जान सकते हैं कि आपके जिले या आसपास के इलाके में नमी का क्या हाल है.
हालांकि, आईआईटी बॉम्बे ने अपनी घोषणा में यह साफ नहीं किया है कि यह जानकारी किसानों तक सीधे मोबाइल मैसेज या किसी ऐप के जरिए कैसे पहुंचेगी, लेकिन इतना तय है कि krishidrought.in वेबसाइट पर जाकर कोई भी इसे ऑनलाइन आसानी से देख सकता है. यह पोर्टल खास तौर पर किसानों, सरकारी एजेंसियों और खेती से जुड़े दूसरे स्टेकहोल्डर्स के लिए डिजाइन किया गया है.

समय रहते सही कदम उठाने का मौका मिलेगा
जरा सोचिए, अगर किसी किसान को यह बात एक महीने पहले ही पता चल जाए कि आने वाले हफ्तों में उसके इलाके में सूखा पड़ सकता है या मिट्टी की नमी तेजी से घटने वाली है, तो वह पहले से ही सतर्क हो सकता है.
समय पर मिलने वाली इस जानकारी से बहुत से बड़े फायदे हो सकते हैं:
सिंचाई की सही प्लानिंग: किसान भाई पानी की उपलब्धता को देखते हुए अपनी फसलों की सिंचाई पहले से प्लान कर सकते हैं ताकि पानी की एक-एक बूंद का सही इस्तेमाल हो सके.
क्रॉप मैनेजमेंट के फैसले: कौन सी फसल लगानी चाहिए और किसे अभी टालना बेहतर है, इस बारे में सही फैसले लिए जा सकते हैं.
फसल के नुकसान से बचाव: समय रहते प्रिवेंटिव उपाय करके किसान अपनी मेहनत की कमाई को बर्बाद होने से बचा सकते हैं और संभावित नुकसान को कम से कम कर सकते हैं.
जलवायु बदलाव के दौर में एक जरूरी पहल
आज के समय में जब मौसम का मिजाज हर साल बदल रहा है, कभी बहुत ज्यादा बारिश तो कभी बिल्कुल सूखा, ऐसे में सिर्फ किस्मत के भरोसे खेती करना बहुत रिस्की हो गया है. रिसर्चर्स को पूरी उम्मीद है कि KrishiDrought पोर्टल भारत में कृषि योजना और सूखा-जोखिम प्रबंधन (drought-risk management) के लिए एक बहुत बड़ा हथियार साबित होगा.