'ब्रिटेन से मीलों आगे है भारत का हेल्थ सिस्टम:' लंदन छोड़ लखनऊ में इलाज कराने आया विदेशी कपल, VIDEO में कही दिल की बात
भारत में इलाज कराने आए एक ब्रिटिश कपल का अनुभव इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. डेव फ्ल्यू अपनी पत्नी के साथ लखनऊ में IVF ट्रीटमेंट करा रहे हैं. उनका कहना है कि यहां अस्पताल में जांच, अपॉइंटमेंट और रिपोर्ट मिलने की प्रक्रिया काफी तेज रही. डेव ने ब्रिटेन में एक्स-रे रिपोर्ट के लिए एक महीने तक इंतजार करने का अपना अनुभव भी शेयर किया और भारत में इलाज के खर्च को कम बताया.
अगर विदेश में इलाज कराने की बात हो, तो आमतौर पर लोगों के मन में बड़े अस्पताल, महंगा खर्च और लंबी प्रक्रिया जैसी बातें आती हैं. लेकिन ब्रिटेन से भारत आए डेव फ्ल्यू का अनुभव इससे अलग रहा. वह अपनी पत्नी के साथ लखनऊ पहुंचे हैं, जहां दोनों IVF यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन ट्रीटमेंट करा रहे हैं.
डेव ने इसको लेकर अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया. इसमें उन्होंने बताया कि भारत में इलाज के दौरान उन्हें कई ऐसी सुविधाएं मिलीं, जिनकी उन्होंने उम्मीद नहीं की थी. अस्पताल की व्यवस्था से लेकर स्टाफ के व्यवहार तक, कई चीजों ने उन्हें प्रभावित किया. उन्होंने अपने वीडियो में भारतीय हेल्थकेयर सिस्टम की जमकर तारीफ की. डेव ने UK में अपने पुराने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि भारत का हेल्थ सिस्टम ब्रिटेन से काफी बेहतर है.
'यहां आकर मेरा नजरिया बदल गया'
डेव ने अपने वीडियो में कहा कि भारत में हेल्थकेयर की व्यवस्था ने उन्हें हैरान कर दिया. उनके अनुसार, लखनऊ के मैक्स स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में IVF ट्रीटमेंट का पूरा अनुभव काफी अच्छा रहा. उन्होंने बताया कि अपॉइंटमेंट के समय से लेकर जरूरी जांच कराने तक, हर काम व्यवस्थित तरीके से हुआ. डेव ने अपने वीडियो में आगे कहा कि अस्पताल में इंटरनेशनल पेशेंट्स के लिए बने लाउंज का स्टाफ भी काफी मददगार था. उनके लिए यह अनुभव इसलिए भी खास रहा, क्योंकि इलाज के दौरान मरीज और उसके परिवार को पहले से ही काफी इमोशनल दबाव से गुजरना पड़ता है. ऐसे में अगर अस्पताल की प्रक्रिया आसान हो, तो परेशानी कुछ कम हो जाती है.
ब्रिटेन में एक्स-रे रिपोर्ट के लिए करना पड़ता है इंतजार?
डेव ने भारत और ब्रिटेन के हेल्थ सिस्टम का अंतर बताते हुए अपनी एक परेशानी का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में एक्स-रे कराने के बाद उसकी रिपोर्ट मिलने के लिए उन्हें एक महीने या उससे भी ज्यादा समय तक इंतजार करना पड़ सकता है. इसके विपरीत, लखनऊ में उन्हें जांच कराने के बाद रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा. डेव के अनुसार, अस्पताल में उन्हें एक ही बिल्डिंग के अंदर अलग-अलग टेस्ट कराने के लिए कहा गया. उन्होंने जांच कराई और करीब 15 मिनट से एक घंटे के अंदर रिपोर्ट मिल गई. उनका कहना था कि इतनी तेजी से जांच और रिपोर्ट मिलने का अनुभव उनके लिए नया था.
इलाज में तेजी और कम खर्च ने किया प्रभावित
डेव ने सिर्फ जांच की तेजी की ही तारीफ नहीं की, बल्कि भारत में इलाज के खर्च को भी बजट के अंदर बताया. उन्होंने कहा कि एक ही जगह पर जरूरी सर्विस मिलना और कम समय में जांच पूरी हो जाना उनके लिए काफी राहत भरा रहा. आपको बता दें कि IVF ट्रीटमेंट एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें मरीज को कई स्टेप्स से गुजरना पड़ सकता है. इसमें जांच, डॉक्टर से सलाह और इलाज के अलग-अलग हिस्से शामिल होते हैं. ऐसे में अस्पताल की व्यवस्था और समय पर मिलने वाली जानकारी मरीज के अनुभव को बेहतर बना सकती है. डेव ने कहा कि भारत में उन्हें जिस तरह की सुविधाएं और तेजी देखने को मिली, उसे समझ पाना उनके लिए थोड़ा मुश्किल था. उनके वीडियो में मेन बात यही थी कि भारत में उन्हें अपनी उम्मीद से बेहतर अनुभव मिला.
इंटरनेशनल मरीजों के लिए भी सुविधाएं
डेव ने अपने अनुभव में अस्पताल के इंटरनेशनल लाउंज का भी जिक्र किया. विदेश से इलाज कराने आने वाले मरीजों के लिए भाषा, अपॉइंटमेंट, जांच और अस्पताल की प्रक्रिया को समझना कई बार मुश्किल हो जाता है. ऐसे में मदद करने वाला स्टाफ उनके लिए काफी काम का साबित हो सकता है. भारत में इलाज कराने आने वाले विदेशी मरीजों के अनुभव अलग-अलग हो सकते हैं. अस्पताल, बीमारी, इलाज की जरूरत और मरीज की स्थिति के हिसाब से सुविधाओं में अंतर भी रहता है. डेव ने अपने वीडियो में जिस अस्पताल का जिक्र किया, वहां उन्हें जो अनुभव मिला, उसी के आधार पर उन्होंने अपनी राय सोशल मीडिया पर शेयर की.
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?
डेव का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दीं. कई लोगों ने भारत में इलाज की सुविधाओं और कम कीमत पर मिलने वाली मेडिकल सेवाओं की तारीफ की. कुछ यूजर्स ने ब्रिटेन में जांच और रिपोर्ट मिलने में होने वाली देरी को लेकर सवाल भी पूछे. एक यूजर ने लिखा कि ब्रिटेन में दस मिनट में होने वाली एक्स-रे जांच की रिपोर्ट के लिए एक महीने तक इंतजार क्यों करना पड़ता है. एक अन्य यूजर ने कहा कि भारत में घरेलू मदद और इलाज जैसी सेवाएं कई मामलों में कम खर्च पर मिल सकती है. कुछ लोगों ने भारत में मेडिकल टूरिज्म यानी इलाज के लिए विदेश से आने वाले मरीजों के बढ़ते चलन का भी जिक्र किया. हालांकि, सोशल मीडिया पर आए कमेंट लोगों की व्यक्तिगत राय हैं. इनके आधार पर दोनों देशों की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की तुलना नहीं की जा सकती.