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कई साल विदेश में रहने के बाद जब कोई NRI परिवार भारत लौटता है तो उसके लिए यह सिर्फ एक ट्रिप नहीं होती. पुराने रिश्तों से मिलने, घर का खाना खाने और त्योहार परिवार के साथ मनाने की एक अलग ही खुशी होती है. अमेरिका में रहने वाले डिजिटल क्रिएटर नितिन मल्होत्रा की पत्नी भी करीब छह साल बाद भारत आई थीं.
उनका प्लान करीब तीन महीने दिल्ली-गुरुग्राम में रहना था, जिससे वह परिवार के साथ यहां दशहरा, दिवाली और दूसरे त्योहार अच्छे से मना सकें. लेकिन इस बार भारत लौटने का अनुभव उनकी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. कुछ ही दिनों में रोजमर्रा की कई चीजें उन्हें परेशान करने लगीं और आखिर में 9 महीने की बेटी की तबीयत खराब होने के बाद वापसी का फैसला लेना पड़ा.
नितिन ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए वीडियो में बताया कि उनकी पत्नी खुद ड्राइव नहीं करतीं. भारत आने के पहले हफ्ते में ही उन्हें दिल्ली के ट्रैफिक और सड़क पर गाड़ियों के चलने के तरीके से परेशानी होने लगी. अमेरिका में कई साल रहने के बाद यहां का ट्रैफिक उन्हें काफी अलग लगा. पत्नी की परेशानी देखकर नितिन ने उनके लिए ड्राइवर तक रख दिया, जिससे उन्हें खुद गाड़ी चलाने या ट्रैफिक में परेशान होने की जरूरत न पड़े. लेकिन दिक्कत सिर्फ ट्रैफिक तक सीमित नहीं थी.
दूसरे हफ्ते में गर्मी और उमस ने उनकी परेशानी बढ़ा दी. इसी दौरान दिल्ली-गुरुग्राम में बारिश के बाद कई जगह जलभराव की स्थिति भी बनी, जिससे एक जगह से दूसरी जगह जाना आसान नहीं रहा. नितिन के मुताबिक, उनकी पत्नी को दिल्ली का मौसम काफी गर्म और ह्यूमिड लगा. अमेरिका के मौसम की आदत पड़ जाने के बाद लंबे समय बाद भारत लौटने पर यहां की उमस उन्हें ज्यादा महसूस हुई. बारिश के बाद सड़कों पर पानी और ट्रैफिक ने सफर को और मुश्किल बना दिया.
तीसरे हफ्ते तक आते-आते पत्नी की एक और चिंता सामने आई. नितिन के अनुसार, वह नल का पानी पीने में सहज महसूस नहीं कर रही थीं और परिवार बोतलबंद पानी पर निर्भर था. यहां यह बात भी ध्यान देने वाली है कि अलग-अलग इलाकों में पानी की क्वालिटी और लोगों की आदतें अलग हो सकती हैं. इसलिए वीडियो में कही गई बात को पूरे दिल्ली या भारत की स्थिति के तौर पर देखना सही नहीं होगा. फिर वह हुआ, जिसके बाद तीन महीने की पूरी ट्रिप का प्लान बदल गया.
इतना ही नहीं, यहां के माहौल से नितिन की 9 महीने की बेटी की तबीयत खराब हो गई. इतने छोटे बच्चे के बीमार पड़ने के बाद परिवार की चिंता स्वाभाविक थी. आखिरकार नितिन ने पत्नी और बेटी की वापसी का टिकट बुक कर दिया. नितिन ने अपने वीडियो में बताया कि वह जिस ट्रिप को तीन महीने का प्लान करके भारत आए थे, वह सिर्फ तीन हफ्ते में खत्म हो गई. नितिन ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उनकी पत्नी छह साल बाद भारत गई थीं, लेकिन तीन हफ्ते में ही वापस लौट रही हैं. उन्होंने दिल्ली की ड्राइविंग, उमस और मौसम को लेकर पत्नी के अनुभव का जिक्र किया. बच्ची और पत्नी की तबीयत खराब होने को उन्होंने वापसी का सबसे बड़ा कारण बताया.
इसके फॉलोअप वीडियो में नितिन ने बारिश और जलभराव की वजह से आने-जाने में हुई परेशानी के बारे में भी बताया. उनका कहना था कि कई रास्तों पर पानी भरने की वजह से सफर करना मुश्किल हो गया था. उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका में कई साल रहने के बाद उनकी पत्नी दिल्ली के ट्रैफिक और सड़क की स्थिति की आदी नहीं रही थीं. यह अनुभव सिर्फ मौसम या ट्रैफिक का मामला नहीं था. लंबे समय बाद भारत लौटने वाले किसी व्यक्ति को कई छोटी-छोटी चीजें भी पहले से बिल्कुल अलग लग सकती हैं. रोजमर्रा की आदतें बदल जाती हैं और वही बदलाव कई बार काफी बड़ा महसूस होता है.
नितिन ने बताया कि आखिर में जब उनकी बेटी की तबीयत खराब हुई तो उन्होंने ज्यादा सोचने के बजाय वापसी का फैसला किया. उनके लिए तीन महीने का प्लान पूरा करने से ज्यादा जरूरी पत्नी और बेटी की सेहत थी. इसलिए उन्होंने दोनों की वापसी की टिकट बुक कर दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर लोगों से यह भी पूछा कि अगर वे किसी दूसरे देश में अपने छोटे बच्चे के साथ ऐसी स्थिति में फंस जाएं तो क्या करेंगे.
वीडियो सामने आने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी बंट गईं. कुछ यूजर्स ने कहा कि नितिन की पत्नी ने सही फैसला लिया और भारत में ट्रैफिक, मौसम और दूसरी परेशानियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. एक यूजर ने कमेंट किया कि देश को लेकर ऐसी स्थिति चिंता की बात है. वहीं, एक दूसरे शख्स ने बताया कि उसे भी भारत आने के शुरुआती दिनों में ऐसी ही परेशानियां हुई थीं, लेकिन बाद में वह इन चीजों का आदी हो गया और छह महीने से ज्यादा रहा. यानी कुछ लोगों ने इसे एडजस्टमेंट का मामला माना, तो कुछ ने इसे भारत में मौजूद बुनियादी सुविधाओं और ट्रैफिक जैसी समस्याओं से जोड़कर देखा.
कुछ कमेंट्स ऐसे भी थे, जिन्होंने नितिन के वीडियो में कही गई बातों पर सवाल उठाए. एक यूजर ने लिखा कि दिल्ली में नल का पानी पीना 20 साल पहले भी हर किसी के लिए सामान्य बात नहीं थी. उसने कहा कि देश में सिविक सेंस और दूसरी समस्याओं पर काम करने की जरूरत जरूर है, लेकिन हर देश की अपनी परेशानियां होती हैं. एक अन्य यूजर ने परिवार पर अपनी जड़ों को भूलने जैसी टिप्पणी की. इन प्रतिक्रियाओं से साफ है कि वीडियो ने सिर्फ एक परिवार की ट्रिप की कहानी नहीं बताई, बल्कि विदेश में रहने वाले भारतीयों के भारत लौटने पर होने वाले अनुभवों को लेकर भी बहस शुरू कर दी है.
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