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महंगे मोबाइल रीचार्ज से परेशान यूजर्स के लिए राहत भरी खबर है. अक्सर ऐसा होता है कि हमें फोन में सिर्फ बात करने के लिए छोटा रिचार्ज कराना होता है, लेकिन कंपनियों की ऐप्स या वेबसाइट पर महंगे डेटा वाले प्लान्स के बीच वह छोटा रिचार्ज खोजना किसी मुश्किल भरे काम से कम नहीं होता है. कई बार तो लोग मजबूर होकर जरूरत से ज्यादा महंगे कीमत वाला रीचार्ज करा लेते हैं.
लेकिन अब टेलीकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI ने इस समस्या को दूर कर दिया है. TRAI ने सभी मोबाइल कंपनियों को एक सख्त और कड़ा आदेश जारी किया है, जिसके बाद अब सस्ते और जरूरत के रिचार्ज खोजने के लिए आपको ऐप्स में ज्यादा समय बिताने की जरूरत नहीं पड़ेगी. आइए जानते हैं क्या है TRAI का यह नया नियम जो आपका काम आसान करने वाला है.
TRAI ने मोबाइल कंपनियों को निर्देश दिया है कि टेलीकॉम कंपनियों को जरूरी रिचार्ज प्लान और स्पेशल टैरिफ वाउचर को अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर साफ तौर पर दिखाना होगा. बता दें कि ट्राई ने यह फैसला मोबाइल यूजर्स से प्राप्त कई शिकायतों के बाद लिया है. शिकायतों की जांच करने पर रेगुलेटर ने पाया कि कई कंपनियों के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जरूरी रिचार्ज प्लान आसानी से दिखाई नहीं दे रहे थे. कुछ मामलों में इन्हें अलग अलग कैटेगरी में रखा गया था, वहीं कुछ प्लान तक पहुंचने के लिए यूजर्स को कई पेज तक जाना पड़ता था.
TRAI ने सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप के प्रीपेड रिचार्ज सेक्शन में एक अलग और साफ दिखाई देने वाला टैब बनाने का निर्देश दिया है. इस सेक्शन का नाम TRAI-Mandated Packs होगा. इस टैब में ट्राई की तरफ से अनिवार्य किए गए अलग अलग तरह के वाउचर दिखाई देंगे. खास बात यह है कि प्रीपेड रिचार्ज सेक्शन में यह टैब सबसे पहले दिखाई देना चाहिए. इसके साथ ही टेलीकॉम कंपनियों के दूसरे एक्सक्लूसिव सेल स्टोर पर भी इन पैक को दिखाना होगा. कंपनियों को TRAI के इस आदेश का पालन करने के लिए आदेश जारी होने की तारीख से 30 दिन का समय दिया गया है.
TRAI का यह कदम उसके पहले के एक नियम से भी जुड़ा है. इसके तहत टेलीकॉम कंपनियों को ऐसे स्पेशल टैरिफ वाउचर उपलब्ध कराने हैं, जिनमें सिर्फ वॉयस कॉल और SMS की सुविधा हो. इन प्लान में कस्टमर्स के लिए डेटा लेना जरूरी नहीं होगा. ऐसे वाउचर की वैलिडिटी 30 दिन या उससे कम होनी चाहिए. इसका फायदा खास तौर पर उन लोगों को हो सकता है जिन्हें मोबाइल डेटा की ज्यादा जरूरत नहीं होती और वे सिर्फ कॉलिंग और SMS के लिए रिचार्ज करना चाहते हैं.
ट्राई के नियम के अनुसार वॉयस और SMS वाले इन प्लान के साथ कंपनियां अपने नार्मल कॉम्बो प्लान भी जारी रख सकती हैं. नार्मल प्लान में वॉयस, डेटा और मैसेजिंग जैसी कई सुविधाएं एक साथ मिलती हैं. वहीं कुछ स्पेशल टैरिफ वाउचर बूस्टर की तरह काम करते हैं. इनके जरिए कस्टमर्स अपनी जरूरत के हिसाब से कुछ खास सुविधाएं एक्टिवेट कर सकते हैं. इनमें इंटरनेशनल कॉलिंग या लोकल कॉलिंग जैसे ऑप्शन शामिल हो सकते हैं.
ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों के लिए यह भी तय किया है कि उन्हें कम से कम एक प्लान वाउचर, एक स्पेशल टैरिफ वाउचर और एक कॉम्बो वाउचर 30 दिन की वैलिडिटी के साथ उपलब्ध कराना होगा. रेगुलेटर का कहना है कि जरूरी प्लान आसानी से दिखाई देने से कस्टमर्स अपनी जरूरत के हिसाब से सही रिचार्ज चुन सकेंगे. TRAI को मिली शिकायतों में खास तौर पर इन पैक की कम विजिबिलिटी और उन्हें ऑनलाइन ढूंढने में होने वाली परेशानी का जिक्र किया गया था.