हर दिन जब सुबह आप गूगल खोलते हैं, तो सबसे पहले उसकी जानी-पहचानी स्क्रीन दिखाई देती है. लेकिन जरा सोचिए, उस बड़ी सी स्क्रीन पर अचानक आपकी ही बनाई हुई तस्वीर आ जाए तो कैसा लगेगा? 18 साल की कमैराह जॉनसन के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. Google के होमपेज पर हर दिन लाखों लोग अलग-अलग तरह के डूडल देखते हैं. लेकिन 18 साल की कमैराह जॉनसन के लिए Google Doodle कुछ ज्यादा खास बन गया. अमेरिका के वॉशिंगटन के रेंटन की रहने वाली 18 साल की कमैराह ने 2026 का Doodle for Google कॉन्टेस्ट जीत लिया है. इस प्रतियोगिता में पूरे अमेरिका से 10 हजार से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया था.
कमैराह जॉनसन की बनाई डूडल Google के होमपेज पर दिखाई गई. इस जीत के साथ उन्हें 55 हजार डॉलर यानी लगभग 52 लाख रुपये की कॉलेज स्कॉलरशिप भी मिली है. वहीं, उनके स्कूल Lakeside School को 50 हजार डॉलर का टेक्नोलॉजी पैकेज दिया गया है.
इस साल Doodle for Google प्रतियोगिता का थीम था, My superpower is... यानी "मेरी सुपरपावर है.... कमैराह ने इस सवाल का जवाब अपने बालों को अपनी ताकत बताकर दिया. उनकी विनिंग डूडल का नाम Hair Power: The Crown That Grows from Us है. इसमें बालों को सिर्फ खूबसूरती के तौर पर नहीं, बल्कि पहचान, परिवार और विरासत से जोड़कर दिखाया गया है.
डूडल में घास पर लेटी तीन आकृतियां दिखाई देती हैं. तीनों के बालों को इस तरह बनाया गया है कि वे मुकुट जैसे नजर आते हैं. ये तीनों आकृतियां कमैराह उनकी मां सिमोन और बहन कालियाह से प्रेरित हैं. कमैराह के लिए बालों का यह विषय काफी निजी है. बड़ी होने के दौरान उनकी मां ने उन्हें अपने प्राकृतिक बालों और अपनी सांस्कृतिक पहचान को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया. इसी एक्सपीरियंस को उन्होंने अपनी डूडल के जरिए सामने रखा है.
कमैराह की डूडल ने 10 हजार से ज्यादा एंट्री के बीच अपनी जगह बनाई. उन्हें अप्रैल में घोषित पांच फाइनलिस्ट में शामिल किया गया था. इसके बाद जून में न्यूयॉर्क में टूडे शो के दौरान उनके विजेता बनने का ऐलान किया गया. इस जीत के बाद उनकी डूडल को गूगल के होमपेज पर जगह मिली. यानी अब इसे सिर्फ उनके स्कूल या परिवार के लोग ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में गूगल इस्तेमाल करने वाले लोग देख सकते हैं.
Doodle for Google जीतने के साथ कमैराह को 55 हजार डॉलर की कॉलेज स्कॉलरशिप मिली है. वहीं Lakeside School को 50 हजार डॉलर का टेक्नोलॉजी पैकेज दिया गया है.
कमैराह इस साल कॉलेज के लिए वॉशिंगटन से न्यूयॉर्क जाने वाली हैं. वह न्यूयॉक यूनिवर्सिटी यानी NYU में पढ़ाई करेंगी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, NYU उनका ड्रीम कॉलेज रहा है और वह 11 साल की उम्र से यहां पढ़ने का सपना देख रही थीं. कॉलेज में उनकी दिलचस्पी इकोनॉमिक्स और स्टूडियो आर्ट्स दोनों में है. आगे चलकर वह अपनी खुद की आर्ट गैलरी खोलना चाहती हैं. ऐसे में उनकी पढ़ाई में कला और बिजनेस दोनों की झलक देखने को मिलेगी.
Doodle for Google की शुरुआत 17 साल पहले हुई थी. इसका मकसद छात्रों को अपनी क्रिएटिविटी दिखाने का मौका देना है. प्रतियोगिता के जरिए चुनी गई कलाकृतियों को Google के होमपेज पर जगह मिलती है. वॉशिंगटन से इससे पहले भी कई छात्रों की कलाकृतियां इस प्रतियोगिता में पहचान बना चुकी हैं. इस बार कमैराह की जीत ने उन्हें भी इस खास लिस्ट में शामिल कर दिया है.