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सस्ता टेम्पर्ड ग्लास खरीदने वालों सावधान! सरकार ने बदल दिए नियम, 2027 से होगा बड़ा बदलाव

सस्ते टेम्पर्ड ग्लास और लोकल स्क्रीन गार्ड इस्तेमाल करने वालों के लिए सरकार ने बड़ा बदलाव कर दिया है. सरकार ने घटिया क्वालिटी के प्रोडक्ट्स पर शिकंजा कसते हुए मोबाइल स्क्रीन प्रोटेक्टर्स के लिए कड़े नियम और BIS स्टैंडर्ड अनिवार्य कर दिए हैं.

सस्ता टेम्पर्ड ग्लास खरीदने वालों सावधान! सरकार ने बदल दिए नियम, 2027 से होगा बड़ा बदलाव
Image Credit: टेम्पर्ड ग्लास नियम

अगर आप भी अपनी नई नवेली या महंगे स्मार्टफोन की स्क्रीन को सेफ रखने के लिए मार्केट से कोई भी 50 या फिर 100 वाला सस्ता टेम्पर्ड ग्लास झटपट लगवा लेते हैं, तो जरा सावधान हो जाइए. ऐसे ग्लास फोन गिरने पर स्क्रीन तो दूर, खुद टेम्पर्ड ग्लास के ही टुकड़े-टुकड़े हो जाते हैं. अब इस तरह के घटिया सामान का खेल खत्म होने वाला है. सरकार ने स्मार्टफोन यूजर्स की इसी परेशानी को समझते हुए एक बहुत बड़ा और सख्त कदम उठाया है. अब मार्केट में हर तरह का लोकल स्क्रीन गार्ड नहीं बिकेगा, बल्कि इसके लिए कड़े क्वालिटी स्टैंडर्ड तय कर दिए गए हैं. आइए जानते हैं कि सरकार के इस नए फरमान से आपके फोन की सुरक्षा और आपकी जेब पर क्या असर पड़ने वाला है.

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय यानी MeitY ने स्मार्टफोन के स्क्रीन प्रोटेक्टर को अनिवार्य BIS रजिस्ट्रेशन के दायरे में शामिल कर दिया है. सरकार की तरफ से 21 सितंबर को जारी नोटिफिकेशन में इसकी जानकारी दी गई है.

1 अप्रैल 2027 से लागू होगा नया नियम

मंत्रालय के नए नियम के तहत भारत में स्मार्टफोन के लिए बिकने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर को Indian Standard IS 19348:2025 के मानकों को पूरा करना होगा. यह नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा. इसका मतलब यह है कि सरकार ने फिलहाल सभी स्क्रीन प्रोटेक्टर की सेल पर तुरंत तो कोई रोक नहीं लगाई है. कंपनियों और इंपोर्टर्स को नए नियमों की तैयारी के लिए छह महीने से ज्यादा का समय सरकार की तरफ से दिया गया है. इस पीरियड के बाद तय मानकों को पूरा किए बिना स्क्रीन प्रोटेक्टर बेचना आसान नहीं होगा.

स्क्रीन प्रोटेक्टर में क्या देखा जाएगा?

IS 19348:2025 में स्क्रीन प्रोटेक्टर की क्वालिटी और टेस्टिंग से जुड़ी कई चीजें शामिल हैं. इसमें सबसे पहले ग्लास की क्वालिटी पर विशेष ध्यान दिया जाता है. स्क्रीन प्रोटेक्टर के आकार, ग्लास की मजबूती और उसकी सतह की क्वालिटी के लिए मानक तय किए गए हैं. इसके साथ ही स्क्रीन की क्लैरिटी भी जांच के दायरे में होगी. यानी स्क्रीन प्रोटेक्टर से रोशनी कितनी साफ तरीके से गुजरती है और उसमें किसी तरह के दिखाई देने वाले दोष तो नहीं हैं, इसकी भी अब जांच होगी.

नए मानक में स्क्रीन प्रोटेक्टर के कुछ अतिरिक्त फीचर्स को भी शामिल किया गया है. इनमें एडहेसिव, एंटी-शैटर फिल्म, ओलियोफोबिक कोटिंग, एंटी-ग्लेयर, ब्लू-लाइट फिल्टर और प्राइवेसी फिल्म जैसी चीजें शामिल हैं.

पैकेजिंग पर भी देनी होगी जानकारी

नए नियमों के तहत सिर्फ प्रोडक्ट की क्वालिटी ही नहीं, बल्कि उसकी पैकेजिंग पर दी जाने वाली जानकारी को लेकर भी नियम तय होंगे. कंपनियों को पैकेजिंग पर बनाने वाले का नाम, बैच नंबर और स्क्रीन प्रोटेक्टर की मोटाई जैसी जरूरी जानकारी देनी होगी. इससे कस्टमर्स को प्रोडक्टर खरीदते समय उसके बारे में ज्यादा जानकारी मिल सकेगी और कंपनियों के लिए भी अपने प्रोडक्ट की जानकारी साफ तरीके से देना जरूरी होगा.

क्या अब महंगा हो जाएगा Tempered Glass?

नोटिफिकेशन में सरकार ने यह नहीं कहा है कि नए नियम लागू होने के बाद स्क्रीन प्रोटेक्टर महंगे हो जाएंगे. कीमत बढ़ने या किसी खास प्रोडक्ट को मार्केट से हटाने की भी कोई सीधी बात इसमें नहीं कही गई है. हालांकि, नए नियमों के तहत कंपनियों को टेस्टिंग और BIS से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करनी होगी. ऐसे में कुछ कंपनियों के लिए लागत बढ़ सकती है. इसका असर आगे चलकर कुछ प्रोडक्ट की कीमतों पर पड़ता है या नहीं, यह कंपनियों के फैसलों पर निर्भर करेगा.

सभी स्क्रीन प्रोटेक्टर पर नहीं लगी रोक

यहां एक बात साफ समझना जरूरी है कि सरकार ने सभी स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर पर बैन नहीं लगाया है. सरकार ने इस कैटेगरी को अनिवार्य रजिस्ट्रेशन के दायरे में लाया है.

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About the Author

Udbhav Tripathi

Udbhav Tripathi

उद्भव त्रिपाठी जी न्यूज डिजिटल में सब एडिटर हैं. वह जुलाई 2025 में जी न्यूज से जुड़े. साइंस और ऑटो-टेक की खबरें लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं. उन्होंने अब तक Samsung, Realme और  Vivo जैसे स्मार्टफोन्स के रिव्यू किए हैं. 2025 के बिहार चुनाव में इन्होंने लाइव खबरें चलाई थी जो लोगों को काफी पसंद आई थी. इनकी खबरें काफी भरोसेमंद होती हैं. इससे पहले वे हरिभूमि में काम कर चुके हैं. जहां उन्होंने टेक, एक्सप्लेनर और देश दुनिया पर भी काम किया. इनकी पढ़ाई की बात करें तो इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मॉस कम्यूनिकेशन में PG कर रखा है. अगर आपको इनसे बात करनी है, तो आप udbhavtripaathi@gmail.com पर जुड़ सकते हैं.
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