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स्मार्टफोन मार्केट में इन दिनों बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, ऐसा बदलाव जिसकी उम्मीद शायद किसी ने भी नहीं की होगी. एक समय पर बहुत ही सामान्य माने जाने वाले 2GB और 3GB RAM वाले स्मार्टफोन अब एक बार फिर मार्केट में दिखाई देने लगे हैं. खास बात यह है कि इन फोन में 4G सपोर्ट भी दिया जा रहा है और इनकी कीमत 10 हजार रुपये से कम रखी जा रही है. Itel और Lava जैसी कंपनियां इस सेगमेंट में नए फोन भी ला रही हैं.
बीते कुछ सालों में स्मार्टफोन कंपनियां कम RAM और बेसिक हार्डवेयर वाले फोन से दूरी बना रही थीं. इसका कारण एंड्राइड का लगातार ज्यादा मांग होना और ऐसे में फोन में यूजर एक्सपीरियंस का कमजोर होना है. लेकिन अब महंगी RAM, चिपसेट और दूसरे कंपोनेंट की कीमतों के बीच कंपनियां फिर से एंट्री लेवल मार्केट का रुख कर रही है.
रिसर्च फर्म IDC के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में एंट्री लेवल स्मार्टफोन सेगमेंट की शिपमेंट में सालाना आधार पर 74.3 फीसदी की गिरावट आई. इस सेगमेंट की मार्केट हिस्सेदारी भी 15.6 फीसदी से कम हो कर सिर्फ 4.5 फीसदी रह गई. IDC का कहना है कि मौजूदा लागत के माहौल में इस सेगमेंट में फोन बनाना कंपनियों के लिए मुश्किल होता जा रहा है.
इसके बावजूद 10 हजार रुपये से कम कीमत वाले फोन की मांग अभी खत्म नहीं हुई है. इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक छोटे शहरों और कस्बों में बजट स्मार्टफोन की मांग अब भी मजबूत है. यही वजह है कि कुछ कंपनियां कम RAM वाले फोन के साथ इस बाजार में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं.
एक स्मार्टफोन कंपनी के अधिकारी के अनुसार, आखिरी 2GB RAM वाला फोन 2023 में लॉन्च हुआ था और उसकी कीमत 6 हजार रुपये से कम रखने के लिए ऐसा हार्डवेयर दिया गया था. अब 2GB और 3GB RAM वाले फोन 8 से 9 हजार रुपये की कीमत में भी देखे जा रहे हैं. सप्लाई की कमी और मेमोरी चिप की कीमतों के कारण कंपनियां छोटे RAM चिप पर निर्भर हो रही हैं.
Itel ने इस साल 2GB RAM और 64GB स्टोरेज वाला फोन पेश किया है. वहीं Lava भी 3GB RAM और 64GB स्टोरेज के साथ एंट्री लेवल 4G फोन दे रही है. इसके अलावा Flipkart और Amazon पर Siavantage, Oneme और Zeno जैसे कम चर्चित ब्रांड के फोन भी बिक रहे हैं, जिनमें आईफोन जैसे डिजाइन के साथ बेसिक हार्डवेयर दिया गया है.