टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर टाटा ट्रस्ट्स में मतभेद गहराया है. नोएल टाटा समेत चार ट्रस्टियों ने वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह पर सामूहिक फैसलों के खिलाफ सार्वजनिक रुख अपनाने का आरोप लगाया है.
टाटा ट्रस्ट्स ने टाटा संस को शेयर मार्केट में लिस्ट होने से बचाने के लिए स्ट्रेटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग का बड़ा प्रस्ताव दिया है. इस वजह से टाटा संस NBFC और CIC के कानूनी दायरे से बाहर हो जाएगी.
Shapoorji Pallonji Group: आरबीआई की तरफ से लिस्टिंग को लेकर सख्ती किये जाने के बीच नोएल टाटा ने नया सुझाव दिया है. उनका कहना है कि आईपीओ के बजाय कंपनी को कई छोटी यूनिट में बांटना सही रहेगा. इससे कंपनी की तरफ से किया जा रहा चैरिटेबल वर्क जारी रहेगा.
Sir Dorabji Tata Trust: टाटा संस की सबसे बड़ी शेयर होल्डर सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने एन चंद्रशेखरन के दोबारा चेयरमैन बनने को चुनौती देने के लिए NCLT का दरवाजा खटखटाने का मन बना लिया है. आइए जानते हैं आर्टिकल 121, नोएल टाटा के विरोध और इस पूरे कानूनी विवाद का असल कारण.
जिस टाटा समूह की पहचान सालों से स्थिरता, भरोसे और संस्थागत व्यवस्था के लिए रही है उसके भीतर इस समय नेतृत्व, अधिकार, हिस्सेदारी और भविष्य की दिशा जैसे सवाल एक साथ खड़े हैं.