महंगी दवाओं और बड़े प्राइवेट अस्पतालों की मनमानी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है. कोर्ट ने सरकार से सीधा सवाल किया कि क्या ऐसा कोई नियम नहीं बन सकता, जिससे दवा की एमआरपी दुकानदार को मिलने वाले दाम से 16 परसेंट से ज्यादा न रखी जा सके? इससे ज्यादा का मुनाफा कमाने की छूट क्यों दी जा रही है?
अगर ट्रैफिक चालान बिजली के बिल में जोड़कर वसूला जाने लगे तो क्या इससे सड़कें सुरक्षित हो जाएंगी? शायद नहीं. यही वह बुनियादी सवाल है जिसे सुप्रीम कोर्ट के ताजा सुझाव के संदर्भ में पूछने की जरूरत है.
हाथ में स्मार्टफोन लिए स्क्रीन पर टकटकी लगाए बच्चों की डिजिटल दुनिया जल्द बदलने वाली है. सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद केंद्र सरकार 18 साल से कम उम्र के बच्चों की सोशल मीडिया पर एंट्री रोकने के लिए आईटी नियमों में बड़ा बदलाव कर सकती है.
सुप्रीम कोर्ट से संभल हिंसा मामले के मुख्य आरोपी मुल्ला अफरोज को बड़ी राहत मिली है. शीर्ष न्यायालय ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को पलटते हुए अफरोज पर लगाए गए NSA एक्ट को रद्द कर दिया. इसके साथ ही यूपी सरकार पर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन लोगों ने अपने ट्रैफिक चालान नहीं भरे हैं. उनसे जुर्माना वसूलने के लिए सरकार और प्रशासन को व्यावहारिक और प्रभावी तरीके अपनाने चाहिए.