संजय कुमार झा ने विपक्ष के चुनाव आयोग पर हल्लाबोल को गलत ठहराया है. उनका कहना है कि विपक्ष जहां चुनाव हारता है, वहीं निष्पक्ष चुनाव नहीं होते. जहां जीत जाता है, वहां निष्पक्षता से चुनाव होते हैं. इसके अलावा, फरक्का जल संधि और विधान परिषद चुनाव को लेकर भी अपनी बात रखी.
फरक्का जलसंधि को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सत्ता में रहते हुए भी आवाज बुलंद की थी और अब चूंकि वे पद पर नहीं हैं तो उनकी बातों को जनता के बीच पहुंचाया जा रहा है. इसलिए इस कार्यक्रम का नाम नीतीश संवाद रखा गया है.
हाजीपुर से जदयू सांसद संजय झा ने बड़ा राजनीतिक धमाका किया है! उन्होंने कहा कि बिहार में JDU के बिना राजनीति संभव नहीं है. अगर बिहार में किसी दल को राजनीति करनी है, तो जदयू के इर्द-गिर्द रहकर ही करनी होगी.
छपरा में नीतीश संवाद कार्यक्रम में जदयू सांसद संजय झा फरक्का संधि रिन्यूअल का विरोध किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि फरक्का जल संधि से बिहार के साथ पिछले 30 वर्षों में अन्याय हुआ है, दोबारा रिन्यूअल नहीं होना चाहिए.
अनंत सिंह और नीरज कुमार के झगड़े के बीच संजय झा ने पार्टी में सब कुछ ठीक होने का दावा किया है. उन्होंने ललन सिंह की नाराजगी को भी सिरे से खारिज किया है. संजय झा ने कहा कि वे पार्टी के पूर्व अध्यक्ष रहें हैं और पार्टी के सीनियर नेताओं में शामिल हैं.
1994 में नीतीश कुमार ने जॉर्ज फर्नांडिस के साथ मिलकर समता पार्टी की स्थापना की थी. 30 अक्टूबर 2003 को यही पार्टी जेडीयू में बदल गई थी. अब नीतीश संवाद कार्यक्रम में जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने पार्टी का नाम बदलकर ‘जनता दल नीतीश’ करने का प्रस्ताव रखा है.
1994 में नीतीश कुमार ने जॉर्ज फर्नांडीज के साथ मिलकर समता पार्टी बनाई थी. 2003 में जब शरद यादव भी साथ आ गए तो जनता दल यूनाइटेड नाम दिया गया था. अब अगर संजय कुमार झा की मांग मान ली जाती है तो पार्टी का नाम जनता दल नीतीश हो सकता है.
संजय कुमार झा ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए बयान दिया है कि मौजूदा स्वरूप में यदि फरक्का जल संधि का नवीनीकरण होता है तो जनता दल यूनाइटेड इसका कड़ा विरोध करेगा और सत्ता की भी परवाह नहीं करेगा.