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सत्ता रहे या जाए, कोई समझौता नहीं होगा: संजय झा ने फरक्का जल संधि को लेकर केंद्र सरकार को दी चेतावनी

संजय कुमार झा ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए बयान दिया है कि मौजूदा स्वरूप में यदि फरक्का जल संधि का नवीनीकरण होता है तो जनता दल यूनाइटेड इसका कड़ा विरोध करेगा और सत्ता की भी परवाह नहीं करेगा.

सत्ता रहे या जाए, कोई समझौता नहीं होगा: संजय झा ने फरक्का जल संधि को लेकर केंद्र सरकार को दी चेतावनी
Image Credit: संजय कुमार झा, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष (AI Image)

जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने बड़ा बयान दिया है. फरक्का जल संधि को लेकर संजय झा ने केंद्र की एनडीए सरकार को बड़ी चेतावनी दी दी है. उनका कहना है कि सत्ता रहे या जाए, इस बार कोई समझौता नहीं होगा. बिहार में फरक्का जल संधि को लेकर जनता दल यूनाइटेड लगातार जन जागरूकता अभियान चला रही है. JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के नेतृत्व में ‘नीतीश संवाद’ के जरिए गंगा किनारे बसे जिलों में लोगों को जागरूक किया जा रहा है.

JDU का दावा है कि इस मुद्दे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ सिविल सोसायटी और आम लोगों का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है. पार्टी नेताओं का कहना है कि 1996 में हुई भारत-बांग्लादेश जल संधि से बिहार के हितों को नुकसान पहुंचा और प्रदेश पिछले कई दशकों से इसका खामियाजा भुगत रहा है.

जनता दल यूनाइटेड का स्पष्ट कहना है कि 12 दिसंबर, 2026 को संधि की अवधि समाप्त होने के बाद इसके मौजूदा स्वरूप में नवीनीकरण नहीं होना चाहिए. अगर संधि का नवीनीकरण होता भी है, तो बिहार के हिस्से के पानी को स्पष्ट रूप से सुनिश्चित किया जाना चाहिए. संजय झा ने यह भी कहा है कि बिहार के हितों के सवाल पर सत्ता में रहना या सत्ता से बाहर होना प्राथमिकता नहीं है. बिहार के लोगों के हित से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

JDU का आरोप है कि पूर्व में सत्ता में रहने वाले लोगों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए बिहार के हितों की अनदेखी की, जिसका नुकसान राज्य को लंबे समय से उठाना पड़ रहा है.

फरक्का जल संधि को लेकर JDU की यात्रा गंगा किनारे बसे जिलों में चल रही है. पार्टी के नेता और कार्यकर्ता लोगों को संधि के प्रावधानों और बिहार पर इसके कथित प्रभावों की जानकारी दे रहे हैं.

संजय कुमार झा ने कहा, हमारा पानी बांग्लादेश जा रहा है. इसको किसी हालत में चेंज करना होगा या संधि अगर होगा तो बिहार के हित को देखकर के होगा. 12 दिसंबर को यह संधि खत्म हो रही है इसलिए सवाल उठाया गया है. विपक्ष के लोग इस मामले पर कुछ नहीं बोल रहे हैं. हम लोगों को पूरा समर्थन मिल रहा है. इस समय बिहार में बाढ़ का भी कारण यह संधि है. आगे यह संधि नहीं होनी चाहिए. अगर संधि हुई तो बिहार का हिस्सा तय करने के बाद ही हो.

बख्तियारपुर का नाम नीतीश नगर किए जाने की मांग पर उन्होंने कहा, हम उनकी भावना के साथ हैं. नीतीश कुमार इसके पक्ष में कभी नहीं रहे हैं. वह काम से जवाब देते हैं. यह मेरी व्यक्तिगत राय है. अनंत सिंह और जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार का विधान परिषद के चुनाव में अनबन के सवाल पर संजय झा ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष पूरे मामले को देख रहे हैं.

रिपोर्ट: प्रिंस कुमार कुशवाहा

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