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दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट क्रिकेट की पुरानी और बेहद चर्चित जंग एक बार फिर शुरू होने जा रही है. शुक्रवार (9 अक्टूबर) को डरबन में दोनों टीमें आमने-सामने होंगी. यह मैच भारतीय समय के अनुसार दोपहर 1:00 बजे से शुरू होगा. यह मुकाबला बेहद खास है, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका की धरती पर मेजबान टीम के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया 8 साल के बाद कोई टेस्ट सीरीज खेलेने उतरेगा. इससे पहले 2017-18 जब दक्षिण अफ्रीका की धरती पर दोनों देशों के बीच टेस्ट सीरीज हुई थी तो उस दौरान ‘सैंडपेपर-गेट’ विवाद ने क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया था.
‘सैंडपेपर-गेट’ विवाद को क्रिकेट की सबसे चर्चित घटनाओं में गिना जाता है. करीब 8 साल बाद दक्षिण अफ्रीका अपनी जमीन पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलेगा. इस सीरीज में पुरानी राइवलरी से कहीं ज्यादा दांव पर लगा है. दक्षिण अफ्रीका मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का डिफेंडिंग चैंपियन है, जबकि ऑस्ट्रेलिया इस समय वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की पॉइंट्स टेबल में टॉप पर है. दोनों टीमों के सामने पहले टेस्ट से पहले खिलाड़ियों के चयन और फिटनेस से जुड़े सवाल भी हैं.
पिछले साल लॉर्ड्स में खेले गए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर खिताब के तौर पर टेस्ट चैंपियनशिप की गदा जीती थी. इस जीत ने दोनों टीमों की प्रतिद्वंद्विता में दक्षिण अफ्रीका को नई बढ़त दी. हालांकि, घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका की पिछली टेस्ट सीरीज जीत 2017-18 में आई थी. यह जीत खास इसलिए भी थी, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका ने करीब 48 साल बाद अपनी जमीन पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीती थी.
2017-18 की वह सीरीज आज भी 'सैंडपेपर-गेट विवाद' के लिए याद की जाती है. साउथ अफ्रीका की धरती पर मार्च 2018 में खेले गए केपटाउन टेस्ट मैच में कंगारू टीम के क्रिकेटर्स ने गेंद के साथ छेड़छाड़ की थी और बॉल के शेप को चीज करने के लिए सैंडपेपर का इस्तेमाल किया था. इस दौरान तत्कालीन कप्तान स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और कैमरन बैनक्रॉफ्ट
पकड़े गए थे. कैमरन बैनक्रॉफ्ट ने स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर की सलाह पर गेंद पर सैंडपेपर का इस्तेमाल किया था, जिससे गेंद से रिवर्स स्विंग मिले.
इससे पहले डरबन में खेले गए पहले टेस्ट में कंगारू टीम की इस हरकत से रिवर्स स्विंग देखने को मिली थी. 2017-18 के उस दौरे में ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजी अटैक का हिस्सा रहे पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और नाथन लियोन आज भी टीम में मौजूद हैं. हालांकि, इनमें से किसी पर भी उस विवादित घटना में शामिल होने का आरोप नहीं लगा था. उस मामले के बाद तत्कालीन कप्तान स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और कैमरन बैनक्रॉफ्ट पर लंबे समय के लिए प्रतिबंध लगाया गया था.
दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया दोनों टीमों ने साफ संकेत दिए हैं कि उनका ध्यान अब 8 साल पुरानी घटना पर नहीं, बल्कि मौजूदा सीरीज पर है. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने दौरे से पहले कहा कि यह काफी पुरानी बात है और अब इसमें कुछ और जोड़ने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है. दक्षिण अफ्रीका के कोच शुक्री कॉनराड ने भी कहा कि टीम की तैयारियों में इस विवाद की कोई खास भूमिका नहीं रही है. उनका फोकस साफ है, ऑस्ट्रेलिया को पुराने विवाद से नहीं, बल्कि अपने खेल से हराना.
दक्षिण अफ्रीका के कोच शुक्री कॉनराड को उम्मीद है कि घरेलू दर्शक ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों पर दबाव बनाएंगे. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दर्शकों को अपनी नाराजगी या मजाक सम्मानजनक तरीके से जाहिर करना चाहिए. यानी मैदान पर माहौल गर्म होने की पूरी संभावना है, लेकिन खेल की मर्यादा भी बनी रहनी चाहिए. दक्षिण अफ्रीका के लिए सबसे बड़ा सवाल तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा की फिटनेस है. कैगिसो रबाडा ने मार्च में टी20 वर्ल्ड कप के बाद कोई इंटरनेशनल मुकाबला नहीं खेला है. हालांकि, पिछले हफ्ते टीम के अंदर खेले गए दो दिवसीय अभ्यास मैच में उन्होंने वापसी की और बिना किसी परेशानी के मैच पूरा किया.
दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजी कोच एशवेल प्रिंस के मुताबिक टीम कैगिसो रबाडा की उपलब्धता पर फैसला जितना संभव हो उतना देर से करेगी. कैगिसो रबाडा की फिटनेस इसलिए भी अहम है, क्योंकि डरबन की पिच ने हाल के वर्षों में स्पिन गेंदबाजों को मदद दी है. ऐसे में दक्षिण अफ्रीका केशव महाराज और साइमन हार्मर के रूप में दो स्पिनरों को टीम में शामिल कर सकता है. अगर ऐसा हुआ तो मार्को यानसन के साथ सिर्फ एक विशेषज्ञ तेज गेंदबाज के लिए जगह बचेगी.
दक्षिण अफ्रीका का तेज गेंदबाजी विभाग पहले ही चोटों से परेशान है. कोच शुक्री कॉनराड ने हैमस्ट्रिंग इंजरी की समस्या को लगभग एक ‘महामारी’ जैसा बताया है. ऐसे में टीम के लिए कैगिसो रबाडा की फिटनेस बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है.ऑस्ट्रेलिया को भी टीम चुनने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. जोश इंग्लिस उंगली टूटने के कारण बाहर हो चुके हैं, जबकि कैमरन ग्रीन पेट की चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे में ऑस्ट्रेलिया को अपनी प्लेइंग इलेवन का संतुलन सावधानी से तय करना होगा.