)
वेस्टइंडीज के खिलाफ चल रही एकदिवसीय सीरीज में टीम इंडिया का दबदबा कायम है. बुधवार (30 सितंबर) को गुवाहाटी में खेले गए दूसरे वनडे इंटरनेशनल मैच में भारत ने ना सिर्फ ऐतिहासिक जीत हासिल की, बल्कि दुनियाभर की टीमों को ये संदेश दिया कि उनके सामने कोई भी टारगेट बड़ा नहीं है. वेस्टइंडीज के 3 बल्लेबाजों ने शतक जड़कर स्कोरबोर्ड पर 405 रनों का पहाड़ खड़ा किया. इस पहाड़ को पार करने के लिए टीम इंडिया के दो बल्लेबाज ही काफी थे. शुभमन गिल ने अकेले 223 रन बना दिए, जबकि उनके ओपनिंग पार्टनर रोहित शर्मा ने भी शानदार शतक जड़ा.
406 रनों के टारगेट का टीम इंडिया ने ऐसे पीछा किया, मानो उनके लिए कोई बच्चों का खेल हो. हालांकि, ODI क्रिकेट के इतने सालों के इतिहास में ये सिर्फ दूसरी बार हुआ है, जब किसी टीम ने 400 से अधिक रनों का सफलतापूर्वक चेज किया है. भारत से पहले साउथ अफ्रीका ने ये बड़ा कारनामा किया था. जब उन्होंने मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ 435 रनों का पीछा कर सनसनी मचाई थी.
गुवाहाटी में वेस्टइंडीज को हराकर भारत ने ODI क्रिकेट में दूसरा सबसे बड़े स्कोर का सफल पीछा किया किया. सबसे बड़ा स्कोर चेज करने का रिकॉर्ड अभी भी साउथ अफ्रीका के नाम दर्ज है, जो उन्होंने 20 साल पहले जोहान्सबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में किया था. 2006 में हुए उस ऐतिहासिक मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 434 रन बनाए थे. ये वो जमाना था जब वनडे में 300 रनों का पीछा करने में पसीने छूट जाते थे.
दूसरी पारी में जो हुआ, उसकी शायद ही किसी ने उम्मीद की होगी. लक्षया का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम को दूसरे ओवर में ही पहला झटका लगा. बोटा डिपेनार सिर्फ एक रन बनाकर चलते बने. उसके बाद कप्तान ग्रैम स्मिथ और हर्शेल गिब्स ने कंगारू गेंदबाजों के परखच्चे उड़ा दिए. दोनों के बीच 187 रनों की साझेदारी हुई, जिसने साउथ अफ्रीका को गेम में बनाए रखा. स्मिथ 90 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन गिब्स ने पिटाई जारी रखी. मार्क बाउचर ने तेज तर्रार फिफ्टी जड़कर गिब्स का अच्छा साथ निभाया, लेकिन लगातार विकेट गिरने से दक्षिण अफ्रीका पर दबाव बढ़ रहा था.
111 गेंदों पर 175 रनों की शानदार पारी खेलकर हर्शेल गिब्स भी आउट हो गए. आखिरी ओवर में साउथ अफ्रीका को जीत के लिए 7 रनों की दरकार थी और हाथ में दो विकेट थे. अंतिम ओवर की तीसरी गेंद पर 9वां झटका लगा. दिक्कत ये थी कि मेन बल्लेबाज मार्क बाउचर नॉन-स्ट्राइक पर थे. सबकुछ 11वें नंबर के बल्लेबाज मखाया न्टिनी पर निर्भर था. पांचवीं गेंद पर उन्होंने आसानी से सिंगल लेकर बाउचर को स्ट्राइक दिया. आखिरी ओवर की 5वीं गेंद पर बाउचर ने चौका लगाकर साउथ अफ्रीका को ऐतिहासिक जीत दिला दी. ऑस्ट्रेलिया के 434 रनों के जवाब में साउथ अफ्रीका ने 49.5 ओवरों में 9 विकेट खोकर 438 रन बना दिए और इतिहास रच दिया.
435 SA बनाम AUS जोहान्सबर्ग 2006
406 IND बनाम WI गुवाहाटी 2026
375 NET बनाम WI हरारे 2023 (सुपर ओवर में जीत)
372 SA बनाम AUS डरबन 2016
370 NET बनाम SCO डंडी 2025

साउथ अफ्रीका को ऐतिहासिक जीत दिलाने में हर्शेल गिब्स का सबसे बड़ा किरदार रहा था. दाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज ने 111 गेंदों पर 175 रनों की मैच विनिंग पारी खेली थी, लेकिन ये पारी नशे के हालत में खेली गई थी. जी हां, अपनी आत्मकथा में गिब्स ने बताया कि वह एक दोस्त के साथ रात 1 बजे तक शराब पीते रहे थे और जब वह बल्लेबाजी करने आए, तो उन्हें जबरदस्त हैंगओवर था. हालांकि, यह उनके लिए कोई समस्या नहीं बनी क्योंकि गिब्स ने 21 चौके और 7 छक्के लगाकर लिमिटेड ओवर क्रिकेट में अपना अब तक का सबसे बड़ा स्कोर बनाया.
दक्षिण अफ्रीका का 434 रन का पीछा करना इतिहास में किसी भी टीम द्वारा किया गया सबसे बड़ा सफल रन-चेज है और हर्षल गिब्स की पारी को निश्चित रूप से प्रोटियाज के लिए इसे मुमकिन बनाने के लिए याद किया जाएगा.