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32 साल पहले आज ही के दिन यानी 9 सितंबर 1994 को सचिन तेंदुलकर ने अपने वनडे इंटरनेशनल करियर का पहला शतक ठोका था. भारतीय क्रिकेट के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन था. युवा सचिन तेंदुलकर ने 9 सितंबर 1994 को ODI क्रिकेट में अपने शतक का इंतजार खत्म किया था. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलंबो में खेली गई उनकी 110 रनों की पारी ने भारत को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई. इस पल से एक ऐसे शतकीय सफर की शुरुआत हुई, जिससे आगे चलकर वह क्रिकेट इतिहास के महानतम बल्लेबाजों में शामिल हो गए.
9 सितंबर 1994 को श्रीलंका के कोलंबो आर. प्रेमदासा स्टेडियम में भारत और ऑस्ट्रेलिया आमने-सामने थे. यह भारत, ऑस्ट्रेलिया और मेजबान श्रीलंका के बीच खेली जा रही ट्राई सीरीज का तीसरा मुकाबला था. भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और इसी मैच में सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर का पहला ODI शतक जड़ा. सचिन तेंदुलकर ने 130 गेंदों पर 110 रन बनाए. यह उनके वनडे इंटरनेशनल करियर का 79वां मुकाबला था.
खास बात यह थी कि इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने के कई साल बाद उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा था. सचिन तेंदुलकर ने 1989 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था और वह अपने पहले ODI शतक से पहले ही 2000 से ज्यादा रन बना चुके थे. सचिन तेंदुलकर के टैलेंट की झलक दुनिया को काफी पहले मिल चुकी थी, लेकिन शतक का रिकॉर्ड उनसे लगातार दूर रहा. आखिरकार 9 सितंबर 1994 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वह इंतजार खत्म हुआ और सचिन तेंदुलकर ने अपने नाम पहला ODI शतक दर्ज करा लिया.
भारत की पारी की शुरुआत सचिन तेंदुलकर और मनोज प्रभाकर ने की. दोनों ने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई, लेकिन मनोज प्रभाकर 20 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद भारतीय टीम पर दबाव बढ़ने लगा और एक छोर से लगातार विकेट गिरते रहे. ऐसे मुश्किल हालात में सचिन तेंदुलकर ने जिम्मेदारी संभाली. उन्होंने एक छोर पर टिककर बल्लेबाजी जारी रखी और धीरे-धीरे अपनी पारी को बड़े स्कोर में बदला. आखिरकार उन्होंने शतक का आंकड़ा छू लिया और 130 गेंदों में 110 रन बनाकर आउट हुए.
सचिन तेंदुलकर की शानदार पारी के दम पर भारत ने 50 ओवरों में 246/8 का स्कोर खड़ा किया. सचिन तेंदुलकर की 110 रनों की पारी भारत की बल्लेबाजी की रीढ़ साबित हुई. इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 215 रन पर ऑलआउट हो गई. भारत ने यह मुकाबला 31 रनों से जीत लिया. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 110 रन की यह पारी सचिन तेंदुलकर के लिए सिर्फ पहली ODI सेंचुरी नहीं थी, बल्कि आगे आने वाले ऐतिहासिक शतकों के वर्ल्ड रिकॉर्ड की नींव भी थी.
सचिन तेंदुलकर ने ODI क्रिकेट में 49 शतक लगाए और अपने इंटरनेशनल करियर का अंत 100 शतकों के साथ किया. उन्होंने ऐसे कई रिकॉर्ड बनाए, जिन्हें हासिल करना आने वाली पीढ़ियों के बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बना. आज जब सचिन तेंदुलकर के 100 इंटरनेशनल शतकों की बात होती है, तो उस सफर की शुरुआत को याद करना भी उतना ही खास है. 9 सितंबर 1994 को कोलंबो में लगाया गया वह शतक (110 रन) उस लंबे इंतजार का अंत था, जिसने सचिन के करियर में एक नए अध्याय की शुरुआत की. यह सफर आगे चलकर 49 ODI सेंचुरी और 100 इंटरनेशनल शतकों तक पहुंचा. यही वजह है कि सचिन तेंदुलकर का पहला ODI शतक क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है.