मुंबई इंडियंस ने IPL 2027 से पहले वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर कीरोन पोलार्ड को अपना हेड कोच नियुक्त किया है. इस तरह, बैटिंग कोच से प्रमोट होकर कीरोन पोलार्ड अब मुंबई इंडियंस के नए हेड कोच बन गए हैं और फ्रेंचाइजी के साथ उनका पुराना जुड़ाव और भी गहरा हो गया है. कीरोन पोलार्ड, पांच बार की चैंपियन टीम मुंबई इंडियंस के हेड कोच के रूप में महेला जयवर्धने की जगह लेंगे. मुंबई इंडियंस (MI) ने साल 2020 के बाद से IPL की ट्रॉफी नहीं जीती है और इस दौरान टीम के कोच भी बदलते रहे हैं.
IPL में हेड कोच के तौर पर यह पोलार्ड की पहली जिम्मेदारी होगी. साल 2022 में टूर्नामेंट खेलना छोड़ने के बाद से वह अब तक बैटिंग कोच के रूप में काम कर रहे थे. अपने नए रोल के बारे में कीरोन पोलार्ड ने कहा, 'सबसे मजेदार बात यह है कि आप टीम के लिए किसी भी माहौल में एक खास तरह का माहौल (टोन) सेट कर सकते हैं. यह काफी मजेदार होने वाला है. कैरेबियन मूल का होने के नाते, मुझे लगता है कि मौज-मस्ती, मनोरंजन और रिलैक्स रहना बहुत जरूरी है, क्योंकि जब आप ऐसे 'जोन' में होते हैं, तभी आप अपना बेस्ट प्रदर्शन कर पाते हैं.'
कीरोन पोलार्ड ने कहा, 'जाहिर है, मुश्किल तब होगी जब नतीजे आपके पक्ष में न आएं, लेकिन ऐसी कोई भी बात मुझे परेशान नहीं कर पाएगी.' अपने खिलाड़ियों को संभालने के बारे में कीरोन पोलार्ड ने कहा, 'मुझे लगता है कि इसमें सबसे बड़ी भूमिका 'मैन मैनेजमेंट' (लोगों को संभालने) की होती है. यह बातचीत पर निर्भर करता है. आमने-सामने की बातचीत पर. बेशक, टीम मीटिंग और टीम की रणनीतियां भी मायने रखती हैं, लेकिन क्रिकेट कई खिलाड़ियों का एक समूह है और टीम की जीत के लिए हर खिलाड़ी को अपना योगदान देना होता है.'
कीरोन पोलार्ड ने कहा, 'इसलिए, बात सिर्फ यह नहीं है कि टीम क्या करने जा रही है, बल्कि यह भी है कि एक खिलाड़ी के तौर पर आप, आपकी भूमिका और आपकी क्षमता टीम को क्या दे सकती है. पिछले कुछ सालों में, सफलता का एक बड़ा कारण वह समय भी रहा है जो खिलाड़ी टीम की औपचारिक मीटिंग्स के अलावा, क्रिकेट के बारे में बातचीत करने में बिताते हैं. यहीं से आप क्रिकेट की सबसे ज्यादा बातें सीखते हैं, और मुझे लगता है कि असल काम यहीं होता है.'
IPL में किसी भी टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, भारतीय पिचों पर बढ़ता हुआ स्कोर. पिछले तीन सालों में 200 रन का स्कोर एक आम बात हो गई है, और 250 रन के लक्ष्य का पीछा करके जीत भी हासिल की गई है. IPL में 225 या उससे ज्यादा रनों के लक्ष्य का 11 बार सफलतापूर्वक पीछा किया गया है, जिनमें से 7 बार तो अकेले 2026 में हुआ, और 2024 के बाद से कुल 10 बार ऐसा देखने को मिला है.
स्कोरिंग के बदलते ट्रेंड्स के बारे में कीरोन पोलार्ड ने कहा, 'इसमें बहुत बड़ा बदलाव आया है. पहले 140 या 160 रन का स्कोर लड़ने लायक माना जाता था, लेकिन अब स्थिति यह है कि पावरप्ले में ही 120 रन बन जाएं, यह कोशिश करनी पड़ती है. इससे पता चलता है कि खेल का माहौल कितना बदल गया है. हां, अब खेल बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुक गया है, लेकिन कोई बात नहीं. मुझे लगता है कि जीवन में बदलाव तो आता ही है, और उस बदलाव के हिसाब से खुद को ढालना ही एक चुनौती है, चाहे वह एक टीम के रूप में हमारे लिए हो या मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर.'
कीरोन पोलार्ड ने कहा, 'चीजें कभी एक जैसी नहीं रहतीं. इसलिए T20 क्रिकेट जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, उसके साथ तालमेल बिठाना जरूरी है. साथ ही, ऐसे तरीके खोजने होंगे जिनसे बल्लेबाजों की रन-गति को धीमा किया जा सके. इसका मतलब यह है कि गेंदबाजों को अब दोगुना, बल्कि उससे भी ज्यादा मेहनत करनी होगी. खेल भले ही बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा हो, लेकिन हमारे पास अभी भी एक मौका है कि हम व्यक्तिगत स्तर पर चीजों को वापस अपने कंट्रोल में लाएं और अलग-अलग मौकों पर खेल को काबू में रखें.'