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दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन ने अपनी स्थिति को बेहद मजबूत कर लिया है. साउथ जोन के निचले क्रम के बल्लेबाजों ने आउट होने से पहले ईस्ट जोन को कड़ी मेहनत कराई. चौथे दिन तिलक वर्मा ने 99 रनों की मैराथन पारी खेलकर मुकाबला जिंदा रखने की भरपूर कोशिश की, लेकिन दूसरी पारी में ईशान किशन के 80 रनों के आक्रामक योगदान से ईस्ट जोन ने दिन का खेल खत्म होने तक 584 रनों की विशाल बढ़त बना ली. ईशान ने पहली पारी में 250 रन बनाए थे. इस तरह उन्होंने दोनों पारियों को मिलाकर मैच में कुल 350 रन बनाए. अब मैच के पांचवें दिन ईस्ट जोन औपचारिक जीत के लिए उतरेगी.
साउथ जोन ने चौथे दिन अपने कल के स्कोर 242/6 से आगे खेलना शुरू किया. उसे ईस्ट जोन की पहली पारी की 466 रनों की बढ़त को कम करना था. तिलक वर्मा और चामा मिलिंद ने सातवें विकेट के लिए 78 रनों की जुझारू साझेदारी करके साउथ जोन की उम्मीदों को संभाला. मिलिंद ने अपने शॉट्स खेले जबकि तिलक ने संयम दिखाते हुए टीम के स्कोर को 300 के पार पहुंचाया.
तिलक वर्मा अपने शतक से कैसे चूके?
साउथ जोन के लिए दिक्कत तब बढ़ी जब चामा मिलिंद 68 गेंदों में 43 रन बनाकर आउट हो गए और तिलक वर्मा का साथ देने वाला कोई मुख्य बल्लेबाज नहीं बचा. इसके बाद त्रिपुराणा विजय 1 रन पर रन आउट हुए और मोहम्मद सिराज भी 1 रन बनाकर चलते बने. तिलक अपने शतक के बेहद करीब पहुंचे, लेकिन मोहम्मद कौनेन कुरैशी ने अपनी ही गेंद पर कैच लपककर उन्हें 211 गेंदों पर 99 रन पर पवेलियन भेज दिया. साउथ जोन की टीम पहली पारी में 336 रनों पर सिमट गई और ईस्ट जोन को 372 रनों की भारी बढ़त मिली.
Captain Ishan Kishan ups the ante with some brilliant strokeplay
Scorecard https://t.co/BhTkGWeeoD#DuleepTrophy | #EZvSZ pic.twitter.com/WLu5FqyabI— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 9, 2026
तिलक की पारी साउथ जोन को बचा सकी?
तिलक वर्मा की यह पारी साउथ जोन के लिए बेहद मददगार साबित हुई, भले ही यह फाइनल का रुख पूरी तरह से न बदल पाई हो. उन्होंने क्रीज पर 211 गेंदे बिताईं और अपनी टीम को कठिन परिस्थिति से निकालकर 336 तक पहुंचाया. हालांकि, उनके आउट होते ही साउथ जोन की पहली पारी समाप्त हो गई और ईस्ट जोन के पास बढ़त को और मजबूत करने का पर्याप्त समय मिल गया.
South Zone are 336 all out. East Zone take a lead of 372 runs in the first innings!
Kounain Quraishi takes the final wicket as Captain Tilak Varma misses out on his century by one run.
The South Zone captain is being appreciated by the East Zone players as he walks off … pic.twitter.com/IizgxUK8K4— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 9, 2026
ईशान ने दोबारा बल्लेबाजी का फैसला क्यों लिया?
साउथ जोन को फॉलोऑन देने के बजाय ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने खुद दोबारा बल्लेबाजी करने का फैसला किया. शुरुआत में यह फैसला तब थोड़ा जोखिम भरा लगा जब ईस्ट जोन ने 13 रन पर ही 2 विकेट गंवा दिए. वैभव सूर्यवंशी त्रिपुराणा विजय की गेंद पर आगे बढ़कर खेलने के प्रयास में 8 रन पर स्टंप हो गए, जबकि अभिमन्यु ईश्वरन 3 रन बनाकर मोहम्मद सिराज की गेंद पर स्लिप में कैच दे बैठे.
ईशान ने टीम को संकट से कैसे निकाला?
13 रन पर 2 विकेट गिरने के बाद साउथ जोन को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन ईशान किशन ने उनकी खुशी को ज्यादा देर नहीं टिकने दिया. पहली पारी में 270 रन बनाने वाले कप्तान ईशान किशन ने एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने तेजी से रन बनाए और साउथ जोन को मैच में वापसी का मौका नहीं दिया. उन्होंने 98 गेंदों में 80 रनों की बेहतरीन पारी खेली.
MD Nidheesh breaks the partnership
He gets the crucial wicket of East Zone captain Ishan Kishan who played yet another superb knock of 80(98)
Scorecard https://t.co/BhTkGWeeoD#DuleepTrophy | #EZvSZ pic.twitter.com/j9C01OLgmB— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 9, 2026
पांचवें दिन ईस्ट जोन की क्या रणनीति होगी?
दिन का खेल खत्म होने तक ईस्ट जोन ने 51 ओवर में 5 विकेट पर 212 रन बना लिए थे. उनकी कुल बढ़त बढ़कर 584 रन हो गई है, जिससे साउथ जोन के सामने पांचवें दिन एक असंभव जैसा लक्ष्य आ खड़ा हुआ है. ईस्ट जोन पांचवें दिन अपनी पारी घोषित करने से पहले कुछ और रन जोड़ सकता है, जबकि साउथ जोन को इस बढ़त को और भयावह होने से रोकने के लिए जल्द से जल्द विकेट निकालने होंगे.
क्या साउथ जोन कर पाएगा कोई चमत्कार?
दोनों टीमों के प्रमुख खिलाड़ियों के प्रदर्शन का अंतर इस मैच में साफ नजर आता है. तिलक वर्मा ने जहां 211 गेंदें खेलकर साउथ जोन को मैच में बनाए रखने की कोशिश की, वहीं ईशान किशन ने पहली पारी में 270 के बाद दूसरी पारी में 80 रन बनाकर ईस्ट जोन को जीत के मुहाने पर खड़ा कर दिया है. अब आखिरी दिन का खेल बचा है और ईस्ट जोन ट्रॉफी पर अपनी नजरें टिकाए हुए है, जबकि साउथ जोन को वापसी के लिए किसी करिश्मे की जरूरत होगी.