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भारतीय वुशु स्टार रोशिबिना देवी ने महिलाओं की सांडा 60 किग्रा कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है. फाइनल में उन्हें चीन की झांग शियाओयू के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार सिल्वर मेडल अपने नाम किया है. रोशिबिना देवी ने फाइनल के दोनों राउंड 0-5 के स्कोर से गंवाए. चीन की झांग शियाओयू ने मुकाबला 2-0 से अपने नाम कर गोल्ड मेडल जीता. रोशिबिना इससे पहले 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में भी सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं. इससे पहले 2018 एशियन गेम्स में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था.
रोशिबिना देवी अब एशियन गेम्स में वुशु में लगातार तीन पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं. 2018 में ब्रॉन्ज, 2022 में सिल्वर और अब 2026 में एक और सिल्वर के साथ रोशिबिना देवी के करियर का यह सफर बेहद खास उपलब्धि बन गया है. रोशिबिना देवी ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन किया. अपने अभियान के दौरान उन्होंने 2023 की वर्ल्ड चैंपियन वियतनाम की गुयेन थी थू थुई को भी हराया. इसके बाद बुधवार को सेमीफाइनल में उन्होंने इंडोनेशिया की थानिया कुसुमानिंगत्यास को 2-0 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी.
रोशिबिना देवी के सिल्वर के साथ एशियन गेम्स 2026 में भारत के पदकों की संख्या 14 हो गई है. भारत के खाते में अब तक 1 गोल्ड, 6 सिल्वर और 7 ब्रॉन्ज मेडल हैं. इस तरह भारतीय दल की मेडल टैली में लगातार इजाफा हो रहा है. रोशिबिना देवी के अलावा गुरुवार को रोइंग में भी भारत ने पदक जीता. सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने पुरुषों के डबल स्कल्स फाइनल में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. भारतीय जोड़ी ने 6:13.25 का समय निकाला और चीन के गोल्ड मेडलिस्ट यी शुदी/नी यिदे से 3.48 सेकंड पीछे रही. सिल्वर मेडल जीतने वाली मेखरोजबेक ममतकुलोव/पावेल सोरिन की जोड़ी से भारत 2.76 सेकंड पीछे रही.
सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने रेस के शुरुआती हिस्से में शानदार प्रदर्शन किया. भारतीय जोड़ी 500 मीटर, 1000 मीटर और 1500 मीटर के पड़ाव पर दूसरे स्थान पर थी. एक समय वे चीनी जोड़ी से केवल आधा सेकंड पीछे थे, लेकिन अंतिम हिस्से में उनकी रफ्तार थोड़ी कम हुई और उन्हें ब्रॉन्ज से संतोष करना पड़ा.
इसके अलावा पुरुषों के सिंगल स्कल्स में बलराज पंवार का मेडल जीतने का सपना पूरा नहीं हो सका. उन्होंने रेस के 500 मीटर, 1000 मीटर और 1500 मीटर के पड़ाव तक दूसरा स्थान बनाए रखा था, लेकिन आखिरी 500 मीटर में उज्बेकिस्तान के शाखबोज खोलमुरजाएव और जापान के तात्सुया सकुरामा ने उन्हें पीछे छोड़ दिया. अंतिम चरण से पहले बलराज पंवार जापान के सकुरामा से करीब पांच सेकंड आगे थे, लेकिन फिनिश लाइन तक पहुंचते-पहुंचते तस्वीर पूरी तरह बदल गई. बलराज ने 6:54.80 का समय निकाला और चौथे स्थान पर रहे. वह गोल्ड मेडल जीतने वाले चीन के झिवेई डेंग से करीब 15 सेकंड पीछे रहे.