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महिला रिकर्व आर्चरी टीम ने साउथ कोरिया को 5-3 से धोया, एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर रच दिया इतिहास

एशियन गेम्स 2026 में भारत ने महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में इतिहास रच दिया. कुमकुम महोद, अंकिता भक्त और कीर्ति शर्मा ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया.

महिला रिकर्व आर्चरी टीम ने साउथ कोरिया को 5-3 से धोया, एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर रच दिया इतिहास
Image Credit: Asian Games 2026

भारत की महिला रिकर्व आर्चरी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर रच दिया इतिहास है. कुमकुम महोद, अंकिता भक्त और कीर्ति शर्मा की तिकड़ी ने फाइनल में मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम को 5-3 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया. इस जीत के साथ भारत ने इस स्पर्धा में एशियन गेम्स का अपना पहला पदक भी पक्का कर लिया. फाइनल में भारत की 17 वर्षीय कुमकुम महोद सबसे बड़े दबाव में टीम की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी बनकर सामने आईं. मुकाबले के आखिरी पलों में उनके लगाए दो शानदार 10 ने भारत को ऐतिहासिक जीत तक पहुंचाया.

दक्षिण कोरिया ने पहले सेट में 54 अंक बनाए. भारत की शुरुआत अंकिता के 9 से हुई, जबकि कीर्ति ने 7 अंक हासिल किए. इसके बाद कुमकुम ने दबाव के बीच शानदार 10 लगाया. भारत ने भी 54 अंक जुटाए और पहला सेट 1-1 की बराबरी पर खत्म हुआ. दूसरे सेट में भी दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली. दोनों ने 56-56 अंक बनाए. अंकिता ने दो 10 लगाए और कुमकुम ने आखिरी तीर पर फिर 10 अंक हासिल कर भारत को मुकाबले में बराबरी पर बनाए रखा. स्कोर 2-2 हो चुका था.

महिला रिकर्व आर्चरी टीम ने साउथ कोरिया को 5-3 से धोया

तीसरे सेट में भारतीय तिकड़ी ने मैच की दिशा ही बदल दी. कीर्ति ने शुरुआत 10 से की, जिसके बाद अंकिता ने 9 और कुमकुम ने 9 अंक हासिल किए. भारत ने पहली रोटेशन के बाद एक अंक की बढ़त बना ली. दूसरी रोटेशन में दक्षिण कोरिया के तीनों तीरंदाजों ने 8-8 अंक ही जुटाए. इससे उनकी टीम सिर्फ 51 अंक तक पहुंच सकी. भारत को सेट जीतने के लिए आखिरी तीन तीरों में 24 अंक चाहिए थे. कीर्ति ने 8, अंकिता ने 9 और कुमकुम ने फिर 10 का निशाना लगाया. भारत ने यह सेट 55-51 से जीतकर स्कोर 4-2 कर दिया.

गोल्ड मेडल अब भारत की पहुंच में था, लेकिन आखिरी सेट में दबाव और बढ़ गया. दक्षिण कोरिया ने शानदार शुरुआत करते हुए 28 अंक बना लिए और भारत पर दो अंकों की बढ़त बना ली. भारत की ओर से कीर्ति और अंकिता ने लगातार 9-9 अंक हासिल किए. अब सारी नजरें कुमकुम के आखिरी तीर पर थीं. भारत को सेट बराबर करने और गोल्ड जीतने के लिए 10 अंक चाहिए थे. 17 साल की कुमकुम ने एक बार फिर कमाल कर दिया. उन्होंने बिल्कुल सटीक 10 का निशाना लगाया. भारत ने सेट में 28 अंक पूरे किए और स्कोर बराबर हो गया. सेट बराबर होने के साथ भारत ने फाइनल 5-3 से अपने नाम कर लिया.

महिला रिकर्व में यह जीत इतनी खास क्यों है?

इस गोल्ड मेडल की खास बात यह है कि भारत ने एशियन गेम्स में पहली बार महिला रिकर्व टीम इवेंट में पदक जीता है. फाइनल से पहले ही भारत की टीम इतिहास रच चुकी थी, क्योंकि वह पहली बार इस स्पर्धा के फाइनल में पहुंची थी. दक्षिण कोरिया को इस स्पर्धा की सबसे मजबूत टीमों में गिना जाता रहा है. क्वालिफिकेशन में उसकी तीन तीरंदाज टॉप-4 में थीं. दूसरी ओर भारत की तीनों खिलाड़ी 10वें, 20वें और 25वें स्थान पर रही थीं. इसके बावजूद फाइनल में भारतीय टीम ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन किया.

कुमकुम ने फाइनल में कमाल किया

महाराष्ट्र की 17 वर्षीय कुमकुम महोद भारत की ऐतिहासिक जीत की सबसे बड़ी नायिकाओं में रहीं. जब भी टीम को दबाव से बाहर निकलने के लिए बड़े स्कोर की जरूरत पड़ी, कुमकुम ने सटीक निशाना लगाया. फाइनल के निर्णायक क्षणों में उनके लगातार 10 ने भारत को गोल्ड तक पहुंचाया. वहीं, अंकिता भक्त के अनुभव ने भी टीम को मुश्किल परिस्थितियों में संभालने में अहम भूमिका निभाई. गोल्ड मेडल मैच से पहले भारत ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी. इसके बाद खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम का सामना दक्षिण कोरिया से हुआ. दोनों मुकाबलों में भारतीय तीरंदाजों ने दबाव में धैर्य बनाए रखा और शानदार निशानेबाजी का प्रदर्शन किया.

भारत के रिकर्व तीरंदाजों के पास शुक्रवार को अभी और पदक जीतने के मौके हैं. कुमकुम महोद और धीरज बोम्मदेवरा मिक्स्ड टीम सेमीफाइनल में जापान के खिलाफ उतरेंगे. वहीं, पुरुष टीम सेमीफाइनल में धीरज बोम्मदेवरा, नीरज चौहान और यशदीप भोगे की टीम ईरान का सामना करेगी. मिक्स्ड रिकर्व टीम इवेंट की एक और बड़ी अहमियत है. इस स्पर्धा के विजेता राष्ट्रीय ओलंपिक समिति को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए एक पुरुष और एक महिला कोटा हासिल करने का मौका मिलेगा.

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About the Author

Tarun Verma

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तरुण वर्मा ज़ी न्यूज़ हिंदी डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क में कार्यरत हैं. तरुण वर्मा फरवरी 2021 से ज़ी न्यूज का हिस्सा हैं. तरुण वर्मा किसी भी मैच का बारीकी से विश्‍लेषण करने में माहिर हैं. तरुण वर्मा को क्रिकेट व अन्य खेलों से जुड़ी ख़बरों के विभिन्न एंगल्स पर साइड स्टोरीज़ करने के अलावा खिलाड़ियों पर स्‍पेशल पैकेजेस बनाने में बहुत रुचि है. क्रिकेट व अन्य खेलों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी ज़ी न्यूज़ के पाठकों तक पहुंचाने की ज़िम्मेदारी तरुण वर्मा बख़ूबी निभाते हैं. तरुण वर्मा को क्रिकेट खेलने, किताबें पढ़ने और घूमने का बहुत शौक है. तरुण वर्मा साल 2016 में गौतम गंभीर के कोच संजय भारद्वाज का इंटरव्यू कर चुके हैं. तरुण वर्मा खेलों के कई बड़े-बड़े इवेंट्स को कवर करने का अनुभव रखते हैं. ज़ी न्यूज़ से जुड़ने से पहले तरुण वर्मा इंडिया टुडे ग्रुप मीडिया (Aajtak.in) संस्थान का भी हिस्सा रह चुके हैं. आप Tarun.Verma@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. तरुण वर्मा एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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