सुबह 7 बजे से ग्रहण योग के साए में पंचक शुरू! मन में बढ़ेगा अनजाना डर, बेचैनी से बचने के लिए जानें उपाय
21 अक्टूबर की सुबह 7 बजे से पंचक शुरू हो गए हैं, लेकिन इसके साथ ही ग्रहण योग भी शुरू हो गया है. ज्योतिष में ग्रहण योग मन की अशांति, कमजोर निर्णय क्षमता, दुर्घटनाओं का कारक माना गया है. जानिए ये दोनों अशुभ योग कब तक सक्रिय रहेंगे.
ज्योतिष में कुछ योगों को अशुभ माना गया है, पंचक और ग्रहण योग इसमें शामिल हैं. पंचक हर महीने लगते हैं और इन 5 दिनों में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है. साथ ही कई अन्य काम भी वर्जित हैं. लेकिन 21 अक्टूबर 2026 की सुबह 7 बजे से पंचक शुरू हो रहे हैं और इसके साथ ही अशुभ ग्रहण योग भी प्रारंभ हो रहा है. कुंभ राशि में चंद्रमा और राहु की युति से ये ग्रहण योग बना है. यह योग कुछ राशि वालों को नुकसान पहुंचा सकता है. साथ ही उनके सोचने-समझने की काबिलियत, मानसिक शांति पर बुरा असर डाल सकता है.
शनि की राशि में चंद्रमा और राहु
द्रिक पंचांग के अनुसार, 21 अक्टूबर की सुबह 06:59 बजे चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश कर गए हैं. कुंभ राशि में पहले से राहु मौजूद हैं. इससे शनि की राशि कुंभ में चंद्रमा और राहु की युति से ग्रहण योग सक्रिय हो गया है. 23 अक्टूबर की दोपहर 03:03 बजे तक ग्रहण योग रहेगा और करीब ढाई दिन का ये समय लोगों की मानसिक स्थिति, निर्णय क्षमता पर बुरा असर डाल सकता है.
पंचक कब से कब तक?
जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में रहते हुए धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र से गुजरता है तब पंचक लगते हैं. इस महीने पंचक 21 अक्टूबर 2026, बुधवार की सुबह 7 बजे से शुरू होंगे और 25 अक्टूबर की शाम 07:22 बजे समाप्त होंगे.
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किन लोगों के लिए अशुभ है यह समय
ज्योतिषाचार्य दिलीप गुप्ता कहते हैं, वैसे तो पंचक के 5 दिनों में जिन कामों को करने की मनाही की गई है, उन्हें न करना इसके अशुभ प्रभाव से बचने के लिए काफी होता है. लेकिन इसके साथ ग्रहण योग का बनना अच्छा नहीं कहा जा सकता है.
चंद्र-राहु की युति से बना ग्रहण योग कर्क, कन्या, वृश्चिक, कुंभ और मीन राशि वालों पर बुरा असर डाल सकता है.
- यह योग विवाद और नुकसान का कारण बन सकता है.
- इन लोगों को अनजाना डर सता सकता है, मन में बेचैनी रह सकती है.
- इमोशनल होकर या जल्दबाजी में गलत निर्णय ले सकते हैं.
- कुछ लोगों को सिर दर्द, नींद न आने की समस्या हो सकती है.
- किसी के बहकावे में आकर गलत निवेश या धन का लेन-देन कर सकते हैं.
लिहाजा ग्रहण योग के ढाई दिन के दौरान संभलकर फैसले करें. इसके अलावा जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा या राहु अशुभ स्थिति में हैं, वे भी संभलकर रहें.
बचाव के उपाय
चंद्र-राहु के ग्रहण योग से बचने के लिए कुछ उपाय कर सकते हैं.
- सुबह स्नान के बाद सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनें और शिवलिंग पर कच्चे दूध से अभिषेक करें.
- "ऊं चंद्राय नमः" मंत्र का जाप करें.
- सफेद वस्त्र या चांदी की वस्तु धारण करना भी मानसिक शांति देता है.
- गरीब, जरूरतमंदों को दान करें.
- मानसिक शांति के लिए मेडिटेशन, योग आदि का सहारा लें. सकारात्मक सोचें.
पंचक में न करें ये काम
पंचक काल में नए घर का निर्माण, घर की छत डलवाने जैसे काम नहीं किए जाते हैं.
लकड़ी का सामान, फर्नीचर आदि न खरीदें.
दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचें.
नया बेड, बिस्तर न खरीदें.
नए काम की शुरुआत करने से बचें.
पंचक में यदि किसी परिजन की मृत्यु हो जाए तो परिवार के बुजुर्गों या पुरोहत से पूछकर जरूरी नियमों का पालन करें.
(Disclaimer: यह लेख पंचांग और प्रचलित ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है. इसे पुष्ट दावा न मानें. शुभ मुहूर्त और धार्मिक नियमों के लिए स्थानीय पंचांग या योग्य विद्वान से सलाह लें.)