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कितने बच्चे होंगे, बेटा होगा या बेटी? हथेली की इन रेखाओं से मिलते हैं संतान के संकेत, खुद चेक करें

हस्तरेखा शास्त्र में संतान से जुड़े संकेतों के लिए बुध पर्वत पर बनी खड़ी रेखाओं, रिंग, पर्वत आदि का अध्‍ययन किया जाता है. जानिए संतान रेखा क्‍या-क्‍या संकेत देती है, अपनी हथेली में खुद चैक करें.

Written By Shraddha Jain
Published: Sep 24, 2026, 07:00 AM IST | Updated: Sep 24, 2026, 07:08 AM IST
Image Credit: हथेली में संतान रेखाओं, पर्वत आदि से बच्‍चों की संख्‍या, सेहत, परिवार से जुड़े संकेत. (Photo:AI)
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बच्‍चों या संतान का सुख इंसान की जिंदगी में बहुत मायने रखता है. हस्‍तरेखा शास्‍त्र में हथेली में संतान सुख चैक करने के कुछ तरीके बताए हैं. इसके लिए संतान रेखा, पर्वतों का अध्‍ययन किया जाता है. मान्यता है कि इन रेखाओं की स्थिति, स्पष्टता और संख्या से संतान को लेकर कुछ संकेत मिल सकते हैं. कुछ मामलों में बेटा होगा या बेटी होगी इसके संकेत भी मिलते हैं. हस्‍तरेखा विशेषज्ञ इंदुबाला शर्मा से जानते हैं कि हथेली में संतान रेखा कहां होती है और इसे कैसे देखा जाता है. ताकि आप खुद अपने हाथ में ये चैक कर सकें.

हथेली में संतान रेखा

हस्‍तरेखा विशेषज्ञ इंदुबाला शर्मा कहती हैं कि हथेली में संतान की रेखाओं का निरीक्षण करते समय बहुत ही सावधानी रखनी पड़ती है क्‍योंकि ये बहुत बारीक होती है. इनका एनालिसिस करने के लिए मैग्नीफाइंग ग्लास की जरूरत पड़ती है. संतान रेखा बुध पर्वत पर विवाह रेखाओं के अंत में उससे ऊपर की ओर जाने वाली खड़ी रेखा होती है.

बेटा होगा या बेटी

इन रेखाओं की संख्‍या से ही पता चलता है कि व्‍यक्ति को कितने बच्‍चे होने के योग बन रहे हैं. हस्‍तरेखा में मान्‍यता है कि इसमें स्पष्ट रेखाएं पुत्रों की संख्या दर्शाती हैं और हल्की रेखाएं कन्याओं की संख्या बताती हैं.

बच्‍चे का स्‍वास्‍थ्‍य - गहरी स्पष्ट और बेदाग संतान रेखा बच्चे की अच्‍छी सेहत का संकेत देती है. वहीं अस्पष्ट और लहरदार सी रेखाएं, संतान के स्वास्थ्य में समस्या, संतान संबंधी समस्या दिखाती हैं.

कितने बच्‍चे - संताना रेखाओं की गिनती से संतान की संख्या का विचार किया जाता है.

(यह भी पढ़ें: हथेली का ये त्रिकोण बनाता है अपार संपत्ति का मालिक! पामिस्ट से जानें किन रेखाओं-चिह्नों में छिपा है अमीर बनने का संकेत) 

ये कमजोर पर्वत बिगाड़ सकते हैं खेल

संतान रेखाओं को महिला और पुरुष दोनों के हाथों में देखा जाना चाहिए, क्‍योंकि दोनों में से किसी एक के हाथ में कोई अन्‍य समस्‍या है तो नतीजे बदल जाते हैं. यही वजह है कि कुछ हस्‍तरेखा विशेषज्ञ शुक्र पर्वत को अंगूठे से जोड़ने वाली चेन रेखा से भी संतान योग चैक करते हैं. वहीं संतान के बारे में बेहतर तरीके से जानने के लिए जातक के हाथ में गुरु और शुक्र पर्वत का अध्‍ययन करना भी जरूरी है.

गुरु पर्वत विवाह का कारक है और शुक्र प्रेम, आकर्षण आदि भौतिक सुख का. यदि गुरु पर्वत सही न हो और विवाह न हो पाए या विवाह में समस्‍या आ जाए तो संतान योग में बाधा आ सकती है. इसी तरह अशुभ शुक्र ग्रह महिला-पुरुष को प्रजनन या फर्टिलिटी संबंधी बीमारियां दे सकता है.  

(यह भी पढ़ें: भाग्य रेखा में ये बदलाव करियर में अचानक लाते हैं बड़ा मोड़, सरकारी नौकरी और बिजनेस के संकेत भी जान लें) 

हथेली पर भाई-बहन, परिवार की रेखाएं

भाई-बहन की संख्‍या - हथेली पर शुक्र पर्वत पर स्थित खड़ी रेखाओं से भाई-बहन की संख्‍या देखी जाती है. इन रेखाओं में स्‍पष्‍ट रेखाओं की संख्‍या ही भाई बहनों की संख्या बताती हैं.

परिवार का साथ मिलेगा या नहीं - जिन लोगों के हाथ में जीवन रेखा के प्रारंभ में जीवन रेखा के साथ एक छोटी सी रेखा भी हो तो ऐसे लोगों को पूरी जिंदगी अपने माता पिता, परिवार का पूरा सहयोग मिलता है.

परिवार से दूरी - वहीं अंगूठे के नीचे बना घेरा फैमिली रिंग कहलाता है, यदि यह धुंधला या टूटा हुआ हो तो ऐसे लोगों का परिवार से ज्‍यादा जुड़ाव नहीं होता है. कुछ मामलों में उनके परिवार से गहरे मतभेद हो सकते हैं.

(Disclaimer: हस्तरेखा शास्त्र पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है. हथेली की रेखाओं से भविष्य या जीवन की घटनाओं की जानकारी वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है. इसे निश्चित भविष्यवाणी न मानें.)

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About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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