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शुरू हुए साल के सबसे 'शुभ' पंचक, पर नाम है डरावना 'यम पंचक'; जानें इन दिनों में क्यों होती है कौए-कुत्ते की पूजा

आज धनतेरस यानी कि धन त्रयोदशी है और इसी के साथ शुरू हो गए हैं, साल के सबसे शुभ पंचक. जी हां, पंचक काल को अशुभ माना जाता है लेकिन ये यम पंचक धर्म-शास्‍त्रों में बेहद शुभ माने गए हैं. जानिए इन यम पंचक में क्‍या करना बहुत शुभ माना जाता है.

Written By Shraddha Jain
Published: Nov 06, 2026, 06:55 AM IST | Updated: Nov 06, 2026, 07:02 AM IST
Image Credit: धनतेरस से यम पंचक शुरू होते हैं और भाई दूज के दिन समाप्‍त होते हैं. (Photo: AI)
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धनतेरस के दिन यमदेव की भी पूजा होती है, उनके लिए विशेष तौर पर यम दीपक जलाया जाता है, लेकिन ये बात कम ही लोग जानते हैं कि धनतेरस से यम पंचक भी शुरू होते हैं. हालांकि 'यम' यानी कि मृत्‍यु के देवता यमराज और पंचक के अशुभ 5 दिन - ये दोनों नाम ही डराने के लिए काफी हैं. लेकिन धनतेरस से लगने वाले यम पंचक यम देवता की पूजा करके अकाल मृत्‍यु का खतरा टालने के लिए विशेष होते हैं.

साथ ही यम पंचक के 5 दिन में ही हिंदू धर्म का सबसे बड़ा पर्व दिवाली मनाया जाता है. धनतेरस से यम पंचक शुरू होते हैं और भाई दूज को समाप्‍त होते हैं. यानी कि इस साल यम पंचक 6 नवंबर से 11 नवंबर 2026 तक हैं.

(यह भी पढ़ें - धनतेरस आज: पूजा से लेकर सोना-चांदी खरीदने और कार डिलीवरी तक, देखें धनतेरस के सबसे शुभ मुहूर्त) 

आम पंचक से बेहद अलग

हर महीने जब चंद्रमा कुंभ-मीन राशि में रहते हुए धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तर भाद्रपद और रेवती नक्षत्र से गुजरता है तो इन 5 दिन को पंचक कहा जाता है. पंचक के इन दिनों में कोई भी शुभ कार्य और नया काम नहीं किया जाता है. इसके अलावा नए घर के निर्माण की शुरुअआत, घर की छत डलवाना, फर्नीचर खरीदना, यात्रा करना भी वर्जित होता है. पर यम पंचक में ऐसा कुछ नहीं होता है.  

बल्कि यम पंचक के पहले ही दिन धनतेरस से में लोग नए सामान, सोना-चांदी, गाड़ी आदि ढेरों सामान खरीदते हैं. नए घर की बुकिंग करवाते हैं, निवेश करते हैं. साथ ही 5 दिन का दीपोत्‍सव पर्व मनाते हैं. 

यम पंचक में क्‍या करें?

यम पंचक के दौरान धनतेरस, नरक चौदस, दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज पर्व मनाए जाते हैं. इन पर्वों को धर्म और परंपरा के अनुसार मनाएं. साथ ही यमदेवता के लिए दीपक जलाएं.

- धनतेरस और नरक चतुर्दशी के दिन दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जरूर जलाएं. मान्‍यता है कि इससे परिवार की संकटों से रक्षा होती है. अकाल मृत्‍यु का खतरा दूर होता है. धनतेरस पर आज 6 नवंबर की शाम को सूर्यास्‍त के बाद यम के लिए दीपक जलाएं.

- नरक चौदस के दिन कई जगहों पर यमराज के वाहन कौए की भी पूजा का विधान है. कुत्‍ते को भी रोटी खिलाएं. कुछ जगहों पर इस दिन कुत्‍ते को माला भी पहनाते हैं.

- वहीं गोवर्धन पूजा के दिन गाय-बैल की पूजा करें.

साल 2026 में यम दीपक जलाने का शुभ मुहूर्त

ज्‍योतिषाचार्य राज मिश्रा के अनुसार, आज धनतेरस पर शाम को यम दीपक जलाने का शुभ मुहूर्त 07:56 बजे से रात 8:10 बजे तक है.

(यह भी पढ़ें - सोने के रथ, चांदी की पालकी, मां लक्ष्‍मी करें मुराद पूरी आपकी...इन टॉप मैसेज से दें धनतेरस की शुभकामनाएं)

(Disclaimer- यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक कथाओं और पंचांग पर आधारित है. इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है. Zee News इसकी पुष्टि नहीं करता है. किसी भी धार्मिक अनुष्ठान से पहले अपने पुरोहित या जानकार से सलाह जरूर लें.)

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About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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