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कार्तिक महीने की त्रयोदशी तिथि पर आज धनतेरस पर्व मनाया जाएगा. नाम से ही जाहिर है कि यह त्योहार धन की कामना करने का है. साथ ही आरोग्य और सुख देने वाला है. इसलिए आज धन की देवी मां लक्ष्मी, धन के देवता कुबेर और धन्वंतरि की पूजा करते हैं. साथ ही सदियों पुरानी मान्यता है कि धनतेरस के दिन खरीदी गईं कुछ खास चीजें घर में समृद्धि लाती हैं. जैसे- सोना-चांदी, गाड़ी, बर्तन, घर बुक करना आदि. जानिए इस साल धनतेरस पर पूजा, शॉपिंग और यम दीपक जलाने के लिए शुभ मुहूर्त कब-कब हैं.
द्रिक पंचांग के अनुसार, सुबह 10:30 बजे तक द्वादशी तिथि है और उसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी, जो कि 7 नवंबर की सुबह 06:37 बजे तक रहेगी. चूंकि धनतेरस की पूजा शाम को स्थिर लग्न वृष में करना सबसे शुभ माना जाता है इसलिए धनतेरस 6 नवंबर यानी कि आज मनाई जाएगी.
ज्योतिषाचार्य आचार्य राज मिश्रा के अनुसार, धनतेरस की पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त : शाम 06:01 बजे से 07:56 बजे तक है. इस समय वृष लग्न है, जो कि लक्ष्मी जी की पूजा करने और उनका आह्वान के लिए अतिउत्तम माना गया है.
धनतेरस पूजा का रात का मुहूर्त : 09:10 बजे से 10:20 बजे तक है.
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने के लिए शुभ मुहूर्त : शाम 04:20 बजे से 06:40 बजे तक है
(सुबह 10:30 बजे से ही त्रयोदशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी, लिहाजा पूरे दिन शॉपिंग की जा सकेगी.)
कार डिलीवरी के लिए शुभ मुहूर्त: सुबह 11:50 बजे से दोपहर 01:33 बजे तक
संपत्ति से जुड़ी डील फाइनल करने के लिए शुभ मुहूर्त : सुबह 11:10 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक है.
दीपावली की पूजा के लिए लक्ष्मी जी गणेश जी की मूर्ति खरीदने का धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त : शाम को 06:20 बजे से 07:20 बजे तक
धनतेरस पर यम का दीपक जलाने का शुभ मुहूर्त : शाम 07:56 बजे से रात 8:10 बजे तक है.
धनतेरस के दिन खरीदी गईं चीजों का पूरा फल तभी मिलता है, जब उन्हें शाम को लक्ष्मी जी की पूजा में उनके चरणों में अर्पित करें. इसलिए इस दिन केवल शुभ चीजें ही खरीदी जाती हैं. लिहाजा पहले शॉपिंग कर लें और फिर विधि-विधान से पूजा करें, इसके बाद दक्षिण दिशा में यम दीपक जलाएं.
लाभ चौघड़िया: सुबह 7:54 से 9:17 बजे तक
अमृत चौघड़िया: सुबह 9:17 से 10:38 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:45 बजे तक
चर चौघड़िया: दोपहर 4:11 से शाम 5:33 बजे तक
शुभ समय: शाम 6:03 से 7:19 बजे तक
लाभ मुहूर्त: रात 8:49 से 10:27 बजे तक
सोना-चांदी
तांबा-पीतल
झाड़ू
धनिया के बीज
गोमती चक्र
गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति
संपत्ति में निवेश करना
(Disclaimer- यहां दी गई जानकारी ज्योतिषाचार्यों और पारंपरिक पंचांग गणनाओं पर आधारित है. स्थान और गणना पद्धति के अनुसार मुहूर्त के समय में कुछ मिनट का अंतर संभव है. किसी भी पूजा, खरीदारी या उपाय को करने से पहले अपने स्थानीय पंडित या ज्योतिषाचार्य से अवश्य सलाह लें.)