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घर में भूलकर भी न लगाएं प्याज-बैंगन के पौधे! जानिए गार्डन बनाते समय किन वास्तु नियमों का रखें ध्यान

इस खबर में हम घर में किचन गार्डन बनाते समय ध्यान रखने वाले जरूरी वास्तु नियम के बारे में डिटेल से जानेंगे. साथ ही समझिए प्याज, लहसुन और बैंगन उगाने से क्यों बचना चाहिए और धनिया, पुदीना जैसी सब्जियां किस दिशा में लगाना बेहद शुभ माना जाता है.

घर में भूलकर भी न लगाएं प्याज-बैंगन के पौधे! जानिए गार्डन बनाते समय किन वास्तु नियमों का रखें ध्यान

आजकल शहरों में अपने घर की बालकनी, छत या खिड़की के पास छोटा सा किचन गार्डन बनाने का चलन बहुत तेजी से बढ़ रहा है. लोग अपने घर पर ही टमाटर, हरी मिर्च, धनिया और पुदीना जैसी सब्जियां उगाना खूब पसंद कर रहे हैं.

इससे एक तरफ जहां घर में ताजगी और हरियाली बनी रहती है, वहीं दूसरी तरफ जरूरत के वक्त केमिकल-फ्री सब्जियां भी मिल जाती हैं.

वास्तु शास्त्र में घर में लगाए जाने वाले पौधों को लेकर कुछ बेहद जरूरी नियम बताए गए हैं. वास्तु के मुताबिक पौधों की सही दिशा, उनकी प्रकृति और उन्हें रखने की जगह का हमारी जिंदगी पर गहरा असर पड़ता है.

भूलकर भी घर के अंदर न लगाएं प्याज, लहसुन और अरबी के पौधे

वास्तु मान्यताओं के मुताबिक कुछ सब्जियों के पौधों को घर के मुख्य हिस्से या बालकनी में लगाने से बचने की सलाह दी जाती है.

इनमें मुख्य रूप से प्याज, लहसुन, अरबी और बैंगन का नाम आता है. सनातन और वास्तु परंपरा में प्याज और लहसुन को तामसिक माना जाता है, इसलिए इन्हें घर के अंदर या पूजा स्थल के आसपास नहीं उगाना चाहिए.

वहीं अरबी के पौधे को राहु और केतु के प्रभाव से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि इन्हें घर के मुख्य कमरों के पास उगाने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. अगर आप इन्हें उगाना ही चाहते हैं, तो घर से अलग बने गार्डन में लगा सकते हैं.

बैंगन, लौकी और कद्दू की बेल उगाने के व्यावहारिक और धार्मिक नियम

वास्तु शास्त्र में बैंगन के पौधे को घर के अंदर लगाना आर्थिक रुकावटों का कारण माना गया है. इसलिए बैंगन हमेशा घर के बाहर खुले मैदान या अलग किचन गार्डन में ही लगाएं.

इसी तरह लौकी और कद्दू की बेलें बहुत तेजी से फैलती हैं. इन्हें कभी भी संकरी बालकनी, कमरे या मुख्य दरवाजे के पास नहीं फैलाना चाहिए.

अगर कद्दू या लौकी की बेलें घर के मुख्य प्रवेश द्वार को पूरी तरह ढक लेती हैं, तो इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश रुक जाता है. इन बेलों को हमेशा किसी खुली जगह पर मजबूत जाली का सहारा देकर ही उगाएं.

घर में धनिया, पुदीना, मिर्च और टमाटर उगाना माना जाता है बेहद शुभ

अगर आप अपने किचन गार्डन की शुरुआत कर रहे हैं, तो वास्तु के अनुसार कुछ हरी और उपयोगी चीजें उगाना बेहद शुभ फलदायी होता है.

घर में धनिया, पुदीना, हरी मिर्च और टमाटर के पौधे लगाना बहुत अच्छा माना जाता है. धनिया और पुदीना को आप छोटे गमलों में भी आसानी से लगा सकते हैं.

जबकि टमाटर और हरी मिर्च के लिए थोड़े बड़े गमले की जरूरत होती है. ये पौधे न केवल दिखने में सुंदर लगते हैं, बल्कि घर के वातावरण में सकारात्मकता और ताजगी भी भरते हैं.

किचन गार्डन के लिए कौन सी दिशा है सबसे बेस्ट?

वास्तु के नियमों के मुताबिक घर में पेड़-पौधों के लिए उत्तर और पूर्व दिशा को सबसे अनुकूल माना गया है. इस दिशा में गमले रखने से घर में सुख-समृद्धि आती है और वास्तु दोष दूर होता है.

हालांकि, पौधों की दिशा तय करते समय इस बात का भी ध्यान रखें कि उन्हें पर्याप्त धूप मिल पा रही है या नहीं. ज्यादातर सब्जियों को बढ़ने के लिए हर दिन 4 से 5 घंटे की धूप की जरूरत होती है.

इसलिए अपने किचन गार्डन को हमेशा ऐसी जगह व्यवस्थित करें जहां प्राकृतिक रोशनी और धूप अच्छी आती हो.

मुख्य द्वार और पौधों की सही देखभाल से बनी रहेगी घर में सकारात्मकता

घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर कभी भी ऐसे गमले या बेलें न रखें, जो आने-जाने के रास्ते में रुकावट पैदा करें. इसके अलावा घर के अंदर या बालकनी में कभी भी सूखे, मुरझाए या सड़े हुए पौधों को जमा न होने दें.

सूखे पौधे घर में उदासी और नकारात्मकता लाते हैं. इसलिए समय-समय पर पौधों की छंटाई करते रहें और खराब पत्तियों को हटाते रहें.

हरे-भरे, स्वस्थ और लहराते पौधे न केवल आपके किचन गार्डन की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि आपके घर को भी खुशहाली से भर देते हैं.

डिस्क्लेमर (Disclaimer):
यह लेख पारंपरिक वास्तु शास्त्र मान्यताओं, गार्डनिंग के सामान्य नियमों और लोक परंपराओं पर आधारित एक सामान्य विवरणात्मक रिपोर्ट है. इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. पाठकों से अनुरोध है कि इसे एक सामान्य जानकारी के रूप में ही लें.

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About the Author

Harsh Singh

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हर्ष सिंह जी न्यूज डिजिटल में एक अनुभवी और धारदार शैली के पत्रकार हैं. उन्होंने मार्च 2024 में जी न्यूज जॉइन किया था. वर्तमान में हर्ष धर्म और ज्योतिष से जुड़ी खबरों की खास कवरेज कर रहे हैं. वे देश-दुनिया के धार्मिक आयोजनों, अध्यात्म और ज्योतिषीय गणनाओं से जुड़े जरूरी अपडेट्स दर्शकों तक पूरी सटीकता के साथ पहुंचाते हैं. हर्ष को उनकी फैक्ट-आधारित और भरोसेमंद लेखन शैली के लिए जाना जाता है.बनारस के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट-ग्रेजुएशन करने वाले हर्ष अपनी पूरी ऊर्जा और समझ के साथ धर्म-कर्म और ऐस्ट्रो की दुनिया के खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं.अगर आप हर्ष सिंह से संपर्क करना चाहते हैं या उनसे जुड़ा कोई सुझाव साझा करना चाहते हैं, तो उन्हें इस ईमेल आईडी पर लिख सकते हैं: Harsh.singh@India.com
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