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हमारे जीवन में कई बार वो समय भी आता है जब कुछ भी अच्छा नहीं होता. मन बेचैन रहता है और चाहकर भी काम नहीं बन पाता है. अनचाही चिंताएं घेरे रहती हैं और मन स्थिर नहीं रहता है. ऐसे में भगवान की शरण लेना ही एक रास्ता दिखाई देता है. हालांकि, कुछ लोग मन की शांति के लिए ध्यान करते हैं, मंत्र जाप करते हैं या दान-पुण्य कर परेशानियों से निकलने की कोशिश करती हैं. इसी तरह से एक प्रभावशाली मंत्र का जाप करना भी जीवन की परेशानियों को दूर कर सकता है. यह मंत्र है शिव जी को समर्पित 'ॐ नमः शिवाय'. इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति खुद को अध्यात्म से जोड़ पाता है. बाहरी दुनिया के शोर-शराबे से निकलकर मन की शांति पाने की ओर खुद को आगे बढ़ाता है. 'ऊं नमः शिवाय' मंत्र के बारे में विस्तार से जानें.
'ऊं नमः शिवाय' मंत्र का सीधा अर्थ है-
पहला अर्थ- 'मैं भगवान शिव को नमन करता हूं'
दूसरा अर्थ- 'मैं अपने भीतर की दिव्यता का सम्मान करता हूं.'
'ऊं नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जाप करने से मानसिक शांति मिलती है, ओवरथिंकिंग कम होती है और मन का भय दूर होता है.
'ऊं नमः शिवाय' मंत्र के जाप से एकाग्रता बढ़ती है और जीवन में स्थिरता आती है. मन अनुशासन में रहता है.
'ऊं नमः शिवाय' मंत्र के जाप से नकारात्मक ऊर्जा का जीवन में संचार होता है और वातावरण में एक हल्कापन आता है.
'ऊं नमः शिवाय' मंत्र के जाप से शारीरिक स्वास्थ्य ठीक होता है और प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है.
'ऊं नमः शिवाय' मंत्र के जाप से व्यक्ति को अपनी इंद्रियों पर काबू पाने में मदद मिलती है.
'ऊं नमः शिवाय' मंत्र का हर दिन जाप और अभ्यास करने से इसका जीवन पर जल्द ही शुभ असर दिखने लगता है. भावनात्मक स्थिरता आती है और विचार शुद्ध होते हैं. मन की तीव्रता कम होती है और जीवन में संतुलन आता है. ध्यान रखें कि ऐसे किसी मंत्र का जाप अपने ज्योतिषाचार्य और पंडित जी की सलाह पर ही करें.
'ऊं नमः शिवाय' मंत्र का जाप करते समय हमेशा शुद्धता, सही उच्चारण और धार्मिक नियमों का विशेष ध्यान रखें. स्वच्छ और हल्के रंग के या सफेद कपड़े पहनकर इस मंत्र का जाप करें. जाप के समय मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रखें और शांत जगह पर बैठें. सुखासन या पद्मासन में बैठें और रीढ़ की हड्डी सीधी रखें. इस मंत्र का जाप रुद्राक्ष की माला पर कर सकते हैं.
(Disclaimer: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारी पर आधारित है, किसी भी उपाय से पहले अपने गुरु या ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें.)