SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

आज घर-घर होता है कन्या पूजन, पर सबसे पहले किसने की थी छोटी बच्चियों की पूजा? अष्‍टमी-नवमी तिथि ही क्‍यों चुनी?

नवरात्र पर्व का समापन हर घर में कन्‍या पूजन से ही होता है. पर कभी सोचा है कि ये परंपरा कहां से आई और किसने पहली बार कन्‍या पूजन किया था? साथ ही इसके लिए अष्‍टमी-नवमी तिथि ही क्‍यों चुनी गई.

Written By Shraddha Jain
Published: Oct 17, 2026, 08:37 AM IST | Updated: Oct 17, 2026, 08:43 AM IST
Image Credit: इस साल अष्‍टमी-नवमी तिथि एक साथ 19 अक्‍टूर को पड़ रही है. इस मौके पर जानिए इस परंपरा की शुरुआत का इतिहास. (Photo:AI)
Join

नवरात्र की अष्‍टमी-नवमी तिथि पर हवन और कन्‍या-पूजन होता है. धार्मिक मान्‍यता है कि बिना कन्‍या-पूजन किए नवरात्र और पूजा का पूरा फल नहीं मिलता है. इस साल 11 अक्‍टूबर 2026 को नवरात्र प्रारंभ हुईं और 19 अक्‍टूबर को अष्‍टमी व नवमी तिथि एकसाथ पड़ रही हैं. ऐसे में 19 अक्‍टूबर को कन्‍या पूजन करना शुभ माना जा रहा है. घर-घर में हर साल नवरात्र पर कन्‍या पूजन होता है. छोटी बच्चियों को सम्‍मानपूर्वक आमंत्रित करके पैर धुलाए जाते हैं, उनको तिलक लगाकर, पैर छूकर भेंट देते हैं. खीर-पूरी, हलवा, आदि खिलाया जाता है. जानिए कन्‍या पूजन की ये परंपरा कब और किसने शुरू की.

देवराज इंद्र ने किया था कन्‍या पूजन

मार्कंडेय पुराण और अन्य हिंदू धार्मिक ग्रंथों में जो वर्णन मिलता है, उसके अनुसार सबसे पहले देवराज इंद्र ने कुमारी कन्‍याओं का पूजन किया था. इसके पीछे एक पौराणिक कथा भी है. एक बार इंद्र देव किसी संकट में फंस गए. वे मां दुर्गा को प्रसन्‍न करके उनकी कृपा पाना चाहते थे. उन्‍होंने ब्रह्मा जी से इसका उपाय पूछा.

तब ब्रह्मा जी ने इंद्र देव से कहा कि देवी माता को प्रसन्‍न करने के लिए उनकी पूजा करने के साथ-साथ छोटी कन्‍याओं को मां दुर्गा का रूप मानकर उनकी पूजन भी करो. इससे देवी दुर्गा प्रसन्‍न होंगी. ब्रह्मा जी की सलाह मानकर देवराज इंद्र ने विधि-विधान से देवी दुर्गा की पूजा की. फिर छोटी-छोटी कुंवारी कन्‍याओं का भी पूजन किया, उन्‍हें भोजन कराया. इंद्रदेव के सेवा भाव से माता प्रसन्न हुईं और उन्हें आशीर्वाद दिया. मान्‍यता है कि, तभी से कन्या पूजन की परंपरा शुरू हुई. वहीं किसी व्‍यक्ति द्वारा सबसे पहले कन्‍या पूजन करने को लेकर कोई सर्वमान्य ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है.

हर उम्र की कन्‍या का अलग नाम

आमतौर पर 2 से 10 साल की कन्‍याओं का पूजन करने का विधान बताया गया है. साथ ही पुराणों में इन कन्‍याओं के विशेष नाम भी बताए गए हैं. यानी कि 2 साल की कन्‍या का नाम कुमारी बताया गया है, 3 साल की कन्‍या का नाम त्रिमूर्ति आदि.

उम्र - कन्या का नाम
2 साल - कुमारी
3 साल - त्रिमूर्ति
4 साल - कल्याणी 
5 साल - रोहिणी
6 साल - कालिका
7 साल - चंडिका
8 साल - शाम्भवी 
9 साल - दुर्गा

अष्‍टमी-नवमी पर ही कन्‍या पूजन क्‍यों?

कन्‍या पूजन नवरात्र के समापन दिनों अष्‍टमी और नवमी तिथि पर किया जाता है. महाअष्‍टमी-महानवमी को ही कन्‍या पूजन क्‍यों किया जाता है इसके पीछे 2 प्रमुख वजहें हैं. पहली- इन दोनों तिथियों को विशेष माना गया है. दूसरा - मान्‍यता है कि अष्‍टमी-नवमी तिथि पर नवरात्र चरम पर होती हैं, इस समय विशेष पूजा-अर्चना करने पर मां दुर्गा जल्‍द प्रसन्‍न होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

(यह भी पढ़ें: क्‍या नवरात्र में अष्‍टमी-नवमी एक ही दिन है? सही तारीख के साथ कन्‍या-पूजन मुहूर्त भी जान लें) 

(डिस्‍क्‍लैमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक परंपराओं पर आधारित है. अलग-अलग ग्रंथों और क्षेत्रों में कन्या पूजन से जुड़ी कथाएं और रीति-रिवाज अलग हो सकते हैं.) 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES