Navratri 2026: नवरात्र में मां दुर्गा को चढ़ाएं ये 5 फूल, मातारानी प्रसन्न होकर जल्दी पूरी करेंगी मनोकामनाएं!
Navratri 2026 Maa Durga Favourite Flowers: नवरात्र के दिनों में मां दुर्गा को प्रसन्न कर उनकी कृपा पाने का कोई भी मौका हाथ से जाने नहीं देना चाहिए. मां नौ स्वरूपों की पूजा में उनके प्रिय फूलों को अर्पित करने का विशेष महत्व है.
शारदीय नवरात्र जल्दी ही आने वाली है. नवरात्र के 9 दिनों में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की भक्त विशेष पूजा अर्चना करते हैं. इस बार नवरात्रि का पर्व 11 से 20 अक्टूबर तक चलने वाला है. मान्यतानुसार नवरात्र में मां दुर्गा को उनके प्रिय फूल चढ़ाएं तो माता जल्दी प्रसन्न होकर जीवन के दुखों को दूर करती हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति करती हैं. ऐसे में आइए जानें इस नवरात्रि मां दुर्गा को कौन-से 5 फूल अर्पित करें.
नवरात्र में मां दुर्गा को अर्पित करें उनके 5 प्रिय फूल
लाल गुड़हल का फूल
नवरात्र में मां दुर्गा को हर दिन उनका प्रिय फूल लाल गुड़हल जरूर अर्पित करें. मान्यता है कि इस फूल को अर्पित करने से घर परिवार में सुख-समृद्धि आती है और धन की कभी कमी नहीं होती है.
कमल का फूल
नवरात्र में मां दुर्गा को उनका प्रिय फूल कमल जरूर अर्पित करें. ऐसा करने से भक्त को ज्ञान की प्राप्ति होती है. माता को कमल के साथ बेला और चमेली का फूल भी चढ़ा दें. इससे साहस और पराक्रम बढ़ेगा.
पीले कनेर के फूल
अगर किसी व्यक्ति को रोग से मुक्ति चाहिए या शोक दूर करना है तो नवरात्रि में मातारानी को पीले कनेर के फूल अर्पित करें. ऐसा करने से मातारानी भक्त को स्वस्थ और सुखी होने का वरदान देंगी.
गेंदे का फूल
विवाह होने में अनेक बाधाएं आ रही हैं तो मां दुर्गा को गेंदे के फूल चढ़ाएं. इससे मनचाहा और सुयोग्य जीवनसाथी पाने की इच्छा पूरी होगी. दापत्य जीवन के विवाद दूर होंगे और रुकावटें भी दूर होंगी.
रातरानी का फूल
मां दुर्गा को रातरानी का फूल नवरात्र में जरूर चढ़ाएं. ऐसा करने से मन के भय से मुक्ति मिलती है और जीवन के सभी दुख दूर होते हैं. मन में केवल सकारात्मक विचार ही आते हैं और बुरी शक्तियों का प्रभाव खत्म होता है.
देवी-देवताओं को फूल अर्पित करने का महत्व
धार्मिक मान्यता है कि देवी-देवताओं को फूल चढ़ाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है और पवित्रता और शुद्धता का जीवन में संचार होता है. व्यक्ति को पुण्य और सुख प्राप्त होता है. सभी मनोकामाएं भी पूर्ण होती हैं.
(डिस्क्लेमर- यह जानकारी पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. बताए गए उपायों के प्रभाव और परिणाम व्यक्ति विशेष की परिस्थितियों, आस्था, स्थान तथा अन्य कारकों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें और किसी भी प्रकार के निश्चित परिणाम या लाभ का दावा न मानें.)