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काशी में धनतेरस की सबसे अनोखी परंपरा: साल में एक बार खुलते हैं माता अन्नपूर्णा के कपाट, इस बार मिलेगा 21 किलो चांदी का खास खजाना

काशी के प्रसिद्ध श्री अन्नपूर्णा मंदिर में धनतेरस से अन्नकूट तक केवल 5 दिनों के लिए माता की स्वर्णमयी प्रतिमा के कपाट खुलते हैं. इस दौरान भक्तों को 21 किलो चांदी का खजाना और खास सिक्का बांटा जाता है, जिसे तिजोरी में रखने से घर में पैसे की कमी नहीं होती है.

काशी में धनतेरस की सबसे अनोखी परंपरा: साल में एक बार खुलते हैं माता अन्नपूर्णा के कपाट, इस बार मिलेगा 21 किलो चांदी का खास खजाना

धर्म और मोक्ष की नगरी काशी में धनतेरस का त्योहार एक खास पहचान रखता है. धनतेरस के समय बनारस के माता अन्नपूर्णा मंदिर में भारी भीड़ जुटती है.

इस दिन से माता अन्नपूर्णा के मंदिर में एक ऐसी परंपरा शुरू होती है, जो पूरी दुनिया में सिर्फ यहीं देखने को मिलती है. इस मंदिर में दो मूर्तियां हैं. एक पीतल की और एक सोने की.

साल में सिर्फ एक बार, यानी धनतेरस से लेकर अन्नकूट तक बस 5 दिनों के लिए माता अन्नपूर्णा की सोने की मूर्ति वाले गर्भगृह का कपाट भक्तों के लिए खोला जाता है.

बाकी पूरे साल भक्त माता की पीतल वाली मूर्ति के दर्शन करते हैं.

क्यों खास है माता का ये मंदिर?

काशी में ये माना जाता है कि कोई भी इस शहर में भूखा नहीं सोता है. क्योंकि यहां खुद माता अन्नपूर्णा अन्न और धन का भंडार संभाले हुए हैं.

इस बार धनतेरस के दिन माता की 21 किलो चांदी के खजाने से पूजा की जाएगी.

इस दौरान भक्तों को प्रसाद के रूप में धान का लावा और खास सिक्का दिया जाता है. जिसे तिजोरी में रखने से घर में कभी पैसों की समस्या नहीं होगी.

भगवान शिव ने भी मांगी थी भिक्षा

पौराणिक मान्यताओं की मानें तो जब धरती पर खाने पीने की समस्या हो गई थी. तब खुद महादेव ने संसार के कल्याण के लिए माता अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी थी.

वैसे इस बार मंदिर के ट्रस्ट ने एक बेहद खास सिक्का तैयार कराया है. इस सिक्के पर माता अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगते हुए भगवान शिव के चित्र को बनाया गया है.

ये सिक्का इस बार दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को खजाने के रूप में बांटा जाएगा.

क्या रहेगी मंदिर की टाइमिंग?

सबसे पहले 6 नवंबर की भोर में 2 बजकर 45 मिनट पर शास्त्रोक्त विधि से पूजन और खजाने की आरती शुरू होगी.

इसके बाद सुबह 5 बजे से आम भक्तों के लिए कपाट खोल दिए जाएंगे. 6 नवंबर को रात 11:15 बजे तक दर्शन होंगे.

इसके बाद 7 नवंबर से सुबह 4 बजे से रात 11:15 बजे तक भक्त अनवरत माता के सोने वाली मूर्ति के दर्शन कर सकेंगे और उनका खजाना प्राप्त कर सकेंगे.

5 लाख भक्तों के आने की उम्मीद

हर साल इस पर्व पर मंदिर में बहुत भीड़ होती है. माता के दुर्लभ रूप को देखने क लिए देश के कोने-कोने से लोग आते हैं.

इस साल लगभग 5 लाख से अधिक लोगों के आने का अनुमान जताया जा रहा है. भीड़ को कंट्रोल करने के लिए सड़कों पर 2 किलोमीटर लंबी बैरिकेडिंग की गई है और सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं.

तिजोरी में रखा खजाना लाता है बरकत

काशी आने वाले सभी लोगों की यही इच्छा होती है कि उसे माता अन्नपूर्णा का खजाना मिल जाए.

माना जाता है कि इस खजाने के सिक्के को अगर अपने घर की तिजोरी या अन्न के भंडार में रख दिया जाए, तो वहां पूरे साल देवी लक्ष्मी और माता अन्नपूर्णा का वास रहता है.

यही वजह है कि साल में मिलने वाले इन 5 दिनों के मौके को कोई भी भक्त गंवाना नहीं चाहता.

डिस्क्लेमर: यह लेख पौराणिक मान्यताओं और मंदिर की जानकारी पर आधारित है. इसका उद्देश्य केवल सही जानकारी देना है.

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Harsh Singh

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हर्ष सिंह जी न्यूज डिजिटल में एक अनुभवी और धारदार शैली के पत्रकार हैं. उन्होंने मार्च 2024 में जी न्यूज जॉइन किया था. वर्तमान में हर्ष धर्म और ज्योतिष से जुड़ी खबरों की खास कवरेज कर रहे हैं. वे देश-दुनिया के धार्मिक आयोजनों, अध्यात्म और ज्योतिषीय गणनाओं से जुड़े जरूरी अपडेट्स दर्शकों तक पूरी सटीकता के साथ पहुंचाते हैं. हर्ष को उनकी फैक्ट-आधारित और भरोसेमंद लेखन शैली के लिए जाना जाता है.बनारस के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट-ग्रेजुएशन करने वाले हर्ष अपनी पूरी ऊर्जा और समझ के साथ धर्म-कर्म और ऐस्ट्रो की दुनिया के खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं.अगर आप हर्ष सिंह से संपर्क करना चाहते हैं या उनसे जुड़ा कोई सुझाव साझा करना चाहते हैं, तो उन्हें इस ईमेल आईडी पर लिख सकते हैं: Harsh.singh@India.com
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