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क्‍यों उलझा दशहरा की तारीख को लेकर मामला? आखिर कब से कब तक है दशमी तिथि? विजय मुहूर्त भी जानें

साल 2026 में दशहरा 20 अक्‍टूबर को है या 21 अक्टूबर, इस बात को लेकर इस समय सबसे बड़ा कंफ्यूजन है. इसके पीछे वजह है दशमी तिथि का 2 दिन पड़ना. जानिए रावण दहन करने और वाहन व शस्‍त्र पूजन करने की सही तारीख और मुहूर्त क्‍या है?

Written By Shraddha Jain
Published: Oct 19, 2026, 11:09 AM IST | Updated: Oct 19, 2026, 11:28 AM IST
Image Credit: दशहरा पर शस्‍त्र पूजा और वाहन पूजा के लिए विजय मुहूर्त केवल 46 मिनट का है. (Photo:AI)
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19 अक्‍टूबर 2026 को अष्‍टमी और नवमी एकसाथ मनाई जा रही है. वहीं दशहरा 20 अक्‍टूबर को मनाया जाए या 21 अक्‍टूबर को इसे लेकर खासी उलझन है. ऐसे में विजयादशमी या दशहरे पर रावण दहन करने का मुहूर्त जानना जरूरी है. साथ ही आश्विन शुक्‍ल दशमी यानी कि विजयादशमी तिथि कब से कब तक है. इस साल दशहरा पर वाहन पूजा और शस्‍त्र पूजा करने के लिए विजय मुहूर्त कब है, जानिए सारी डिटेल्‍स.

विजया दशमी तिथि 2026

प्रोकेरला पंचांग के अनुसार, आश्विन शुक्‍ल दशमी यानी कि विजया दशमी तिथि 20 अक्‍टूबर 2026 की दोपहर 12:50 बजे से प्रारंभ होगी और 21 अक्‍टूबर 2026 की दोपहर 02:12 बजे समाप्‍त होगी. चूंकि रावण दहन रात में किया जाता है और दशमी तिथि की रात 20 दिसंबर को पड़ रही है. ऐसे में 20 अक्‍टूबर की रात को रावण दहन करना उचित होगा. हालांकि स्‍थानीय पंचांगों में तिथि को लेकर समय में कुछ अंतर हो सकता है.

देश के अधिकांश राज्‍यों में 20 अक्‍टूबर को ही दशहरा मनाया जाएगा लेकिन पश्चिम बंगाल में 21 अक्‍टूबर को मनाया जाएगा.

(यह भी पढ़ें: दशहरा 2026: हर साल जलता है रावण का पुतला, पर किसने जलाई थी उसकी चिता? एकमात्र जिंदा भाई विभीषण ने भी कर दिया था इंकार!)

दशहरा पूजा मुहूर्त

दशहरे के दिन मां दुर्गा की और भगवान राम की पूजा होती है. साथ ही लोग अपने वाहनों की पूजा करते हैं, शस्‍त्रों, मशीनों, औजारों की पूजा करते हैं. यह पूजा विजय मुहूर्त में करना शुभ माना जाता है, ताकि कामकाज में तरक्‍की हो.

इस साल दशहरे पर पूजा मुहूर्त दोपहर 01:59 बजे से 03:37 बजे तक है. वहीं पूजा के लिए विजय मुहूर्त दोपहर 01:59 बजे से 02:45 बजे तक है.

रावण दहन का समय

रावण दहन प्रदोष के बाद या सूर्यास्‍त के बाद करना ही शुभ माना जाता है. 20 अक्‍टूबर को प्रदोष शाम 05:47 बजे से शुरू होगा. वहीं सूर्यास्‍त शाम 05:53 बजे होगा. लिहाजा इस समय के बाद ही रावण दहन के लिए उत्‍तम समय रहेगा. हालांकि इस मामले में भी अलग-अलग स्‍थानों पर सूर्यास्‍त के समय में बदलाव के कारण रावण दहन मुहूर्त में कुछ अंतर हो सकता है.

(Disclaimer: यह सामग्री धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं एवं उपलब्ध धार्मिक स्रोतों पर आधारित है. विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और परंपराओं के अनुसार व्रत-त्योहारों की तिथि, पूजा-विधि एवं मान्यताओं में अंतर संभव है. पाठक इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के रूप में देखें.)

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About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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