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Diwali Laxmi Puja 2026: दिवाली पूजा का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त कब? नोट करें लक्ष्मी पूजन की सही विधि, मंत्र और उपाय

रोशनी, सजावट, खुशियों और धन-समृद्धि का पर्व दिवाली आज मनाया जाएगा. भगवान गणेश और मां लक्ष्‍मी की पूजा शाम को वृष लग्‍न के सबसे शुभ मुहूर्त में करना उचित होगा. जानिए लक्ष्‍मी पूजा का मुहूर्त, विधि, मंत्र और उपाय.

Diwali Laxmi Puja 2026: दिवाली पूजा का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त कब? नोट करें लक्ष्मी पूजन की सही विधि, मंत्र और उपाय
Image Credit: दिवाली पर लक्ष्‍मी पूजा के लिए शाम को वृष लग्‍न में करीब पौने 2 घंटे का सबसे शुभ मुहूर्त है. (Photo:AI)

दीपावली पर भगवान गणेश और मां लक्ष्‍मी की विधि-विधान से पूजा की जाती है. मान्‍यता है कि इससे लक्ष्‍मी जी प्रसन्‍न होती हैं और पूरे साल धन-धान्‍य की कमी नहीं होती है. इसके लिए पूजा शुभ मुहूर्त में करनी चाहिए, साथ ही सही विधि, मंत्र और उपाय भी करने चाहिए. यहां देखिए आज दिवाली पर लक्ष्‍मी पूजा से जुड़ी हर एक डिटेल.

दिवाली 2026 पूजा का महामुहूर्त

मशहूर ज्‍योतिषाचार्य पंडित अजय भाम्‍बी के अनुसार दीपावली की पूजा वृष लग्‍न में करना सबसे शुभ होता है. यदि इस समय में पूजा न कर पाएं तो रात को निशीथ काल मुहूर्त में पूजा कर सकते हैं. इस साल लक्ष्‍मी पूजा के 3 मुहूर्त हैं.

वृष काल (स्थिर लग्न): शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक (इसी दौरान पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है)
प्रदोष काल का आरंभ शाम 5:30 से होगा और शुभ चौघड़िया 7:11 तक रहेगी उसके बाद अमृत की चौघड़िया भी शुभ है. अतः यह समय शाम 5:30 बजे से रात 8:09 बजे तक रहेगा.

निशीथ काल मुहूर्त रात्रि 8:11 से 10:52 तक रहेगा. 
इस समय के बीच में अमृत और चर की चौघड़िया का समावेश रहेगा.

महानिशीथ काल मुहूर्त: रात 11:44 बजे से रात 12:36 बजे तक है. 

यह समय काली उपासना, तांत्रिक क्रियाएं, विशेष तंत्र अनुष्ठान, साधनाएं आदि के लिए प्रसिद्ध माना जाता है.

लक्ष्‍मी पूजा के सबसे शुभ मुहूर्त

लक्ष्‍मी पूजा की सरल विधि

घर की उत्‍तर-पूर्व दिशा को साफ करें. फिर वहां चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं. 
चौकी पर भगवान गणेश, मां लक्ष्‍मी और कुबेर देव की फोटो या मूर्ति स्‍थापित करें. 
साथ ही तांबे के कलश में साफ जल, सिक्‍का डालकर चावल की ढेरी पर स्‍थापित करें. 
देवी-देवताओं को हल्‍दी, कुमकुम, अक्षत लगाएं. फूल अर्पित करें. खील-बताशे, मिठाइयों, फल आदि का भोग लगाएं. 
घी का एक दीपक और बाकी दीपक तेल से जलाएं. 
लक्ष्‍मी जी के मंत्रों का जाप करें. कनकधारा स्‍तोत्र का पाठ करना बहुत शुभ फल देता है. 
मां लक्ष्‍मी और गणेश जी की आरती गाएं. 
आखिर में सभी को प्रसाद बांटें और स्‍वयं भी ग्रहण करें.

मां लक्ष्‍मी का बीज मंत्र

''ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः॥''

दिवाली के प्रभावी उपाय

आर्थिक तंगी से निजात पाने के लिए दिवाली के दिन कुछ उपाय आजमा सकते हैं. इनसे धन बढ़ने, सफलता मिलने, कर्ज खत्‍म होने की मान्‍यता है.

1. पीली कौड़ियों का उपाय : दिवाली पूजा में मां लक्ष्‍मी के चरणों में 5 पीली कौड़ियां अर्पित करें. पूजा के बाद अगले दिन सुबह स्‍नान के बाद इन कौड़ियों को रेशमी लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या धन स्‍थान पर रखें. इससे धन बढ़ने की मान्‍यता है.

2. गोमती चक्र का उपाय : दिवाली पूजा में 3 या 5 गोमती चक्र रखें. मां लक्ष्‍मी से धन-समृद्धि की कामना करें. फिर अगले दिन लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें. इससे धन आने के नए-नए रास्‍ते बनते हैं.

3. केसर-हल्‍दी का उपाय: लक्ष्‍मी पूजा के दौरान एक कटोरी में गंगाजल या किसी भी पवित्र नदी का जल लें, उसमें थोड़ी सी पिसी हल्‍दी और केसर लें. यदि केसर न हो तो अक्षत ले लें. फिर इस पेस्‍ट से दुकान की पेटी, लॉकर, बही या घर की तिजोरी पर स्‍वास्तिक का चिह्न बनाएं. इससे कारोबार में तरक्‍की होती है. नौकरी में प्रमोशन मिलने का रास्‍ता साफ होने की मान्‍यता है.  

(Disclaimer-  दी गई जानकारी पंचांग और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. मुहूर्त में स्थान के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है. यहां बताए गए उपाय आस्था और परंपरा से जुड़े हैं. इन्हें अपनाने से पहले अपनी श्रद्धा और सुविधा के अनुसार निर्णय लें.)

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Shraddha Jain

Shraddha Jain

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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