Yam Deepak: यमराज को घर के बाहर ही रोक देगा यह 1 दीपक! जानें धनतेरस पर यम दीया जलाने की सही दिशा-नियम, 13 दीपक का सीक्रेट
धनतेरस पर्व शाम को यम दीपक जलाए बिना अधूरा है. यम दीपक जलाने के लिए इस साल शुभ समय क्या है, इसे कैसे जलाएं और किस दिशा में जलाएं? जानिए सारी डिटेल्स.
आज धनतेरस को पूरे दिन लोग खरीदारी करेंगे, फिर शाम को सोना-चांदी, बर्तन, गाड़ी, धनिया के बीज आदि की मां लक्ष्मी और धन कुबेर के साथ पूजा करेंगे. साथ ही आरोग्य पाने के लिए भगवान धन्वंतरि की भी पूजा होगी. लेकिन इतना सब करने के बाद भी यह पर्व और इससे मिलने पूरा लाभ तब तक नहीं मिलेगा, जब तक कि आप यम का दीपक न जला दें. धनतेरस की शाम पूजा के बाद यम का दीपक जरूर जलाएं. इतना ही नहीं धनतेरस पर 13 दीपक जलाने की परंपरा है और इन्हें खास जगहों पर रखा जाता है. जानिए यम का दीपक और 13 दीपक का महत्व और उन्हें जलाने का समय आदि.
क्यों जलाते हैं यम दीपक?
हिंदू धर्म में यमराज को मृत्यु का देवता माना गया है. धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस की शाम को यमराज के नाम से दीपक जलाने या दीपदान करने से अकाल मृत्यु का संकट टल जाता है. पूरे परिवार को लंबी आयु मिलती है, दुर्घटनाओं से बचाव होता है.
यम दीपक की सही दिशा
ये बात ध्यान रखें कि यमराज दक्षिण दिशा के देवता हैं इसलिए दक्षिण दिशा को यम की दिशा कहते हैं. धनतेरस की शाम को दक्षिण दिशा में ही यम दीपक रखें. इसे घर की दक्षिण दिशा में भी रखा जाता है. वहीं कुछ लोग इसे घर के बाहर घर की दक्षिण दिशा में रखते हैं.
यम दीपक जलाने का समय
शास्त्रों के अनुसार यम दीपक प्रदोष काल में पूजा के बाद जलाना अच्छा होता है, जो कि आज शाम 05:49 से रात 08:23 तक है. ज्योतिषाचार्य राज मिश्रा के अनुसार, यम के लिए दीपदान करने का सबसे अच्छा समय शाम 07:56 बजे से रात 08:10 बजे तक है.
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यम दीपक जलाने की विधि
मिट्टी का दीपक लें, उसमें रुई की बाती रखें. सरसों का तेल डालकर दीपक जलाएं और यमराज का स्मरण करते हुए दक्षिण दिशा में रख लें. दीपक का मुख दक्षिण दिशा की ओर हो. साथ ही पूरे परिवार की लंबी उम्र और सुख-शांति की कामना करें. मान्यता है कि इससे यमराज प्रसन्न होते हैं और अकाल मृत्यु का संकट टालते हैं.
इन बातों का रखें ध्यान
- माना जाता है कि यम का दीपक घर के अंदर न रखें. इसे मुख्य दरवाजे के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके या कूड़े-नाली के ढेर के पास रखें.
- दीपक रखने के बाद उसे मुड़कर न देखें.
- कई जगहों पर परंपरा है कि वे रात को सोने से पहले यम दीपक रखते हैं और फिर घर के दरवाजे बंद कर लेते हैं.
- कोशिश करें कि घर के सारे लोग जब आ जाएं उसके बाद परिवार की महिला जाकर यम दीपक जलाकर आए और दरवाजे बंद कर ले.
- यम दीपक के लिए पुराना दीपक या आटे का दीपक लें.
13 दीपक कहां-कहां रखें?
धनतेरस पर 13 दीपक जलाने की परंपरा है. माना जाता है कि इससे सारे दुख और दोष दूर होते हैं. घर के कोने-कोने से और जीवन से अंधकार व नकारात्मकता दूर होती है.
1. पूजा घर
2. मुख्य प्रवेश द्वार
3. तुलसी के पौधे के पास
4. किचन में
5. तिजोरी या धन स्थान के पास
6. घर की बालकनी या छत पर
7. घर के अंधेरे कोने में
8. पीने के पानी के पास
9. पीपल के पेड़ के नीचे
10. घर के आंगन में
11. घर की बड़ी खिड़की के पास
12. घर के पास किसी मंदिर में
13. यम का दीपक (घर के बाहर)
(यदि इनमें से किसी स्थान पर किसी कारणवश न रख पाएं तो मुख्य द्वार पर ही ज्यादा दीपक जला दें)
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(Disclaimer- यह जानकारी पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक कथाओं और लोक परंपराओं पर आधारित है. यम दीपक जलाने से जुड़े दिशा-नियम और 13 दीपक के महत्व को आस्था और श्रद्धा के प्रतीक के रूप में समझा जाता है. इसे किसी वैज्ञानिक प्रमाण या निश्चित परिणाम के दावे के रूप में न लें.)