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'आरोपियों को और जेल में रखना जरूरी नहीं...' तीन लोगों की जान लेने वाले सुहैल समेत चार को हाईकोर्ट जज कौसर ने दी जमानत

कोच्चि के मिनी कूपर कार एक्सीडेंट केस में केरल हाईकोर्ट की एकल पीठ के जज जस्टिस कौसर एडाप्पगथ ने आरोपी सुहैल समेत चारों आरोपियों को जमानत दे दी है. पिछले महीने हुई इस दुर्घटना में 3 कर्मचारियों की मौत हो गई थी.

'आरोपियों को और जेल में रखना जरूरी नहीं...' तीन लोगों की जान लेने वाले सुहैल समेत चार को हाईकोर्ट जज कौसर ने दी जमानत
Image Credit: कोच्चि में तीन लोगों की जान लेने वाली मिनी कूपर कार और दाहिनी ओर मुख्य आरोपी सुहैल

केरल के चर्चित कोच्चि मिनी कूपर कार दुर्घटना मामले में केरल हाईकोर्ट ने चारों आरोपियों को जमानत दे दी है. इस दुर्घटना में क्राफ्ट रिटेल स्टोर के तीन कर्मचारियों की मौत हो गई थी. कोर्ट ने कहा कि चारों आरोपियों से 2 बार पूछताछ की जा चुकी है और वे एक महीने तक जेल में भी रह चुके हैं. ऐसे में अब उन्हें और जेल में रखना जरूरी नहीं है. अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवारों का गुस्सा भड़क गया है और उन्होंने इंसाफ की हत्या करार दिया है.

सुहैल ने तेज रफ्तार कार से 3 लोगों को रौंद दिया था

बताते चलें कि आरोपी सुहैल पिछले महीने 11 अक्टूबर को अपनी मिनी कूपर कार लेकर तेज रफ्तार में कोचीन एयरपोर्ट की ओर जा रहा था. उसकी गाड़ी में अन्य तीन आरोपी अमीन शाह, निनाव और जोयल एस एंटो भी सवार थे. आरोप है कि चारों में जमकर शराब पी हुई थी और वे नशे में धुत्त थे. तेज स्पीड में गाड़ी चलाते हुए उन्होंने कार से एक दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी थी. उस दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी.

क्राफ्ट रिटेल स्टोर में काम करते थे तीनों मृतक

मृतकों की पहचान इयांस, गोतिका और देविका के रूप में हुई थी. वे तीनों त्रिथक्करा के एक क्राफ्ट रिटेल स्टोर में काम करते थे. वारदात के बाद आरोपियों ने वहां से भागने की कोशिश की लेकिन स्थानीय लोगों ने घेराबंदी करके सुहैल और निनाव को मौके से दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया था, जबकि अमीन और जोयल को अगले दिन अलाप्पुषा से गिरफ्तार किया गया था.

जांच में चारों के नशे में धुत्त होने का पता चला था. इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोप सुहैल पर तेज और लापरवाही से गाड़ी चलाने, शराब के नशे में गाड़ी चलाने और गैर-इरादतन हत्या जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया. जबकि उसके तीनों दोस्तों पर मुख्य आरोपी की मदद करने के आरोप में केस दर्ज किया गया. इसके बाद कोर्ट में पेश करके उन्हें जेल भेज दिया गया.

लोअर कोर्ट ने लताड़ा, हाईकोर्ट ने दे दी जमानत

तीन निर्दोष लोगों की जिंदगी लेने वाले चारों आरोपियों ने जमानत के लिए पहले अंगमाली की ट्रायल कोर्ट और बाद में एर्नाकुलम जिला सत्र न्यायालय के दरवाजे खटखटाए. लेकिन दोनों जगहों से उनकी जमानत याचिकाएं खारिज हो गईं. इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की. जहां पर जस्टिस कौसर एडाप्पगथ की एकल पीठ ने आरोपियों की अपील मानते हुए चारों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दे दिया.

आरोपियों को ज्यादा दिन जेल में रखना उचित नहीं- जस्टिस कौसर

जस्टिस कौसर ने कहा कि चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर दो बार पूछताछ की जा चुकी है. वे आरोपी लगभग 20 दिन न्यायिक हिरासत में बिता चुके हैं. ऐसे में उन्हें और जेल में रखना जरूरी नहीं है. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि चारों आरोपी युवा हैं और उनका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. लिहाजा, उन्हें जमानत पर रिहा करके सुधरने का मौका देना ठीक रहेगा.

हालांकि, अपने इस आदेश में हाईकोर्ट ने कहा कि मुख्य आरोपी सुहैल सजीव को 10 दिन बाद रिहा किया जाए. जबकि बाकी तीनों आरोपियों को पहले छोड़ा जा सकता है. अदालत के इस फैसले से 3 लोगों की जान लेने वाले आरोपियों के चेहरे खिल उठे. वहीं अपनों को खोने वाले पीड़ित परिवारों की आंखों में आंसू आ गए. उन्होंने इसे अन्याय बताते हुए अदालत से न्याय देने की गुहार लगाई. 
 

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About the Author

Devinder Kumar

Devinder Kumar

अनुभवी पत्रकार और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक हैं. पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. अमर उजाला और नवभारत टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करने के बाद, वर्तमान में वे Zee News में कार्यरत हैं. देश-दुनिया और ब्रेकिंग न्यूज पर नजर रखते हैं. अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक घटनाक्रमों और खोजपरक पत्रकारिता में विशेष पकड़ है.
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