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Dhanteras 2026 Shopping: धनतेरस पर लोग जमकर खरीदारी करते हैं. सोने-चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, होम डेकोरेशन, कार-बाइक की खरीदारी सबसे ज्यादा होती है. भले ही खाड़ी युद्ध और कच्चे तेल की वजह से महंगा बढ़ी है, लेकिन बाजार को इस धनतेरस पर धनवर्षा की पूरी उम्मीद है.
1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार
धनतेरस के मौके पर 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद है. सिर्फ सोने और चांदी की बिक्री 60,000 करोड़ रुपए से अधिक रहने का अनुमान है.बाजारों में 14 कैरेट और 18 कैरेट के हल्के सोने के गहनों की डिमांड बढ़ी है. चांदी के सिक्कों, सजावटी वस्तुओं और मछली, कछुए एवं हाथी जैसी शुभ आकृतियों की मांग मजबूत बनी हुई है.
कैट के अनुमान के मुताबिक त्योहारों के दौरान खरीदारी को लेकर ग्राहकों का उत्साह बरकरार है और वे धनतेरस से जुड़ी पारंपरिक खरीदारी कर रहे हैं. ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन ने कहा कि सोने और चांदी की ऊंची कीमतों के बावजूद इनकी मांग मजबूत बनी हुई है.
सोने की कीमत का असर
सोने की कीमत का असर गहनों के वजन पर पड़ा है. लोग हल्के और कम कैरेट के गहने बनवा रहे हैं. खरीदार अब हल्के वजन के आभूषणों और पारंपरिक निवेश उत्पादों को अधिक पसंद कर रहे हैं. व्यापारियों के मुताबिक, बाजारों में 14 कैरेट और 18 कैरेट के हल्के सोने के आभूषणों, चांदी के सिक्कों की डिमांड बढ़ी है.
1 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा कैसे
देशभर में बिक्री के रुझान और ग्राहकों की प्रतिक्रिया का आकलन करके कैट सेल का ये अनुमान लगाती है. इस अनुमान में अलग-अलग राज्यों के व्यापारिक संगठनों से मिले इनपुट, ग्राहकों की मांग के रुझान और ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी बाजारों में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों पर आधारित किया जाता है.
पिछले साल 6.05 लाख करोड़ का कारोबार
व्यापारिक संगठन के मुताबिक, पिछले साल त्योहारी कारोबार लगभग 6.05 लाख करोड़ रुपए रहा था, जिसमें वस्तुओं का कारोबार 5.40 लाख करोड़ रुपए और सेवाओं का कारोबार लगभग 65,000 करोड़ रुपए था. कैट ने अनुमान लगाया है कि मौजूदा त्योहारी सीजन में सेवा क्षेत्र 80,000 करोड़ रुपए से लेकर 1 लाख करोड़ रुपए तक का कारोबार कर सकता है. इसमें ऑटोमोबाइल , लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन, खानपान, इवेंट मैनेजमेंट और इससे जुड़ी गतिविधियों का योगदान रहेगा.