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मैं पार्टी नहीं छोड़ रहा... पर आईना तो दिखाऊंगा : विश्वेंद्र सिंह के तेवरों के पीछे की असली इनसाइड स्टोरी

Bharatpur News : राजस्थान की सियासत में भूचाल लाने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री और दिग्गज जाट नेता विश्वेंद्र सिंह ने अपने बागी तेवरों पर आखिरकार खुद बड़ा बयान दिया है. भरतपुर और डीग जिलों में नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के बाद विश्वेंद्र सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट वायरल थी. जिस पर विश्वेंद्र सिंह ने बड़ी बात कही.

Reported By देवेंद्र सिंह Written By Pragati Pant Awasthi
Published: Sep 30, 2026, 10:58 AM IST | Updated: Sep 30, 2026, 01:43 PM IST
Image Credit: Vishwendra Singh on Congress Exit Rumors
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Bharatpur News : राजस्थान की सियासत में एक बार फिर आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है. भरतपुर और डीग जिलों में नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री और राजपरिवार के पूर्व सदस्य विश्वेंद्र सिंह ने तीखे तेवर दिखाए. सोशल मीडिया पर एक आक्रामक पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने पार्टी के प्रदेश नेतृत्व और जिला अध्यक्षों पर सीधा निशाना साधा है. उनके इस बागी तेवर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है.

टीका-टिप्पणी और चर्चाओं का बाजार : क्या है विश्वेंद्र सिंह का स्टैंड ?
विश्वेंद्र सिंह ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट और तीखे बयानों के बाद अब अपना पक्ष स्पष्ट किया और पार्टी के भीतर ऊपर के पदों पर बैठे लोग और प्रदेशाध्यक्ष किस तरह काम कर रहे हैं, इसकी सच्चाई से आलाकमान को अवगत कराना उनका फर्ज है. भले ही उनके पुराने सियासी इतिहास (जनता दल से बीजेपी और फिर कांग्रेस का सफर) को देखते हुए राजनीतिक गलियारों में ये कयास लगाए जा रहे थे कि वे कोई नया राजनीतिक रास्ता चुन सकते हैं, या फिर इन तीखे तेवरों के जरिए अपनी पसंद के जिलाध्यक्ष बनवाना चाहते हैं, लेकिन सिंह के इस ताज़ा वर्जन ने साफ कर दिया है कि वे घर के भीतर रहकर ही 'सुधार' की हुंकार भर रहे हैं.

निकाय चुनाव का दंगल और संगठन पर सीधा सवाल
मामला तब गरमाया जब भरतपुर और डीग की नगर पालिकाओं और नगर निगम चुनावों में बीजेपी ने अपना बोर्ड बना लिया और कांग्रेस पूरी तरह साफ हो गई. इस बंटाधार के बाद विश्वेंद्र सिंह ने खुलकर मोर्चा खोला और जिलाध्यक्षों पर पक्षपात का आरोप लगाया. विश्वेंद्र सिंह ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि भरतपुर के जिलाध्यक्ष दिनेश सूपा और राजीव सिंह कुम्हेर (जो गहलोत-डोटासरा गुट के करीबी माने जाते हैं) ने टिकट वितरण में जमीनी कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर सिर्फ अपने चहेतों को फायदा पहुंचाया.

मूक-बधिर नेतृत्व पर तंज
विश्वेंद्र सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और प्रदेश नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा था कि जब तक ऐसे लोग कुर्सियों पर बैठे हैं, पार्टी का उठना नामुमकिन है.

क्या डोटासरा-गहलोत गुट के सामने खड़ी होगी बड़ी चुनौती?
चूंकि दिनेश सूपा और राजीव सिंह कुम्हेर पार्टी के शीर्ष गुट (गहलोत-डोटासरा खेमे) के भरोसेमंद माने जाते हैं, ऐसे में विश्वेंद्र सिंह का ये दबाव साफ इशारा करता है कि पूर्वी राजस्थान में जाट राजनीति के बड़े केंद्र रहे विश्वेंद्र सिंह अब संगठन की कार्यशैली पर सीधा नियंत्रण या बदलाव चाहते हैं. भले ही वे पार्टी न छोड़ने का दावा कर रहे हों, लेकिन सीएम और गृह राज्यमंत्री के साथ उनके समीकरणों और इन बगावती बयानों ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह को सार्वजनिक कर दिया है.

 

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About the Author

जी राजस्थान में वरिष्ठ संवाददाता (कॉरेस्पॉन्डेंट) के रूप में कार्यरत देवेन्द्र सिंह पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 25 वर्षों से निरंतर सक्रिय हैं। जी मीडिया में वे पूर्वी राजस्थान के प्रमुख जिलों—भरतपुर और डीग—का प्रतिनिधित्व करते हैं। बात चाहे मेवात क्षेत्र में बढ़ते अपराध की हो या स्थानीय राजनीति की, देवेन्द्र सिंह हर खबर को निष्पक्षता के साथ ग्राउंड जीरो से कवर करते हैं।राजनीति, अपराध, खेल, पर्यटन, वन्यजीव (वाइल्डलाइफ) और अवैध खनन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी पकड़ है। शहरी निकायों के विकास से लेकर ग्रामीण अंचल की जमीनी समस्याओं तक, वे हर खबर को प्रमुखता से दर्शकों तक पहुँचाते हैं। इसके साथ ही भरतपुर व डीग क्षेत्र में आबकारी (Excise) और माइंस (Mining) सेक्टर से जुड़ी खबरों की भी वे विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग करते हैं।जी मीडिया समूह से जुड़ने से पहले देवेन्द्र सिंह दैनिक भास्कर और प्रमुख समाचार एजेंसी ANI में भी अपनी उत्कृष्ट सेवाएँ दे चुके हैं।
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