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Bharatpur News: भरतपुर में पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह के कांग्रेस छोड़ने के सोशल मीडिया पर किए गए ऐलान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. विश्वेन्द्र सिंह ने अपने एक्सक्लूसिव बयान में स्पष्ट किया है कि उन्होंने पार्टी छोड़ने के संकेत दिए हैं, लेकिन अभी कांग्रेस से इस्तीफा नहीं दिया है. सिंह ने कहा कि देर शाम तक वह प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी.
इधर, सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आ रही है कि कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने विश्वेन्द्र सिंह को फोन किया और उन्हें मनाने की कोशिश की. पार्टी के भीतर चल रही इस पूरी घटनाक्रम के बीच देर शाम तक तस्वीर साफ होने की संभावना जताई जा रही है. वहीं, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा भी पीसीसी पहुंच रहे हैं. ऐसे में विश्वेन्द्र सिंह के अगले कदम और कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
'स्वाभिमान की मौत मरना बेहतर'
विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में अपने सार्वजनिक जीवन और सिद्धांतों का जिक्र किया है. उन्होंने लिखा कि उनका सार्वजनिक जीवन खुली किताब और बेदाग रहा है. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने दामन पर कभी दाग नहीं लगने दिया और आगे भी ऐसा नहीं होने देंगे.
विश्वेंद्र सिंह ने लिखा कि ऐसी परिस्थिति में दम घुटने से मरने के बजाय स्वाभिमान की मौत मरना बेहतर है. उन्होंने अपने पुरखों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कभी ऐसी चीजों से समझौता नहीं किया और उन्हीं का अनुसरण करते हुए वह कांग्रेस को अलविदा कहना बेहतर समझते हैं.

'गलत रीति-नीति के साथ कदमताल नहीं कर पाऊंगा'
विश्वेंद्र सिंह ने अपने पोस्ट में कहा कि उन्होंने जीवन में हमेशा अपने इष्ट गिरिराज महाराज और अंतरात्मा की आवाज सुनकर ही फैसले लिए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ छुटभैये और तथाकथित नेताओं ने उनके बारे में अनर्गल बयान दिए, जिससे उनके कार्यकर्ताओं में आक्रोश है.
उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के लिए उन्होंने अपना जीवन न्यौछावर कर दिया, उसी पार्टी की ओर से उनकी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता का ऐसा सिला मिलने से वह अंदर से बहुत हिल गए हैं.
'चापलूसी की परंपरा से कार्यकर्ताओं में आक्रोश'
विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने हमेशा मान, सम्मान और स्वाभिमान के साथ जीवन जिया है और अपने उसूलों व आदर्शों से कभी समझौता नहीं किया. उन्होंने दावा किया कि मौजूदा चापलूसी की परंपरा के कारण उनके कार्यकर्ताओं में भी आक्रोश है.
उन्होंने कहा कि यदि सच को सच कहना और गलत व झूठ का साथ नहीं देना पाप है तो वह ऐसा हर बार करेंगे. उनका कहना है कि वह न गलत करते हैं और न ही गलत सहन करते हैं.
'जनता के लिए जीता हूं और मरूंगा'
विश्वेंद्र सिंह ने अपने सार्वजनिक जीवन को जनता की देन बताया. उन्होंने कहा कि वह जनता के लिए ही जीते हैं और उनके लिए ही मरेंगे. उन्होंने कहा कि उनके खून का हर कतरा उनके कार्यकर्ताओं, मतदाताओं, क्षेत्रवासियों और प्रदेशवासियों के लिए बहा है और आगे भी बहता रहेगा.