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झरने में डूबकर हुई थी दो दोस्तों की मौत: अब उनके घर जन्मे दो बेटे, जन्म के बीच भी ठीक 12 घंटे का अंतर

Rajasthan Rebirth Story: राजस्थान के मेड़ता क्षेत्र में दो दोस्तों की मौत के एक साल दो महीने 21 दिन बाद उनके परिवारों में खुशी लौटी है. दोनों दोस्तों की माताओं ने महज 12 घंटे के अंतर से दो बेटों को जन्म दिया. हादसे में दोनों दोस्तों की मौत के बाद परिवारों ने नसबंदी खुलवाने का फैसला किया था. अब जन्म के इस संयोग को परिवार और स्थानीय लोग दोनों दोस्तों का पुनर्जन्म मान रहे हैं.

झरने में डूबकर हुई थी दो दोस्तों की मौत: अब उनके घर जन्मे दो बेटे, जन्म के बीच भी ठीक 12 घंटे का अंतर
Image Credit: Istock

Rajasthan News: राजस्थान के मेड़ता क्षेत्र से सामने आई एक घटना इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. करीब एक साल दो महीने और 21 दिन पहले झरने में डूबने से जान गंवाने वाले दो दोस्तों के परिवारों में अब खुशियां लौटी हैं. खास बात यह है कि दोनों दोस्तों की माताओं ने महज 12 घंटे के अंतर से दो बेटों को जन्म दिया है. इस संयोग को परिवार और स्थानीय लोग दोनों दोस्तों का पुनर्जन्म मान रहे हैं. यह मामला मेड़ता के पास मोकलपुर और सातलावास गांवों से जुड़ा है. यहां रहने वाले नरेंद्र बेड़ा और नरेंद्र मुंवाल अपने दोस्त प्रदीप विश्नोई के साथ 14 जुलाई 2025 को चित्तौड़गढ़ स्थित निलिया महादेव झरने पर पिकनिक मनाने गए थे. इसी दौरान झरने में डूबने से तीनों दोस्तों की मौत हो गई थी.

14 जुलाई 2025 को हुआ था हादसा
जानकारी के मुताबिक हादसे में नरेंद्र बेड़ा का शव उसी दिन बरामद कर लिया गया था. इसके बाद उसी दिन उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया. वहीं नरेंद्र मुंवाल का शव करीब 12 घंटे बाद बरामद हुआ और उसका अंतिम संस्कार अगले दिन किया गया. इस हादसे से दोनों परिवारों को गहरा सदमा लगा था. करीब एक साल दो महीने और 21 दिन बाद अब दोनों परिवारों में एक ऐसा संयोग सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया. नरेंद्र बेड़ा की मां ने एक बेटे को जन्म दिया. इसके ठीक 12 घंटे बाद नरेंद्र मुंवाल की मां ने भी एक बेटे को जन्म दिया.

नसबंदी खुलवाकर दोबारा संतान का फैसला
परिजनों के मुताबिक, हादसे से पहले दोनों माताओं ने नसबंदी करा ली थी. बेटों की मौत के बाद परिवारों ने नसबंदी खुलवाने का फैसला किया. इसके बाद दोनों महिलाओं ने दोबारा गर्भधारण किया और अब उन्होंने बेटों को जन्म दिया है.

परिवार और ग्रामीण इसे मान रहे पुनर्जन्म
दोनों बच्चों के जन्म के समय में 12 घंटे का अंतर होने और दोनों का संबंध हादसे में जान गंवाने वाले दोस्तों के परिवारों से होने के कारण इलाके में इस घटना की खूब चर्चा है. परिवार और स्थानीय लोग इसे महज संयोग नहीं बल्कि दोनों दोस्तों के पुनर्जन्म से जोड़कर देख रहे हैं. जानकारी के लिए बता दें कि पुनर्जन्म की बात परिवार और स्थानीय लोगों की मान्यता है. जन्म के बीच 12 घंटे का अंतर और हादसे के बाद का समय एक संयोग के रूप में सामने आया है.

 

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About the Author

Ansh Raj

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अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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