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खैरथल-तिजारा जिले के तिजारा में नगर निकाय अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस ने बाजी मार ली है. काफी अटकलों और सियासी उठापटक के बाद कांग्रेस प्रत्याशी रामअवतार सैनी ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की. उन्होंने बीजेपी के प्रत्याशी सुभाष चंद सैनी को 2 वोट से हराया. चुनाव परिणाम सामने आने के बाद तिजारा में कांग्रेस का बोर्ड बन गया.
रामअवतार सैनी को मिले 18 वोट
अध्यक्ष पद के लिए हुए मतदान में कुल 35 पार्षदों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. कांग्रेस प्रत्याशी रामअवतार सैनी को 18 वोट मिले, जबकि बीजेपी प्रत्याशी सुभाष चंद सैनी के खाते में 16 मत आए. वहीं, एक वोट अवैध घोषित कर दिया गया. इस तरह रामअवतार सैनी ने बीजेपी प्रत्याशी को 2 वोट के अंतर से शिकस्त दी.
भारी हंगामे के बीच हुआ चुनाव
तिजारा में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर शुरुआत से ही राजनीतिक चर्चाओं का दौर जारी था. मुकाबला करीबी होने की वजह से दोनों ही दलों की निगाहें पार्षदों के वोटिंग पैटर्न पर टिकी थीं. चुनाव के दौरान भारी हंगामा भी देखने को मिला. तमाम सियासी अटकलों और खींचतान के बीच आखिरकार मतदान की प्रक्रिया पूरी हुई और नतीजे घोषित किए गए.
कांग्रेस पार्षदों पर बंदूक तानी गई, प्रताड़ित किया गया, डराया, धमकाया, बंधक बनाया गया।
राजस्थान के साथ हर हरियाणा और उत्तर प्रदेश की पुलिस ने तानाशाही बर्ताव किया।
लेकिन अंततः सत्य की जीत हुई, तिजारा में कांग्रेस विजयी हुई। pic.twitter.com/LPKa2hNIgE— Rajasthan PCC (@INCRajasthan) September 21, 2026
35 पार्षदों ने किया मतदान
तिजारा नगर निकाय में अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए कुल 35 पार्षदों ने मतदान किया. इनमें से 18 वोट कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में पड़े, जबकि 16 वोट बीजेपी प्रत्याशी को मिले. एक मत अमान्य होने के कारण उसे परिणाम में शामिल नहीं किया गया. परिणाम के बाद कांग्रेस खेमे में खुशी का माहौल देखने को मिला.
जिले में सिर्फ तिजारा में कांग्रेस का बोर्ड
तिजारा का चुनाव परिणाम खैरथल-तिजारा जिले की सियासत के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है. जिले में सिर्फ तिजारा में कांग्रेस का बोर्ड बना है. कांग्रेस प्रत्याशी रामअवतार सैनी की जीत के साथ ही पार्टी ने यहां नगर निकाय की कमान अपने हाथ में ले ली है. दूसरी ओर, बीजेपी प्रत्याशी सुभाष चंद सैनी को 16 वोट मिलने के बावजूद जीत नहीं मिल सकी. करीबी मुकाबले में महज दो वोटों के अंतर से तय हुआ यह परिणाम तिजारा की स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है.