राजस्थान के झुंझुनू में तीन बार प्रधान रह चुकीं सुशीला सीगड़ा की करीब 7 साल बाद कांग्रेस में वापसी से पार्टी में उत्साह का माहौल है, लेकिन इस वापसी पर सबसे ज्यादा खुशी मंडावा विधायक और कांग्रेस जिलाध्यक्ष रीटा चौधरी के चेहरे पर नजर आई. कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री स्वर्गीय रामनारायण चौधरी की 14वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा के बाद दोनों नेताओं के बीच जो तस्वीर सामने आई. उसने राजनीतिक चर्चाओं को नया विषय दे दिया.
श्रद्धांजलि सभा के बाद रीटा चौधरी ने सुशीला सीगड़ा को अपने परिवार के सदस्यों से मिलवाया. इस दौरान हंसी-खुशी के माहौल में रीटा ने सुशीला सीगड़ा को अपनी बड़ी बहन बताते हुए कहा कि ये मेरी खोई हुई बहन है. यह कहते हुए रीटा भावुक भी हो गईं. उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है और सुशीला सीगड़ा ने उन्हें संभाल लिया है. आपको बता दें कि रीटा चौधरी और सुशीला सीगड़ा लंबे समय तक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रही हैं.
रीटा चौधरी के साथ कई सालों तक राजनीतिक मतभेदों के चलते ही 7 साल पहले सुशीला सीगड़ा ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था और उनके सामने विधानसभा चुनाव भी लड़ा था. ऐसे में सात साल बाद सुशीला सीगड़ा की कांग्रेस में वापसी और रीटा चौधरी का यह अपनापन राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि, रीटा चौधरी ने इस पुराने राजनीतिक घटनाक्रम को किसी मनमुटाव के रूप में पेश करने के बजाय रिश्तों की सहजता पर जोर दिया.
उन्होंने कहा कि आज पुराने साथियों से मुलाकात हुई है. इनमें कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो बीच में साथ छोड़कर चले गए थे. इस मौके पर रीटा चौधरी यह कहने में भी नहीं हिचकिचाई कि इस साथ छोड़ने में उनकी खुद की भी कोई गलती रही होगी या फिर और कारण भी हो सकता है, लेकिन उनके बीच कभी मनभेद नहीं था. इस मौके पर रीटा चौधरी ने पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार पर भी निशाना साधा. उन्होंने राशन कार्ड का उदाहरण देते हुए परिवारवाद और कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया.
रीटा चौधरी ने कहा कि सुशीला सीगड़ा ने राशन कार्ड से जुड़ी बात कही थी और यह बात सही है कि शादी के बाद बेटियां दूसरे परिवार में चली जाती हैं. इसके बाद उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार का राशन कार्ड ऐसा है, जिसमें उनके दामाद के नाम भी जुड़ते जा रहे हैं. रीटा ने आरोप लगाया कि भाजपा में कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है. उन्होंने कहा कि यह उनकी पार्टी का आंतरिक मामला है, लेकिन कांग्रेस सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने और उन्हें आगे बढ़ाने में विश्वास करती है.
जिला परिषद के वार्ड नंबर 1 से मुस्लिम प्रत्याशी उतारे जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर रीटा चौधरी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए इसे उसकी मजबूरी बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धर्म और जाति के आधार पर लोगों के बीच भेदभाव की भावना भड़काने की कोशिश करती है, लेकिन चुनावी परिस्थितियों में अलग रुख अपनाती है। रीटा ने कहा कि एक ओर धर्म और जाति के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश की जाती है. वहीं चुनाव आने पर उन्हीं लोगों को गले लगाने का प्रयास होता है.
उन्होंने भाजपा की विचारधारा और उसके चुनावी व्यवहार के बीच अंतर होने का आरोप लगाया. इस दौरान रीटा चौधरी ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के पाकिस्तान संबंधी कथित बयान का भी जिक्र किया और भाजपा पर राजनीतिक फायदे के लिए अलग-अलग मुद्दों पर अलग रुख अपनाने का आरोप लगाया. ये आरोप रीटा चौधरी ने राजनीतिक बयानबाजी के दौरान लगाए हैं.